कीव, यूक्रेन: यूक्रेन की राजधानी कीव इन दिनों एक बार फिर सुलग रही है। रूसी हमलों ने एक बार फिर से इस ऐतिहासिक शहर को दहला दिया है, जहां आसमान में गूंजते सायरन और जमीन पर लगा मीलों लंबा भारी ट्रैफिक इस बात की गवाही दे रहे हैं कि युद्ध अब बेहद भीषण और जटिल मोड़ ले चुका है। 'द फ्रीलान्स' की ऑन-द-ग्राउंड कवरेज के दौरान यह साफ तौर पर महसूस किया गया कि कीव के नागरिक एक तरफ हवाई हमलों के खौफ और दूसरी तरफ ठप पड़ी शहरी व्यवस्था के बीच जीने को मजबूर हैं।
जेट-इंजन चालित ड्रोनों ने बढ़ाई सुरक्षा चिंताएं
हालिया हमलों में रूस ने जिस तकनीक का इस्तेमाल किया है, उसने यूक्रेनी वायु रक्षा प्रणाली (Air Defense System) की नींद उड़ा दी है। पारंपरिक प्रोपेलर ड्रोनों की जगह अब रूस ने जेट-इंजन चालित ड्रोनों का रुख किया है, जिनकी गति बेहद तेज है। हमारी फील्ड जांच के अनुसार, इन ड्रोनों को राडार की पकड़ में लाना और पारंपरिक मिसाइलों से हवा में ही नष्ट करना बेहद कठिन साबित हो रहा है। यही वजह है कि कीव की सुरक्षा व्यवस्था पर भारी दबाव बन गया है, और हालिया हमलों में 8 लोगों की मौत तथा 45 के घायल होने की आधिकारिक पुष्टि ने हालात की गंभीरता को और उजागर कर दिया है।
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कीव की सड़कों पर अफरा-तफरी और भारी जाम
हवाई हमलों के साए के बीच कीव की सड़कों का हाल भी बेहाल है। जगह-जगह हुए धमाकों, सुरक्षा जांच चौकियों और सायरन बजने के बाद होने वाली भगदड़ की वजह से राजधानी में भयंकर ट्रैफिक जाम लग रहा है। आपातकालीन सेवाएं और एम्बुलेंस भी इस ट्रैफिक के बीच जूझती नजर आ रही हैं। शहर के नागरिकों में एक अजीब सा तनाव है, जो काम की तलाश में बाहर निकलते हैं लेकिन हर पल मंडराते खतरे के साए में जीते हैं।
'सर्दियों तक खिंच सकता है युद्ध': जेलेंस्की का बड़ा बयान
इस बीच, कूटनीतिक मोर्चे पर हलचल तेज हो गई है। हाल ही में कीव पहुंचे अमेरिकी दूतों के साथ उच्च स्तरीय बैठकों के बाद यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की ने एक स्पष्ट चेतावनी जारी की है। उन्होंने कहा है कि मौजूदा हालात को देखते हुए यह युद्ध अब सर्दियों तक खिंच सकता है। जेलेंस्की ने पश्चिमी देशों से सैन्य और वायु रक्षा उपकरणों की आपूर्ति को और तेज करने की मांग की है, क्योंकि आने वाले सर्द मौसम में ऊर्जा बुनियादी ढांचे पर रूसी हमले और घातक हो सकते हैं।
वैश्विक कूटनीति: पुतिन के बयान और वाशिंगटन के साथ समीकरण
दूसरी ओर, मास्को से आ रहे संकेत भी कम दिलचस्प नहीं हैं। रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने हाल ही में एक बयान में कहा है कि रूस और अमेरिका के रिश्ते दोनों देशों के लिए लाभप्रद हो सकते हैं, और उन्होंने वाशिंगटन के साथ मजबूत संबंधों की वकालत की है। विश्लेषकों का मानना है कि एक तरफ जहां मैदान-ए-जंग में हमले तेज किए जा रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ कूटनीतिक मंचों पर भविष्य की रणनीतिक वार्ताओं के लिए जमीन तैयार की जा रही है।
निष्कर्ष
कीव की सड़कों पर गूंजते धमाके और कूटनीतिक गलियारों में चल रही बयानबाजी यह बताती है कि यह संघर्ष अभी किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंचा है। 'द फ्रीलान्स' की यह पड़ताल साबित करती है कि तकनीकी रूप से उन्नत होते हथियार और कड़ाके की ठंड की आहट, इस युद्ध को और अधिक मानवीय त्रासदी की ओर धकेल रही है।






