लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी में कैसे भड़की हिंसा की आग?
पंजाब के फगवाड़ा में स्थित प्रतिष्ठित लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी (LPU) इन दिनों एक बड़े विवाद और हिंसक उपद्रव के कारण देश भर की सुर्खियों में है। संस्थान के विशाल परिसर में बीते दिनों जो कुछ भी हुआ, उसने न सिर्फ छात्रों की सुरक्षा पर सवाल खड़े किए हैं, बल्कि सोशल मीडिया के दौर में फर्जी खबरों के खतरनाक परिणामों को भी उजागर कर दिया है। विश्वविद्यालय परिसर में अचानक भड़की हिंसा ने देखते ही देखते विकराल रूप ले लिया, जिसके बाद पुलिस और प्रशासन को स्थिति संभालने के लिए भारी मशक्कत करनी पड़ी।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, इस पूरे बवाल की शुरुआत एक सोशल मीडिया मैसेज से हुई थी। रेडिट प्लेटफॉर्म पर एक स्क्रीनशॉट तेजी से वायरल हुआ, जिसमें दावा किया गया था कि यूनिवर्सिटी के गर्ल्स हॉस्टल-3 (GH-3) के अंदर एक पुरुष कर्मचारी ने छात्रा के साथ दुष्कर्म किया है और शिकायत करने के बावजूद वॉर्डन ने कोई कार्रवाई नहीं की। इस सनसनीखेज दावे ने देखते ही देखते छात्रों के एक बड़े वर्ग को गुस्से से भर दिया। हालांकि, बाद में यह पोस्ट डिलीट कर दी गई और पुलिस तथा यूनिवर्सिटी प्रशासन दोनों ने साफ कर दिया कि इस तरह की किसी भी घटना का कोई सबूत नहीं मिला है और यह पूरी तरह से एक झूठी अफवाह थी।
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इन्फ्लुएंसर मोहम्मद फरहत पर लगे गंभीर आरोप और वीडियो का सच
इस हिंसक प्रदर्शन के दौरान सोशल मीडिया पर सक्रिय रहने वाले और इसी यूनिवर्सिटी के पूर्व छात्र रहे मोहम्मद फरहत का नाम मुख्य रूप से सामने आया। यूनिवर्सिटी की एक छात्रा रम्या मिश्रा ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो साझा करते हुए आरोप लगाया कि फरहत ने जानबूझकर माहौल को भड़काया। छात्रा के मुताबिक, फरहत पहले डिवीजन ऑफ स्टूडेंट वेलफेयर (DSW) के कार्यालय में दाखिल हुआ और फिर बाहर से आए उपद्रवियों को अंदर बुलाने के लिए इशारे किए। इन लोगों ने परिसर के अंदर जमकर तोड़फोड़ की और सुरक्षा उपकरणों को भारी नुकसान पहुंचाया।
दूसरी ओर, आरोपी ठहराए गए मोहम्मद फरहत ने इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज किया है। इंस्टाग्राम पर अपना पक्ष रखते हुए फरहत ने कहा कि वह हिंसा फैलाने वालों में शामिल नहीं था, बल्कि वह तो उग्र भीड़ को शांत करवाने और उन्हें पीछे हटाने की कोशिश कर रहा था। फरहत का कहना है कि उसे जानबूझकर इस मामले में फंसाया जा रहा है और उसके पास अपने बचाव में कई वीडियो सबूत भी मौजूद हैं। यूनिवर्सिटी प्रशासन ने अब इस मामले में फरहत के शैक्षणिक रिकॉर्ड और उसकी भूमिका की गहन जांच शुरू कर दी है।
उपद्रव की आड़ में करोड़ों की लूट और बाहरी गुटों की एंट्री
यह प्रदर्शन सिर्फ छात्रों के गुस्से तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसका फायदा असामाजिक तत्वों और बाहरी युवकों ने उठाया। जांच में यह बात सामने आई है कि फगवाड़ा के करतारपुर और लॉ गेट के आसपास के इलाकों से आए कुछ बाहरी गुटों ने इस बवाल का फायदा उठाकर कैंपस के भीतर भारी लूटपाट की। यूनिवर्सिटी परिसर के अंदर बने यूनिमॉल में दुकान चलाने वाले एक व्यापारी ने दावा किया कि उसकी दुकान को निशाना बनाया गया और वहां से महंगे लैपटॉप तथा लेटेस्ट आईफोन सीरीज के कुल 118 से ज्यादा मोबाइल फोन चुरा लिए गए।
व्यापारी के अनुसार, इस लूटपाट में उसे करीब 14 करोड़ रुपये का भारी नुकसान हुआ है। जिन दुकानों को लूटा गया, वहां रखे अधिकांश लैपटॉप और गैजेट्स की कीमत काफी अधिक थी। छात्रों और दुकानदारों का कहना है कि प्रदर्शन के दौरान सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई थी, जिसका फायदा उठाकर बाहरी उपद्रवी अंदर घुस आए और उन्होंने न सिर्फ संपत्तियों को आग के हवाले किया, बल्कि कीमती सामान भी चुरा ले गए।
यूनिवर्सिटी प्रशासन और पुलिस की सख्त कार्रवाई
घटना की गंभीरता को देखते हुए लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी (LPU) प्रबंधन ने तुरंत कदम उठाते हुए तीन सदस्यीय एक उच्चस्तरीय अनुशासन समिति का गठन किया है। यह समिति सीसीटीवी फुटेज, वायरल वीडियो और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की मदद से उन 30 से 40 छात्रों की पहचान करने में जुटी है, जिन्होंने इस पूरी हिंसा में सक्रिय रूप से हिस्सा लिया था। पुलिस ने भी इस मामले में एफआईआर दर्ज कर ली है और दोषियों की धरपकड़ के लिए विशेष टीमें बनाई गई हैं।
"कैंपस में हुई तोड़फोड़ और आगजनी की घटना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। झूठी अफवाहों के आधार पर कुछ लोगों ने माहौल बिगाड़ने की कोशिश की। हम वीडियो फुटेज की मदद से हर एक उपद्रवी की पहचान कर रहे हैं और किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा।" — यूनिवर्सिटी प्रशासनिक सूत्र
फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है और यूनिवर्सिटी गेट पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। हालांकि, इस घटना ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि सोशल मीडिया पर बिना जांचे-परखे फैलाई जाने वाली फर्जी खबरें कितनी खतरनाक साबित हो सकती हैं। एक झूठी अफवाह ने न सिर्फ एक शिक्षण संस्थान की शांति को भंग किया, बल्कि करोड़ों की संपत्ति के नुकसान के साथ-साथ कई युवाओं के भविष्य को भी खतरे में डाल दिया है।








