नई दिल्ली/ग्राउंड ब्यूरो — देश के सबसे अमीर कारोबारी मुकेश अंबानी की सफलता के पीछे कई बड़े रणनीतिक फैसले हैं। लेकिन बहुत कम लोग जानते हैं कि रिलायंस जियो जैसी विशाल कंपनी की नींव कैसे पड़ी थी। कुछ साल पहले घर पर इंटरनेट की खराब स्पीड से परेशान होकर मुकेश अंबानी की बेटी ईशा अंबानी ने एक शिकायत की थी। उस समय कॉलेज के काम के लिए इंटरनेट का ठीक से न चलना परिवार के लिए एक बड़ा संकेत बन गया। इस एक शिकायत ने मुकेश अंबानी को भारत की डिजिटल तस्वीर बदलने के लिए मजबूर कर दिया।
उस समय देश में इंटरनेट का इस्तेमाल बहुत महंगा था और स्पीड भी बहुत कम मिलती थी। लोग अपने फोन पर वीडियो देखने से पहले कई बार सोचते थे क्योंकि डेटा बहुत जल्दी खत्म हो जाता था। ईशा अंबानी की उस शिकायत ने मुकेश अंबानी के भीतर एक नई सोच को जन्म दिया। उन्होंने महसूस किया कि अगर उनके घर में ऐसी परेशानी है, तो आम आदमी की क्या हालत होगी। यहीं से भारत में डेटा की क्रांति लाने का विचार पक्का हुआ और रिलायंस जियो की रूपरेखा तैयार की गई।
जब देश में शुरू हुआ डेटा का महायुद्ध
मुकेश अंबानी ने बिना समय गंवाए टेलीकॉम सेक्टर में उतरने का पक्का मन बना लिया। उन्होंने भारी भरकम निवेश करके एक ऐसा नेटवर्क खड़ा किया जो सीधे तौर पर गांव-गांव तक पहुंच सके। जब साल 2016 में जियो ने बाजार में कदम रखा तो बाकी कंपनियों की नींद उड़ गई। लोगों को महीनों तक फ्री इंटरनेट और कॉलिंग की सुविधा दी गई। इस दांव ने देखते ही देखते करोड़ों नए ग्राहकों को अपने साथ जोड़ लिया। दूसरी कंपनियों को भी मजबूरन अपने रेट बहुत कम करने पड़े।
जियो की सफलता के बाद रिलायंस ने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा। कंपनी ने सिर्फ फोन कॉल और इंटरनेट तक खुद को सीमित नहीं रखा। इसके बाद रिलायंस रिटेल के जरिए बाजार में अपनी पकड़ और मजबूत की गई। हाल ही में ईशा अंबानी के नेतृत्व में रिलायंस रिटेल ने ब्यूटी सेगमेंट में भी बड़ा कदम बढ़ाया है। 'अजियो ब्यूटी' जैसे नए प्लेटफॉर्म लॉन्च करके कंपनी अब ऑनलाइन शॉपिंग बाजार में अपनी जड़ें गहरी कर रही है। इससे साफ होता है कि अंबानी परिवार अब देश के हर घर के सामान और जरूरत का हिस्सा बनना चाहता है।
जियो का अगला बड़ा कदम और उत्तराधिकार की योजना
जैसे-जैसे बाजार बदल रहा है, मुकेश अंबानी ने अपनी कंपनियों की कमान अगली पीढ़ी को सौंपनी शुरू कर दी है। हाल ही में जियो के आईपीओ से ठीक पहले एक बड़ा फैसला लिया गया। मुकेश अंबानी ने अपने बेटे आकाश अंबानी को जियो का नया कप्तान बनाते हुए पांच साल के लिए मैनेजिंग डायरेक्टर की जिम्मेदारी सौंपी है। आकाश अंबानी के कंधों पर अब इस विशाल नेटवर्क को और आगे ले जाने की बड़ी जिम्मेदारी है। कंपनी आने वाले दिनों में अपना आईपीओ लाने की तैयारी भी कर रही है, जिससे निवेशकों को भी बड़ा फायदा मिलने की उम्मीद है।
दूसरी तरफ, अगर अंबानी परिवार के कारोबार की तुलना करें तो बाजार में बहुत उतार-चढ़ाव देखने को मिले हैं। एक समय मुकेश अंबानी के भाई अनिल अंबानी भी देश के बड़े कारोबारियों में गिने जाते थे। लेकिन सही समय पर सही फैसले न ले पाने और बढ़ते कर्ज के कारण उनका कारोबार पिछड़ गया। इसके उलट, मुकेश अंबानी ने समय की नब्ज को पहचाना और तकनीक में सबसे आगे रहे। ईशा और आकाश जैसे बच्चों को सही समय पर कारोबार में लाकर उन्होंने यह साबित कर दिया कि दूर की सोच ही किसी साम्राज्य को ऊंचाइयों पर ले जा सकती है।
द फ्रीलान्स की अंतिम ग्राउंड पड़ताल और बाजार का हाल
आज स्थिति यह है कि मुकेश अंबानी देश और दुनिया के सबसे रसूखदार कारोबारियों में शामिल हैं। अदाणी समूह और अन्य बड़े औद्योगिक घरानों से कड़ी टक्कर के बावजूद रिलायंस ने अपनी बादशाहत कायम रखी है। चाहे टेलीकॉम सेक्टर हो, रिटेल बाजार हो या फिर आने वाले समय की डिजिटल तकनीक, अंबानी परिवार हर जगह आगे रहने की होड़ में है। ईशा अंबानी की उस एक छोटी सी शिकायत ने आज भारत के करोड़ों लोगों के हाथ में सस्ता इंटरनेट और स्मार्टफोन थमा दिया है। आने वाले दिनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि नई पीढ़ी इस विरासत को किस मुकाम तक ले जाती है।





