फगवाड़ा (पंजाब): लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी (LPU) के विशाल और आधुनिक कैंपस में इन दिनों सन्नाटा पसरा हुआ है, लेकिन इस खामोशी के पीछे सुलगते सवालों के कई अंबार हैं। 'द फ्रीलान्स' की विशेष टीम जब जमीनी हकीकत टटोलने कैंपस के आसपास पहुंची, तो जो खुलासे सामने आए, वे बेहद चौंकाने वाले हैं। हमारी अब तक की पड़ताल और पुलिस सूत्रों से मिले इनपुट्स यह साफ करते हैं कि LPU परिसर में हुआ यह भयानक उपद्रव अचानक भड़का गुस्सा नहीं था, बल्कि इसे एक सुनियोजित साजिश के तहत अंजाम दिया गया था।
पांच दिन पहले लिखी गई थी अराजकता की इबारत
हमारी फील्ड इन्वेस्टिगेशन के मुताबिक, LPU के भीतर हिंसा और मॉल में तोड़फोड़ की स्क्रिप्ट पांच दिन पहले ही लिख दी गई थी। शुरुआती तकनीकी जांच में यह बात सामने आई है कि इस नापाक खेल की शुरुआत सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'Reddit' से हुई थी। गर्ल्स हॉस्टल के एक खास आईपी एड्रेस या वहां से जुड़े अकाउंट्स के जरिए सुनियोजित तरीके से कुछ भड़काऊ और फर्जी पोस्ट्स वायरल की गईं। इन पोस्ट्स का एकमात्र उद्देश्य छात्रों के एक बड़े वर्ग को उकसाना और यूनिवर्सिटी प्रशासन के खिलाफ माहौल तैयार करना था, ताकि कैंपस की शांति को भंग किया जा सके।
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मॉल में सुनियोजित लूटपाट: आईफोन और महंगे गैजेट्स बने निशाना
कैंपस के भीतर स्थित कमर्शियल मॉल और दुकानों में हुई तबाही का मंजर किसी सुनियोजित डकैती से कम नहीं था। चश्मदीदों और सीसीटीवी फुटेज के हवाले से जो तथ्य सामने आए हैं, वे रौंगटे खड़े कर देने वाले हैं। उपद्रवियों के हाथों में केवल लाठी-डंडे ही नहीं, बल्कि तलवारें तक देखी गईं। दुकानों के शटर तोड़कर अंदर घुसे हुड़दंगियों ने चुनिंदा ब्रांड्स को निशाना बनाया। सोनी प्लेस्टेशन (PS5), महंगे लैपटॉप, आईफोन और अन्य हाई-एंड इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स को करीने से गायब किया गया। यह इस बात का स्पष्ट प्रमाण है कि भीड़ का एक धड़ा केवल विरोध प्रदर्शन नहीं कर रहा था, बल्कि वह सुनियोजित लूटपाट के इरादे से घुसा था।
तीन छात्राओं के वायरल वीडियो और गहराता सस्पेंस
इस पूरे घटनाक्रम के केंद्र में तीन छात्राओं के कुछ वीडियो हैं जो इंटरनेट पर आग की तरह फैल गए। इन वीडियो में कथित तौर पर छात्राओं की संदिग्ध भूमिका और उकसावे की बातें सामने आ रही हैं। पंजाब पुलिस अब इन तीनों छात्राओं की पहचान और उनकी लोकेशन को खंगालने में जुटी है। क्या ये छात्राएं किसी बड़े सिंडिकेट का मोहरा थीं या फिर इनके खातों का इस्तेमाल करके साइबर वॉरफेयर खेला गया? पुलिस इस एंगल पर भी गहराई से काम कर रही है।
पंजाब में हाई अलर्ट और न्यायिक दखल की तैयारी
LPU की इस घटना के बाद पड़ोसी राज्य चंडीगढ़ स्थित पंजाब यूनिवर्सिटी (PU) प्रशासन भी पूरी तरह अलर्ट मोड पर आ गया है। PU प्रशासन ने परिसरों में सुरक्षा कड़ी करते हुए छात्रों और फैकल्टी को किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान न देने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत सुरक्षाबलों को देने की सख्त हिदायत दी है। वहीं दूसरी ओर, इस बात की भी प्रबल संभावना है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच के लिए उच्च न्यायालय में दायर याचिका पर जल्द ही सुनवाई होगी, जिसमें केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) से जांच कराने की मांग जोर पकड़ रही है।
द फ्रीलान्स का निष्कर्ष
लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी की यह घटना भारत के उच्च शिक्षण संस्थानों में सोशल मीडिया के खतरनाक दुरुपयोग और भीड़तंत्र की बढ़ती प्रवृत्ति का एक भयावह उदाहरण है। एक तरफ जहां पुलिस तकनीकी सर्विलांस और फोरेंसिक साक्ष्यों के आधार पर असली साजिशकर्ताओं तक पहुंचने की कोशिश कर रही है, वहीं दूसरी तरफ यह सवाल भी अनुत्तरित है कि आखिर इन युवा मस्तिष्कों को इस तरह की हिंसक वारूदी सुरंग पर चलने के लिए किसने मजबूर किया। 'द फ्रीलान्स' इस मामले की परतें आगे भी टटोलता रहेगा।








