नई दिल्ली/ग्राउंड ब्यूरो — देश भर में मौसम का मिजाज तेजी से बदल रहा है और गूगल पर मानसून शब्द को लेकर पिछले चौबीस घंटों में भारी सर्च देखा गया है। आम लोग और किसान इस बात की जानकारी जुटा रहे हैं कि उनके इलाके में बारिश कब तक दस्तक देगी। मानसून के आने से गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद है और साथ ही खेती-किसानी का काम भी रफ्तार पकड़ेगा। मौसम विभाग के ताजा आंकड़ों के मुताबिक कई राज्यों में प्री-मानसून गतिविधियां शुरू हो चुकी हैं।
दक्षिण भारत से लेकर उत्तर भारत तक हर कोई आसमान में घिरते बादलों पर नजर बनाए हुए है। देश के कई हिस्सों में पिछले कुछ दिनों से प्री-मानसून बारिश ने लोगों को उमस भरी गर्मी से थोड़ी राहत दी है। हालांकि कुछ इलाकों में अभी भी तेज धूप और लू का असर बना हुआ है। किसान भाई अपने खेतों की जुताई और बुवाई के काम को लेकर मानसून की सही तारीख का इंतजार कर रहे हैं। सही समय पर बारिश होने से धान और अन्य फसलों की पैदावार बहुत अच्छी होती है।
किसानों के चेहरों पर लौटी उम्मीद की चमक
मानसून के समय पर आने की खबर से देश के अन्नदाताओं में खुशी की लहर दौड़ गई है। ग्रामीण इलाकों में खेती से जुड़े लोग लगातार रेडियो और मोबाइल पर मौसम की ताजा खबरें सुन रहे हैं। कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि अगर इस साल बारिश सामान्य रहती है तो फसलों का उत्पादन पिछले साल से बेहतर होगा। सरकार भी किसानों को समय पर खाद और बीज उपलब्ध कराने के लिए पूरी तैयारी कर चुकी है। पिछले साल के मुकाबले इस बार जल स्रोतों और बांधों में पानी का स्तर ठीक रहने की उम्मीद है।
शहरों में भी मानसून के आने को लेकर लोगों ने अपनी तैयारियां शुरू कर दी हैं। नगर निगम और स्थानीय प्रशासन जलभराव से निपटने के लिए नालों की सफाई के काम में जुटे हैं। पिछले सालों में बारिश के दौरान सड़कों पर पानी भरने से लोगों को भारी ट्रैफिक जाम का सामना करना पड़ा था। इस बार अधिकारी यह दावा कर रहे हैं कि जल निकासी के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं ताकि आम जनता को परेशानी न हो। लोग भी अपने घरों की छतों और ड्रेनेज सिस्टम को ठीक कराने में लगे हैं।
मौसम विभाग की ताजा चेतावनी और सलाह
मौसम विज्ञान केंद्र ने अगले कुछ दिनों के दौरान कई राज्यों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। तटीय इलाकों में मछुआरों को समुद्र में न जाने की सलाह दी गई है क्योंकि हवा की रफ्तार तेज हो सकती है। पहाड़ी राज्यों में भूस्खलन का खतरा भी बढ़ जाता है इसलिए वहां यात्रा करने वाले पर्यटकों को सावधानी बरतने के लिए कहा गया है। प्रशासन ने सभी संवेदनशील जगहों पर आपदा प्रबंधन टीमों को तैनात कर दिया है ताकि किसी भी आपात स्थिति से तुरंत निपटा जा सके।
आम नागरिकों के लिए यह समय विशेष सावधानी बरतने का है क्योंकि मौसम में बदलाव से बीमारियां भी तेजी से फैलती हैं। स्वास्थ्य विभाग ने लोगों को साफ पानी पीने और खानपान का ध्यान रखने की अपील की है। बिजली विभाग भी आंधी-तूफान के दौरान सुरक्षा के उपायों पर काम कर रहा है ताकि आपूर्ति लंबे समय तक बाधित न हो। द फ्रीलान्स की टीम देश के अलग-अलग हिस्सों से मानसून की पल-पल की जमीनी हकीकत आप तक पहुंचाती रहेगी।
बाजारों में मानसून से जुड़े सामानों की मांग बढ़ी
जैसे-जैसे मानसून नजदीक आ रहा है, बाजारों में छाते, रेनकोट और वॉटरप्रूफ जूतों की बिक्री में अचानक तेजी आ गई है। दुकानदारों का कहना है कि इस बार लोग पहले से ही मानसून की खरीदारी करने के लिए दुकानों पर पहुंच रहे हैं। बच्चों के स्कूलों के नए सत्र के साथ ही बारिश से बचने वाले सामानों का स्टॉक भी बाजारों में सज गया है। इलेक्ट्रॉनिक दुकानों में इनवर्टर और बैटरी की मांग भी बढ़ गई है क्योंकि बारिश के मौसम में बिजली कटने की समस्या आम हो जाती है।




