नई दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर इस समय यात्रियों की लंबी कतारें और अनिश्चितता का माहौल है। सऊदी अरब जाने का सपना देख रहे हजारों यात्रियों को तगड़ा झटका लगा है। एयर इंडिया, एयर इंडिया एक्सप्रेस और इंडिगो जैसी प्रमुख एयरलाइंस ने मध्य पूर्व के हालात और सुरक्षा चिंताओं को देखते हुए अपनी उड़ानें रोक दी हैं। यह फैसला अचानक लिया गया है जिससे यात्रियों की मुश्किलें काफी बढ़ गई हैं। जो लोग नौकरी या कारोबार के सिलसिले में सऊदी अरब जाने वाले थे, वे अब एयरपोर्ट पर फंसे नजर आ रहे हैं। एयरलाइंस कंपनियों ने स्पष्ट किया है कि यात्रियों की सुरक्षा उनके लिए सबसे पहले आती है। इसी वजह से यह कड़ा और बड़ा फैसला लेना पड़ा है।
ताजा आदेश के मुताबिक एयर इंडिया और एयर इंडिया एक्सप्रेस ने सऊदी अरब के प्रमुख शहरों के लिए अपनी सभी उड़ानें बीस अक्टूबर तक पूरी तरह रद्द कर दी हैं। वहीं दूसरी ओर इंडिगो एयरलाइन ने भी अपनी उड़ानों पर रोक चौबीस अक्टूबर तक बढ़ा दी है। इस रोक के दायरे में रियाद, जेद्दा और दम्माम जैसे बड़े और व्यस्त शहर शामिल हैं। इन शहरों के लिए हर दिन हजारों लोग भारत के अलग-अलग राज्यों से उड़ान भरते थे। अचानक आई इस रुकावट ने ट्रेवल एजेंटों और एयरलाइंस के बुकिंग काउंटर पर भारी भीड़ पैदा कर दी है। यात्री यह जानने की कोशिश कर रहे हैं कि उनके पैसे कब वापस मिलेंगे और वे दोबारा कब सफर कर पाएंगे।
रियाद, जेद्दा और दम्माम की उड़ानों पर सबसे बड़ा असर
सऊदी अरब की राजधानी रियाद और व्यापारिक केंद्र जेद्दा के लिए भारत से सबसे ज्यादा विमान उड़ान भरते हैं। इन उड़ानों के अचानक बंद होने से उन परिवारों को भारी परेशानी हुई है जिनके अपने लोग वहां रहते हैं। कई यात्री ऐसे हैं जो छुट्टियां मनाकर वापस लौट रहे थे या जिन्हें नए वीजा पर तुरंत ज्वाइन करना था। एयर इंडिया के अधिकारियों का कहना है कि स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। जैसे ही हालात सामान्य होंगे, उड़ानों को फिर से शुरू करने का नया शेड्यूल जारी किया जाएगा। लेकिन तब तक के लिए यात्रियों को अपनी यात्रा टालनी ही होगी। एयरपोर्ट पर मदद के लिए विशेष काउंटर बनाए गए हैं जहां लोगों की शिकायतों को सुना जा रहा है।
यात्रियों के मन में सबसे बड़ा सवाल यह है कि उन्होंने जो टिकट बुक कराए थे, उनका क्या होगा। एयरलाइंस कंपनियों ने राहत की खबर देते हुए कहा है कि सभी प्रभावित यात्रियों को टिकट का पूरा रिफंड यानी पूरा पैसा वापस मिलेगा। इसके लिए यात्रियों को किसी भी तरह के अतिरिक्त शुल्क या कैंसिलेशन चार्ज का भुगतान नहीं करना होगा। जिन लोगों ने ऑनलाइन टिकट बुक किए थे, उनके खातों में पैसे स्वतः वापस आने लगे हैं। ट्रेवल एजेंटों के जरिए बुकिंग कराने वाले यात्रियों को अपने एजेंट से संपर्क करने की सलाह दी गई है। एयरलाइंस का कहना है कि वे इस मुश्किल समय में अपने ग्राहकों के साथ पूरी तरह खड़े हैं और पैसों की वापसी की प्रक्रिया को बहुत आसान बना दिया गया है।
सुरक्षा कारणों से बदला गया विमानों का पूरा रूट
विमानन क्षेत्र से जुड़े जानकारों का मानना है कि मध्य पूर्व के देशों में चल रहे तनाव के कारण यह कदम उठाना जरूरी हो गया था। कई अंतरराष्ट्रीय एयरलाइंस ने भी इस क्षेत्र से गुजरने वाले अपने रूट बदल दिए हैं या उड़ानों को अस्थायी तौर पर रोक दिया है। भारतीय विमानन कंपनियों ने भी यात्रियों की जान जोखिम में न डालने का फैसला करते हुए अपनी उड़ानें स्थगित कर दी हैं। इस फैसले से हालांकि कंपनियों को बड़ा आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है, लेकिन सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जा रहा है। सुरक्षा एजेंसियों की हरी झंडी मिलने के बाद ही विमानों का परिचालन दोबारा शुरू किया जाएगा, जिसमें अभी कुछ हफ्तों का समय और लग सकता है।
जमीनी हकीकत यह है कि इस अचानक हुए बदलाव से नौकरीपेशा लोगों और छात्रों को अपनी योजनाएं बदलनी पड़ रही हैं। कई लोगों की परीक्षाएं और इंटरव्यू छूट गए हैं तो कई लोगों के दफ्तर का काम रुक गया है। एयरलाइंस कंपनियों ने यात्रियों से अपील की है कि वे एयरपोर्ट आने से पहले अपनी उड़ान की स्थिति जरूर जांच लें। एयरलाइन की आधिकारिक वेबसाइट और मोबाइल ऐप पर लगातार अपडेट दिए जा रहे हैं ताकि किसी को भी अनावश्यक परेशानी न उठानी पड़े। सऊदी अरब जाने वाले मुसाफिरों को अब अक्टूबर के आखिरी हफ्ते तक का इंतजार करना होगा, तभी जाकर स्थिति पूरी तरह साफ हो पाएगी।
आगे की यात्रा और रिफंड प्रक्रिया से जुड़ी जरूरी बातें
यदि आपने भी सऊदी अरब के लिए आने वाले दिनों का टिकट बुक करा रखा था, तो आपको परेशान होने की जरूरत नहीं है। एयर इंडिया और इंडिगो के ग्राहक सेवा केंद्र चौबीस घंटे काम कर रहे हैं। आप फोन या ईमेल के जरिए अपने रिफंड का स्टेटस जान सकते हैं। कई यात्रियों को वैकल्पिक उड़ानों का विकल्प भी दिया जा रहा है, हालांकि वे उड़ानें कब शुरू होंगी इसकी कोई पक्की तारीख अभी सामने नहीं आई है। एयरपोर्ट प्रशासन ने भी यात्रियों से संयम रखने की अपील की है क्योंकि यह स्थिति किसी एक एयरलाइन के हाथ में नहीं बल्कि अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा नियमों से जुड़ी हुई है।






