नई दिल्ली/ग्राउंड ब्यूरो — यमन के हूती विद्रोहियों ने मध्य पूर्व में तनाव को एक बार फिर खतरनाक स्तर पर पहुंचा दिया है। सऊदी अरब की राजधानी रियाद के अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर हूती लड़ाकों ने एक भयानक मिसाइल दागी है। जिस वक्त यह हमला हुआ, उस समय हवाई अड्डे पर दर्जनों हज यात्री फ्लाइट के लिए अपनी बोर्डिंग लाइन में खड़े थे। अचानक हुए इस मिसाइल हमले से पूरे एयरपोर्ट परिसर में अफरा-तफरी मच गई और चारों तरफ धुआं उठने लगा। इस घटना के कई खौफनाक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं, जिनमें लोगों को अपनी जान बचाकर भागते हुए साफ देखा जा सकता है।
इस ताजा हमले के बाद हूती विद्रोहियों ने सऊदी अरब और उसके पड़ोसी देशों के लिए एक बेहद कड़ी चेतावनी जारी की है। विद्रोही संगठन ने साफ कह दिया है कि मक्का और मदीना को छोड़कर देश के बाकी सभी एयरपोर्ट्स अब उनके सीधे निशाने पर हैं। उन्होंने यात्रियों और विमानन कंपनियों को चेतावनी दी है कि वे सऊदी अरब के किसी भी हवाई अड्डे की तरफ सफर करने से बचें। इस खुली धमकी के बाद से खाड़ी देशों में सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह हाई अलर्ट पर आ गई हैं और उड़ानों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं.
सऊदी अरब की घेराबंदी और यमन का युद्ध
विश्लेषकों का मानना है कि यमन के लंबे और खूनी युद्ध में सऊदी अरब की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं। कभी इस सैन्य गठबंधन में साझीदार रहा संयुक्त अरब अमीरात यानी यूएई पहले ही अपने रणनीतिक फैसले बदलते हुए इस लड़ाई से अलग हो चुका है। इसके अलावा, पश्चिमी देशों और अमेरिका से भी सऊदी अरब को वैसी सीधी मदद नहीं मिल रही है जैसी पहले मिलती थी। इस कूटनीतिक अकेलेपन का फायदा उठाकर हूती विद्रोही लगातार सऊदी धरती पर अंदर तक हमले करने में कामयाब हो रहे हैं, जिससे क्षेत्रीय सुरक्षा पर बड़ा संकट पैदा हो गया है।
ताजा आंकड़ों के मुताबिक, हूती विद्रोहियों के इन ताबड़तोड़ हमलों में यमन के अंदर भी भारी जानमाल का नुकसान हुआ है। हालिया झड़पों और हमलों में यमन के कम से कम 58 सैनिकों की मौत की खबर सामने आई है, जबकि सऊदी सीमा के भीतर भी कई लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं। कई इलाकों में तेल रिफाइनरी और सैन्य ठिकानों पर हमले के बाद भीषण आग लगने की तस्वीरें भी सामने आई हैं। स्थानीय प्रशासन आग बुझाने और राहत कार्यों में जुटा हुआ है, लेकिन लगातार हो रहे हमलों के कारण हालात बेहद तनावपूर्ण बने हुए हैं।
हज यात्रियों की सुरक्षा पर मंडराया बड़ा खतरा
रियाद एयरपोर्ट पर हुए इस हमले ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नींद उड़ा दी है क्योंकि वहां आम नागरिक और धार्मिक यात्रा पर आए हज यात्री मौजूद थे। यात्रियों को निशाना बनाए जाने के बाद दुनियाभर के देशों ने इस पर कड़ी चिंता जताई है। नागरिक उड्डयन विशेषज्ञों का कहना है कि यदि हवाई अड्डों और नागरिक उड़ानों को युद्ध का निशाना बनाया गया, तो पूरी वैश्विक हवाई यात्रा व्यवस्था खतरे में पड़ जाएगी। भारत और अन्य एशियाई देशों के लिए भी यह चिंता का विषय है क्योंकि लाखों लोग हर साल इस रास्ते से यात्रा करते हैं।
जमीनी हालात पर नजर रखने वाले जानकारों का कहना है कि यमन संकट का कोई आसान कूटनीतिक समाधान फिलहाल दूर-दूर तक नजर नहीं आ रहा है। सऊदी अरब अपनी सुरक्षा और सीमाओं की रक्षा के लिए जवाबी कार्रवाई कर रहा है, लेकिन हूती विद्रोहियों के पास ड्रोन और मिसाइलों का बड़ा जखीरा होने के कारण वे लगातार नुकसान पहुंचा रहे हैं। रियाद एयरपोर्ट की घटना ने साबित कर दिया है कि यह संघर्ष अब केवल सैन्य चौकियों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि आम नागरिकों के जीवन को भी सीधे तौर पर लीलने की कगार पर पहुंच चुका है।
क्षेत्रीय शांति के लिए आगे की बड़ी चुनौतियां
द फ्रीलान्स की ग्राउंड पड़ताल बताती है कि खाड़ी देशों में शांति स्थापित करने के सभी प्रयास फिलहाल कमजोर पड़ते दिख रहे हैं। अमेरिका और संयुक्त राष्ट्र के तमाम प्रयासों के बावजूद हूती विद्रोही अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहे हैं और वे अपनी ताकत का प्रदर्शन करने के लिए लगातार मिसाइल और ड्रोन हमले कर रहे हैं। सऊदी अरब के सामने अब अपनी आंतरिक सुरक्षा और आर्थिक केंद्रों को बचाने की सबसे बड़ी चुनौती खड़ी हो गई है। आने वाले दिनों में यदि इन हमलों पर रोक नहीं लगी, तो यह संघर्ष पूरे मध्य पूर्व को एक बड़े युद्ध की आग में झोंक सकता है।











