नई दिल्ली और गुवाहाटी ग्राउंड ब्यूरो — देश के करोड़ों किसानों के लिए एक बड़ी और अच्छी खबर सामने आई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कल असम के गुवाहाटी शहर से प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की बाइसवीं किस्त जारी करने वाले हैं। इस खास मौके पर देश के अलग-अलग राज्यों के किसानों के बैंक खातों में योजना की राशि सीधे डीबीटी यानी डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर के माध्यम से भेजी जाएगी। खेती-किसानी से जुड़े लोगों के लिए यह पैसा बीज, खाद और पानी की जरूरत को पूरा करने में बहुत काम आता है। पिछले कई सालों से यह योजना छोटे और सीमांत किसानों की आर्थिक मदद का एक बहुत बड़ा सहारा बन चुकी है।
सरकारी आंकड़ों के मुताबिक इस योजना के तहत हर साल किसानों को निश्चित राशि दी जाती है जो तीन अलग-अलग किस्तों में उनके खातों में पहुंचती है। कल जारी होने वाली यह बाइसवीं किस्त है जो देश के करोड़ों पात्र किसानों के चेहरों पर राहत की मुस्कान लाएगी। इस कार्यक्रम की सभी तैयारियां गुवाहाटी में पूरी कर ली गई हैं और स्थानीय प्रशासन तथा कृषि मंत्रालय के अधिकारी इस बड़े आयोजन को सफल बनाने में जुटे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस कार्यक्रम के दौरान देश के किसानों को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग और सीधे मंच से संबोधित भी करेंगे। किसानों को इस किस्त का बेसब्री से इंतजार था जो कल आखिरकार पूरा होने जा रहा है।
गुवाहाटी में मुख्य कार्यक्रम की तैयारियां
असम की राजधानी गुवाहाटी में इस राष्ट्रीय स्तर के कार्यक्रम के लिए एक बड़ा मंच तैयार किया गया है। उत्तर प्रदेश, बिहार, मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र समेत देश के कोने-कोने के किसान इस कार्यक्रम को डिजिटल माध्यम से देख और सुन सकेंगे। कृषि मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों ने बताया कि जिन किसानों ने अपना ई-केवाईसी और भूमि सत्यापन पूरा कर लिया है, केवल उनके खातों में ही यह पैसा भेजा जाएगा। सरकार ने पिछले कुछ महीनों में फर्जी और अपात्र लोगों को इस योजना से बाहर करने के लिए कई कड़े कदम उठाए हैं। यही वजह है कि इस बार सूची पूरी तरह साफ और पारदर्शी रखी गई है ताकि केवल असली किसानों तक ही मदद पहुंच सके।
स्थानीय स्तर पर कृषि विज्ञान केंद्रों और जिला प्रशासन के कार्यालयों में भी विशेष कैंप लगाए गए हैं। अगर किसी किसान के खाते में पिछले समय में कोई तकनीकी दिक्कत आई थी, तो उसे ठीक करने के लिए बैंक और डाकघर के कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है। ग्रामीण इलाकों में किसानों के बीच इस बात को लेकर काफी उत्साह देखा जा रहा है। कई किसानों का कहना है कि यह पैसा उनके खेतों में धान और गेहूं की अगली फसल की बुवाई के समय बहुत बड़ी राहत साबित होगा। खाद और कीटनाशक खरीदने के लिए उन्हें अब स्थानीय साहूकारों से कर्ज नहीं लेना पड़ता है।
किसानों के खातों में कैसे पहुंचेगी राशि
प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत मिलने वाली यह बाइसवीं किस्त पूरी तरह डिजिटल प्रक्रिया के जरिए बांटी जाएगी। जैसे ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गुवाहाटी के मंच से बटन दबाएंगे, वैसे ही कंप्यूटर सिस्टम के जरिए पैसा सीधे किसानों के बैंक खातों में पहुंचना शुरू हो जाएगा। किसानों के मोबाइल फोन पर बैंक की तरफ से तुरंत पैसे आने का मैसेज भी आ जाएगा। जिन लोगों का आधार कार्ड उनके बैंक खाते और पीएम किसान पोर्टल से लिंक है, उन्हें इस प्रक्रिया में किसी भी तरह की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा। सरकार ने स्पष्ट किया है कि बिचौलियों की इस पूरी व्यवस्था में कोई जगह नहीं है।
ग्रामीण भारत में इस योजना का प्रभाव लगातार सकारात्मक रूप से देखा जा रहा है। अर्थशास्त्रियों का मानना है कि इस तरह की सीधी नकदी सहायता से ग्रामीण बाजारों में नकदी का प्रवाह बढ़ता है। जब किसानों के पास पैसे होते हैं तो वे स्थानीय दुकानों से सामान खरीदते हैं जिससे छोटे व्यापारियों को भी फायदा मिलता है। कल होने वाले इस कार्यक्रम को लेकर देश भर के कृषि विभागों को अलर्ट पर रखा गया है ताकि किसी भी किसान को भुगतान से जुड़ी समस्या न आए।
हेल्पलाइन और शिकायत निवारण की व्यवस्था
सरकार ने इस योजना के तहत किसी भी तकनीकी समस्या के समाधान के लिए विशेष हेल्पलाइन नंबर भी जारी किए हैं। अगर किसी किसान को कल पैसे मिलने में कोई दिक्कत आती है, तो वे तुरंत अपने जिले के कृषि कार्यालय या पीएम किसान पोर्टल पर संपर्क कर सकते हैं। अधिकारियों का कहना है कि किसानों की हर छोटी-बड़ी समस्या का समाधान प्राथमिकता के आधार पर किया जाएगा। देश के मेहनतकश किसानों के लिए यह दिन एक बड़े त्योहार की तरह है जब सरकार उनके खातों में सीधे आर्थिक मदद भेज रही है।









