अंतरराष्ट्रीय विमानन क्षेत्र लॉजिस्टिक चुनौतियों, बेड़े के रख-रखाव में देरी और बढ़ते परिचालन खर्चों के एक जटिल जाल का सामना कर रहा है।
मुख्य बातें
- वाणिज्यिक विमानों की डिलीवरी में देरी।
- जेट ईंधन की लागत में वृद्धि।
नियामक निकायों द्वारा स्थिति पर कड़ी नजर रखी जा रही है।







