त्योहारी सीजन से पहले मारुति की गाड़ियों के लिए उमड़ी भारी भीड़
भारतीय ऑटोमोबाइल बाजार में इन दिनों पैसेंजर गाड़ियों की मांग अपने चरम पर पहुंच चुकी है। खासकर त्योहारी सीजन के नजदीक आते ही ग्राहकों ने नई गाड़ियां खरीदने के लिए शोरूम का रुख करना शुरू कर दिया है। देश की सबसे बड़ी कार निर्माता कंपनी मारुति सुजुकी इंडिया लिमिटेड के लिए यह सीजन बेहद शानदार साबित हो रहा है। हालिया आंकड़ों के मुताबिक, अक्टूबर की शुरुआत तक कंपनी के पास विभिन्न मॉडलों की दो लाख से ज्यादा पेंडिंग बुकिंग्स जमा हो चुकी हैं। इतनी भारी डिमांड को पूरा करने के लिए कंपनी को अपने प्रोडक्शन प्लांट की रफ्तार भी बढ़ानी पड़ रही है ताकि ग्राहकों को लंबी वेटिंग लिस्ट का सामना न करना पड़े।
बाजार के जानकारों का मानना है कि कोरोना के बाद से पर्सनल मोबिलिटी को लेकर लोगों का रुझान लगातार मजबूत बना हुआ है। ऐसे में मारुति जैसी भरोसेमंद कंपनी की किफायती और बेहतरीन माइलेज देने वाली गाड़ियां ग्राहकों की पहली पसंद बनी हुई हैं। कंपनी का डीलर नेटवर्क इस समय जबरदस्त व्यस्तता का सामना कर रहा है और डिलीवरी के लिए मारामारी की स्थिति देखने को मिल रही है।
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नई मारुति ब्रेजा फेसलिफ्ट बनी ग्राहकों का सबसे बड़ा आकर्षण
इस पूरी बिक्री और बुकिंग के बवंडर में सबसे बड़ा नाम बनकर उभरी है कंपनी की लोकप्रिय कॉम्पैक्ट एसयूवी मारुति ब्रेजा। इस गाड़ी ने आते ही बाजार में ऐसा जादू चलाया है कि लोग इसे धड़ल्ले से बुक कर रहे हैं। रिपोर्ट के अनुसार, अकेले ब्रेजा फेसलिफ्ट की बुकिंग का आंकड़ा 95 हजार यूनिट्स के पार पहुंच चुका है और माना जा रहा है कि यह बहुत जल्द एक लाख के जादुई आंकड़े को भी पार कर जाएगी। सितंबर के महीने में ही इस दमदार एसयूवी की 15 हजार से ज्यादा यूनिट्स की रिकॉर्ड बिक्री दर्ज की गई है।
इस गाड़ी की लोकप्रियता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि कुल पेंडिंग बुकिंग्स में लगभग आधी हिस्सेदारी अकेली ब्रेजा की ही है। ग्राहकों के बीच इसका मस्कट लुक, शानदार फीचर्स और बेहतरीन माइलेज मुख्य आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं। मध्यम वर्ग से लेकर युवा वर्ग तक, हर कोई इस एसयूवी को अपने घर लाने के लिए बेताब दिखाई दे रहा है।
अंडरबॉडी सीएनजी टैंक और टर्बो इंजन का जादू
नई मारुति ब्रेजा की सफलता के पीछे इसके नए इंजन विकल्प और तकनीकी बदलावों का बड़ा हाथ है। कंपनी ने इस बार इस कॉम्पैक्ट एसयूवी में दो बड़े बदलाव किए हैं। पहला, इसमें 1.0 लीटर का नया और दमदार टर्बो पेट्रोल इंजन जोड़ा गया है। दूसरा और सबसे महत्वपूर्ण बदलाव इसके सीएनजी वेरिएंट में किया गया है, जो अब अंडरबॉडी टैंक के साथ आता है। इस नए डिजाइन की वजह से बूट स्पेस यानी डिग्गी में सामान रखने की जगह से कोई समझौता नहीं करना पड़ता, जो कि पहले सीएनजी कारों में एक बड़ी समस्या हुआ करती थी।
बुकिंग के रुझानों पर गौर करें तो सीएनजी वेरिएंट की हिस्सेदारी सबसे ज्यादा करीब 40 प्रतिशत है। इसके बाद 38 प्रतिशत हिस्सेदारी टर्बो पेट्रोल वेरिएंट की है, जबकि पारंपरिक 1.5 लीटर नेचुरली एस्पिरेटेड इंजन की हिस्सेदारी 22 प्रतिशत दर्ज की गई है। शहर की भागदौड़ और लंबी यात्राओं के लिए यह गाड़ी खरीदारों की कसौटी पर खरी उतर रही है।
शानदार माइलेज और किफायती कीमत का परफेक्ट कॉम्बो
भारतीय ग्राहकों के लिए किसी भी कार को खरीदने से पहले उसका माइलेज सबसे अहम पैमाना होता है, और यहीं पर मारुति ब्रेजा बाजी मार ले जाती है। ब्रेजा सीएनजी का शानदार माइलेज 26.9 किलोमीटर प्रति किलोग्राम तक का दावा किया जाता है, जो आज के समय में आसमान छूती ईंधन कीमतों के बीच ग्राहकों की जेब पर भारी राहत देता है। वहीं दूसरी ओर, इसका 1.0 लीटर टर्बो पेट्रोल इंजन लगभग 20.47 किलोमीटर प्रति लीटर का माइलेज देने में सक्षम है।
कीमत के मोर्चे पर भी यह गाड़ी बेहद प्रतिस्पर्धी है। नई मारुति सुजुकी ब्रेजा की शुरुआती एक्स-शोरूम कीमत करीब 7.5 लाख रुपये से शुरू होती है, जबकि इसके टॉप वेरिएंट की कीमत 13.70 लाख रुपये तक जाती है। कीमत और माइलेज का यह बेहतरीन संतुलन इसे अपने सेगमेंट की सबसे वैल्यू फॉर मनी एसयूवी बनाता है।
"ग्राहकों की तरफ से मिल रही इस जोरदार प्रतिक्रिया से साफ है कि हमारी गाड़ियों की डिजाइन, माइलेज और आधुनिक तकनीक बाजार में पूरी तरह सफल साबित हो रही है। त्योहारी सीजन को देखते हुए हमने उत्पादन क्षमता को बढ़ा दिया है ताकि समय पर डिलीवरी सुनिश्चित की जा सके।" — पार्थो बनर्जी, सीनियर एग्जीक्यूटिव ऑफिसर (मार्केटिंग एंड सेल्स), मारुति सुजुकी
बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए बढ़ाया गया कारों का प्रोडक्शन
ग्राहकों की बेहिसाब डिमांड और लंबी होती वेटिंग लिस्ट को देखते हुए मारुति सुजुकी ने अपनी उत्पादन नीति में बड़ा बदलाव किया है। कंपनी ने हरियाणा के अपने प्रमुख खरखौदा और अन्य प्लांट्स में वाहनों का निर्माण कार्य तेज कर दिया है। पहले जहां ब्रेजा की करीब 50 हजार यूनिट्स हर महीने तैयार की जा रही थीं, वहीं अब इसे बढ़ाकर 56 हजार यूनिट्स प्रति माह कर दिया गया है। कंपनी का मुख्य लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि त्योहारों के इस उल्लासपूर्ण माहौल में किसी भी ग्राहक को अपनी पसंदीदा गाड़ी पाने के लिए महीनों लंबा इंतजार न करना पड़े।
उत्पादन बढ़ने से डीलरों के पास स्टॉक की उपलब्धता बेहतर होगी, जिससे बिक्री के आंकड़ों में और अधिक उछाल देखने को मिल सकता है। ऑटो सेक्टर के जानकारों का मानना है कि आगामी हफ्तों में यह तेजी पूरी भारतीय अर्थव्यवस्था में ऑटोमोबाइल सेक्टर के अच्छे दिनों का संकेत दे रही है।
बलेनो की धमाकेदार बिक्री और सितंबर माह का ओवरऑल प्रदर्शन
सिर्फ एसयूवी सेगमेंट ही नहीं, बल्कि मारुति की अन्य गाड़ियां भी बाजार में शानदार प्रदर्शन कर रही हैं। कंपनी द्वारा हाल ही में लॉन्च की गई अपडेटेड बलेनो फेसलिफ्ट ने भी अपने पहले ही महीने में करीब 25 हजार यूनिट्स की बंपर बिक्री दर्ज कर ली है। यह साबित करता है कि भारतीय बाजार में प्रीमियम हैचबैक गाड़ियों की मांग आज भी उतनी ही मजबूत है जितनी पहले हुआ करती थी।
सितंबर के संपूर्ण प्रदर्शन की बात करें तो मारुति सुजुकी ने कुल 2,36,013 वाहनों की बिक्री दर्ज की है। इसमें घरेलू बाजार में बेची गई गाड़ियां, अन्य ओईएम निर्माताओं को सप्लाई किए गए वाहन और विदेशों में किया गया निर्यात शामिल है। घरेलू मार्केट में पैसेंजर व्हीकल की कुल बिक्री करीब 1.85 लाख यूनिट रही है, जबकि कंपनी का एक्सपोर्ट भी बढ़कर 44,219 यूनिट्स तक पहुंच गया है। विदेशी बाजारों में भी मारुति के वाहनों की मांग में करीब 5 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई है, जो वैश्विक स्तर पर भारतीय ऑटो मैन्युफैक्चरिंग की मजबूती को दर्शाती है।








