केरल से एक ऐसी अनोखी खबर सामने आई है जिसने सबको हैरान कर दिया है। राज्य के एक सड़सठ साल के बुजुर्ग ने किसी बड़ी ऑटोमोबाइल कंपनी की मदद के बिना घर पर ही इलेक्ट्रिक कार तैयार कर ली है। यह खास कार महज पांच रुपये के मामूली खर्च में साठ किलोमीटर तक का सफर आसानी से तय कर सकती है। बुजुर्ग की इस मेहनत का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। लोग इस देसी जुगाड़ और तकनीकी सोच की जमकर तारीफ कर रहे हैं। इस छोटी कार को बनाने में स्थानीय स्तर पर मिलने वाले सामान का इस्तेमाल किया गया है।
देशभर में इस समय गाड़ियों की बढ़ती कीमतें और पेट्रोल-डीजल के महंगे दाम आम आदमी की जेब पर भारी पड़ रहे हैं। ऐसे समय में इस बुजुर्ग का यह प्रयास उम्मीद की एक नई किरण लेकर आया है। रिपोर्ट के अनुसार इस गाड़ी को चलाने के लिए किसी महंगे चार्जिंग स्टेशन की जरूरत नहीं पड़ती है। इसे घर के साधारण बिजली कनेक्शन से ही आसानी से चार्ज किया जा सकता है। कम खर्च और आसान तकनीक के कारण यह गाड़ी छोटे शहरों और गांवों के रास्तों के लिए बहुत उपयोगी साबित हो सकती है।
घर पर तैयार इलेक्ट्रिक कार की खासियत
इस अनोखी इलेक्ट्रिक कार को बनाने वाले बुजुर्ग ने सुरक्षा और मजबूती का पूरा ध्यान रखा है। कार का ढांचा और डिजाइन इस तरह तैयार किया गया है कि यह आम आदमी की रोजमर्रा की जरूरतों को पूरा कर सके। हालांकि यह कार हाईवे की तेज रफ्तार के लिए नहीं बनी है, लेकिन गांव और कस्बे की सड़कों पर चलने के लिए यह एकदम सही है। इसमें बैठने वाले लोगों के लिए पर्याप्त जगह दी गई है और इसका वजन भी काफी कम रखा गया है। कम वजन होने के कारण बैटरी की क्षमता लंबे समय तक काम करती है और गाड़ी बेहतर माइलेज देती है।
दूसरी ओर ऑटोमोबाइल बाजार में पारंपरिक गाड़ियों की बात करें तो मंदी और तकनीकी खराबी के मामले भी लगातार सामने आ रहे हैं। हाल ही में एक अन्य खबर के मुताबिक सर्विस सेंटर में आग लगने के कारण एक ग्राहक की पूरी कार जलकर खाक हो गई थी। स्थिति यह थी कि ना तो ग्राहक को नई कार मिली और ना ही बीमा की पूरी रकम मिल पाई, जबकि बैंक की तरफ से हर महीने किस्त लगातार कट रही थी। ऐसे मामलों से परेशान होकर लोग अब खुद नए और सस्ते विकल्पों के बारे में सोच रहे हैं। यही वजह है कि घर पर बनी इन छोटी इलेक्ट्रिक गाड़ियों को लेकर लोगों का उत्साह लगातार बढ़ रहा है।
बाजार में मौजूद पारंपरिक गाड़ियों से तुलना
आज के समय में बाजार में मारुति जैसी कंपनियों की गाड़ियां भी मौजूद हैं जो बेहतर माइलेज और कम कीमत का दावा करती हैं। हाल ही में बाजार में आई एक नई मारुति कार चौंतीस किलोमीटर का माइलेज, छह एयरबैग और बेहतर ग्राउंड क्लीयरेंस के साथ साढ़े चार लाख रुपये से कम कीमत में मिल रही है। इसके अलावा टाटा जैसी कंपनियों की पुरानी और नई गाड़ियां भी बाजार में अपनी पकड़ बनाए हुए हैं। कारदेखो जैसे मंचों पर इन गाड़ियों की कीमतें, रिव्यू और स्पेसिफिकेशंस की लगातार समीक्षा की जाती है ताकि ग्राहकों को सही जानकारी मिल सके।
इसके बावजूद केरल के इस बुजुर्ग का प्रयास पूरी तरह अलग और प्रेरणादायक है। उन्होंने यह साबित कर दिया है कि अगर लगन सच्ची हो तो सीमित संसाधनों में भी बड़े काम किए जा सकते हैं। इस छोटी इलेक्ट्रिक कार ने देश के आम युवाओं और मेक इन इंडिया की सोच को एक नया आयाम दिया है। स्थानीय लोग इस बुजुर्ग को देखने और उनकी इस कार की सवारी करने के लिए दूर-दूर से आ रहे हैं। आने वाले समय में अगर सरकार ऐसे स्थानीय हुनरमंदों की मदद करे तो देश में सस्ते और टिकाऊ परिवहन के नए रास्ते खुल सकते हैं।
आम आदमी के लिए कम खर्च का नया विकल्प
बढ़ती महंगाई के दौर में जब हर चीज के दाम आसमान छू रहे हैं, तब पांच रुपये में साठ किलोमीटर चलने वाली यह कार एक बड़ा संदेश देती है। देश के ग्रामीण इलाकों में आज भी कई ऐसे लोग हैं जो महंगी गाड़ियां नहीं खरीद सकते हैं। ऐसे में यह देसी इलेक्ट्रिक कार उनके लिए सफर को आसान और सस्ता बना सकती है। बुजुर्ग ने यह दिखा दिया है कि पर्यावरण को नुकसान पहुंचाए बिना भी प्रदूषण मुक्त सफर का साधन तैयार किया जा सकता है। आने वाले दिनों में इस तकनीक को और बेहतर बनाने की योजना पर काम किया जा सकता है ताकि अधिक से अधिक लोगों को इसका फायदा मिल सके।






