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सुबह उठते ही लाल हो जाती हैं आंखें? डॉक्टर श्रेया गुप्ता से जानें इसके पीछे की खतरनाक वजहें और बचाव के उपाय

सुबह सोकर उठने के बाद कई लोगों की आंखें लाल नजर आती हैं, जो कभी-कभी किसी बड़ी मेडिकल परेशानी का इशारा हो सकती हैं। श्री बालाजी एक्शन मेडिकल इंस्टीट्यूट की कंसलटेंट नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. श्रेया गुप्ता ने इसके मुख्य कारणों और बचाव के तरीकों के बारे में विस्तार से बताया है।
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टेक एवं ऑटोमोबाइल डेस्क, द फ्रीलांस
तकनीक व ऑटोमोबाइल डेस्क•30 सितंबर 2026 • अपडेटेड•51
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सुबह उठते ही लाल हो जाती हैं आंखें? डॉक्टर श्रेया गुप्ता से जानें इसके पीछे की खतरनाक वजहें और बचाव के उपाय
📷 सुबह उठते ही लाल हो जाती हैं आंखें? डॉक्टर श्रेया गुप्ता से जानें इसके पीछे की खतरनाक वजहें और बचाव के उपाय — मुख्य घटनाक्रमफोटो साभार: रॉयटर्स / एजेंसीज़ / सोशल मीडिया

खबर की बड़ी बातें (Key Highlights)

  • सोते समय आंखों में नमी की कमी यानी ड्राइनेस होना सुबह के वक्त रेडनेस का सबसे बड़ा कारण बनता है।
  • बेडरूम में धूल, परागकण या पालतू जानवरों के बाल जैसी एलर्जी पैदा करने वाली चीजें इस समस्या को बढ़ा देती हैं।
  • पंखे या एसी की सीधी हवा में सोना भी आंखों को शुष्क कर देता है जिससे सुबह उठते ही जलन महसूस होती है।

आज के भागदौड़ भरे जीवन में स्क्रीन का अत्यधिक उपयोग हमारी सेहत पर बुरा असर डाल रहा है। सुबह जब हम नींद से जागते हैं, तो शरीर तरोताजा महसूस होना चाहिए, लेकिन कई बार हमारी आंखें लाल, सूखी और थकी हुई नजर आती हैं। यह स्थिति सिर्फ शारीरिक थकान का नतीजा नहीं होती, बल्कि इसके पीछे कई छुपे हुए चिकित्सीय कारण भी हो सकते हैं। इस विषय पर हमने श्री बालाजी एक्शन मेडिकल इंस्टीट्यूट, दिल्ली की कंसलटेंट - ऑप्थैल्मोलॉजी (नेत्र रोग विशेषज्ञ) डॉ. श्रेया गुप्ता से खास बातचीत की और यह जानने की कोशिश की कि आखिर सुबह के वक्त आंखें क्यों लाल हो जाती हैं।

आंखों के लाल होने की समस्या को हल्के में न लें

विशेषज्ञों का मानना है कि सुबह उठने पर कभी-कभार आंखों में हल्की लाचारी या रेडनेस होना आम बात है और यह हमेशा किसी गंभीर बीमारी का संकेत नहीं होती है। हालांकि, यदि यह समस्या आपके साथ रोजाना हो रही है या इसके साथ आंखों में तेज दर्द, लगातार पानी बहना, चिपचिपा डिस्चार्ज या धुंधला दिखाई देना जैसी परेशानियां जुड़ जाती हैं, तो आपको तुरंत सतर्क हो जाना चाहिए। ऐसी स्थिति में घरेलू नुस्खे अपनाने के बजाय किसी योग्य नेत्र रोग विशेषज्ञ से मिलकर अपनी आंखों की पूरी जांच करवानी बेहद जरूरी हो जाती है।

डॉक्टर श्रेया गुप्ता के मुताबिक, हमारी आंखें बहुत ही संवेदनशील अंग हैं। जब हम रात को सोते हैं, तो पलकें लंबे समय तक बंद रहती हैं। इस दौरान अगर आंखों को पर्याप्त पोषण और नमी न मिले, तो सुबह उठते ही कई तरह की दिक्कतें सामने आने लगती हैं। लोग अक्सर इसे नजरअंदाज कर देते हैं, लेकिन लंबे समय तक अनदेखी करना आंखों की रोशनी पर भारी पड़ सकता है।

सुबह उठते ही लाल हो जाती हैं आंखें? डॉक्टर श्रेया गुप्ता से जानें इसके पीछे की खतरनाक वजहें और बचाव के उपाय
📷 सुबह उठने पर आंखों में लालिमा और ड्राइनेस से बचने के लिए डॉक्टर की सलाह लेना बेहद जरूरी है।

सोते समय आंखों में नमी की कमी यानी 'ड्राइनेस' का खतरा

सुबह उठने पर आंखें लाल होने का सबसे प्रमुख कारण आंखों का सूखापन या ड्राइनेस है। जब आप सो रहे होते हैं, तो आपकी आंखें कई घंटों तक बंद रहती हैं। इस दौरान टियर फिल्म यानी आंसुओं की वह पतली परत जो आंखों को नम रखती है, उसका उत्पादन धीमा हो सकता है या वाष्पीकरण बढ़ सकता है। नमी (लुब्रिकेशन) की इस कमी के कारण सुबह के वक्त आंखों में तीव्र सूखापन, चुभन और जलन महसूस होने लगती है, जिससे वे लाल हो जाती हैं।

ड्राइनेस की इस समस्या को हवा का सीधा प्रभाव और भी गंभीर बना देता है। उदाहरण के लिए, यदि आप रात भर पंखे या एयर कंडीशनर (AC) की तेज हवा के सामने सोते हैं, या जिस कमरे में आप सो रहे हैं वहां हवा में नमी (humidity) बहुत कम है, तो आंसुओं की नमी बहुत जल्दी सूख जाती है। इसके अलावा, कुछ खास तरह की दवाइयों का सेवन भी शरीर और आंखों में सूखेपन की शिकायत को बढ़ाने का काम करता है।

"सुबह उठने पर आंखें लाल होना चिंता का विषय बन सकता है, हालांकि कभी-कभार होने वाली रेडनेस हमेशा किसी गंभीर समस्या की ओर इशारा नहीं करती। फिर भी, अगर यह बार-बार हो या इसके साथ दर्द और डिस्चार्ज जैसी दिक्कतें हों, तो डॉक्टर से संपर्क करना अनिवार्य है।" — डॉ. श्रेया गुप्ता, कंसलटेंट नेत्र रोग विशेषज्ञ, श्री बालाजी एक्शन मेडिकल इंस्टीट्यूट, दिल्ली

बेडरूम का माहौल और एलर्जी का खतरनाक कॉम्बिनेशन

ड्राई आइज के अलावा, सुबह के वक्त आंखें लाल होने के पीछे एलर्जी की एक बड़ी भूमिका होती है। हमारे बेडरूम का वातावरण कई बार अनजाने में एलर्जी पैदा करने वाले तत्वों (Allergens) से भरा होता है। धूल के सूक्ष्म कण, पराग (पोलन), बिस्तर पर जमा होने वाले डस्ट माइट्स, या घर में पल रहे पालतू जानवरों की रूसी (डैंडर) इसके मुख्य स्रोत होते हैं। जब आप सोते समय इन तत्वों के संपर्क में लंबे समय तक रहते हैं, तो आंखों में सूजन पैदा हो जाती है।

एलर्जी के कारण न केवल आंखें लाल होती हैं, बल्कि उनमें असहनीय खुजली, सूजन और लगातार पानी आने की शिकायत भी हो जाती है। कई लोगों को बिस्तर पर बिछी चादरों, तकिए के गिलाफ या कमरों के पर्दों पर जमी धूल से ऐसी समस्या खास तौर पर सुबह के वक्त ही महसूस होती है। इसलिए अपने बेडरूम की साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखना और हवा की गुणवत्ता को सुधारना बेहद आवश्यक है।

स्क्रीन टाइम और लाइफस्टाइल से जुड़ी अन्य वजहें

आज की डिजिटल जीवनशैली में लोग सोने से ठीक पहले तक मोबाइल, लैपटॉप या टीवी की स्क्रीन से चिपके रहते हैं। स्क्रीन देखते समय हमारी पलकें झपकने की गति (blinking rate) बहुत कम हो जाती है, जिससे आंखों की नमी तेजी से खत्म होती है। यह दिनभर का तनाव और खिंचाव रात भर में और गहरा हो जाता है, जिसका असर सुबह के वक्त आंखों की लालिमा के रूप में सामने आता है। इसके अलावा, पर्याप्त नींद न लेना, तनाव और खानपान में पोषक तत्वों की कमी भी इस समस्या को बढ़ावा देती है।

बचाव के आसान उपाय और डॉक्टर की सलाह

अपनी आंखों को स्वस्थ रखने और सुबह होने वाली इस रेडनेस से बचने के लिए कुछ जरूरी सावधानियां बरती जा सकती हैं। सबसे पहले, सोते समय कमरे में पंखे या एसी की सीधी हवा सीधे चेहरे या आंखों पर न पड़ने दें। अपने बेडरूम को धूल-मुक्त रखें और नियमित रूप से चादर-तकिए के गिलाफ बदलते रहें। यदि आपको ड्राई आइज की समस्या है, तो डॉक्टर की सलाह से लुब्रिकेंट आई ड्रॉप्स का इस्तेमाल किया जा सकता है। सोने से कम से कम एक घंटा पहले मोबाइल और टीवी स्क्रीन से दूरी बना लें, ताकि आपकी आंखों को पूरी तरह आराम मिल सके। यदि इसके बाद भी आपकी आंखें लगातार लाल रहती हैं, तो किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरतते हुए तुरंत विशेषज्ञ चिकित्सक से मिलें।

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