नई दिल्ली/ग्राउंड ब्यूरो — सऊदी अरब की राजधानी रियाद से इस वक्त एक बड़ी और चिंताजनक खबर सामने आ रही है। रियाद में अचानक कई जोरदार धमाके सुने गए हैं, जिसके बाद वहां हड़कंप मच गया है। हालात की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय प्रशासन ने किंग खालिद इंटरनेशनल एयरपोर्ट को तुरंत प्रभाव से बंद कर दिया है। इस अचानक हुए सुरक्षा संकट का असर अब अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर भी साफ दिखने लगा है। भारत से सऊदी अरब जाने वाले यात्रियों के लिए यह एक बहुत बड़ा झटका साबित हुआ है।
इस पूरे घटनाक्रम का सबसे बड़ा असर भारतीय विमानन कंपनी एयर इंडिया की उड़ानों पर पड़ा है। नई दिल्ली से रियाद के लिए रवाना हुई एयर इंडिया की एक नियमित फ्लाइट को बीच रास्ते में ही वापस बुला लिया गया। विमान के पायलट को जब सऊदी airspace और एयरपोर्ट बंद होने की आधिकारिक सूचना मिली, तो यात्रियों की सुरक्षा को सर्वोपरि रखते हुए विमान को दिल्ली वापस मोड़ दिया गया। विमान के सुरक्षित दिल्ली लौटने पर राहत की सांस ली गई, लेकिन यात्रियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
किंग खालिद एयरपोर्ट पर परिचालन पूरी तरह ठप
सऊदी अरब के सबसे व्यस्त अड्डों में से एक किंग खालिद इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर फिलहाल सभी तरह की उड़ानों का संचालन रोक दिया गया है। एयरपोर्ट प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों ने साझा बयान में कहा है कि अगले आदेश तक कोई भी विमान न तो उतरेगा और न ही उड़ान भरेगा। धमाकों के बाद आसमान में सुरक्षा पहरा सख्त कर दिया गया है। दुनिया भर की एयरलाइंस को इस रूट पर उड़ानें भरते वक्त अत्यधिक सावधानी बरतने के निर्देश दिए गए हैं।
दिल्ली वापस लौटी एयर इंडिया की फ्लाइट के यात्रियों का गुस्सा और चिंता साफ देखी जा सकती है। एयरपोर्ट पर मौजूद यात्रियों को एयरलाइंस की तरफ से अभी वैकल्पिक व्यवस्था और आगे की यात्रा के बारे में जानकारी दी जा रही है। कई यात्रियों ने बताया कि उन्हें उड़ान के बीच में ही पायलट द्वारा स्थिति की जानकारी दी गई, जिसके बाद विमान वापस भारत लौट आया। एयरलाइंस कंपनियां लगातार सऊदी नागरिक उड्डयन प्राधिकरण के संपर्क में हैं ताकि स्थिति स्पष्ट हो सके।
हवाई सफर पर महंगाई की दोहरी मार
एक तरफ जहां मध्य पूर्व में सुरक्षा संकट गहराया हुआ है, वहीं दूसरी तरफ आम यात्रियों की जेब पर भी भारी बोझ पड़ने लगा है। हाल ही में एयर इंडिया और एअर इंडिया एक्सप्रेस ने अपने विमानों का फ्यूल सरचार्ज बढ़ा दिया है। विमानन कंपनियों का कहना है कि वैश्विक स्तर पर ईंधन की कीमतों में उतार-चढ़ाव और सुरक्षा जोखिमों के चलते यह कदम उठाना पड़ा है। बढ़ी हुई नई दरें तत्काल प्रभाव से लागू कर दी गई हैं, जिससे अब हवाई सफर और भी ज्यादा महंगा हो गया है।
सऊदी अरब के धमाकों और एयरपोर्ट बंदी के इस मामले पर भारत का विदेश मंत्रालय भी पैनी नजर बनाए हुए है। रियाद स्थित भारतीय दूतावास ने वहां फंसे या यात्रा करने वाले भारतीयों के लिए एक आपातकालीन हेल्पलाइन नंबर जारी कर दिया है। दूतावास लगातार स्थानीय प्रशासन के संपर्क में है ताकि भारतीय नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। हालात सुधरने तक विमानन कंपनियों ने यात्रियों से अपनी यात्रा की स्थिति जांचने की अपील की है।
सुरक्षा हालात और उड़ानों की बहाली पर असमंजस
द फ्रीलान्स की ग्राउंड पड़ताल के मुताबिक, सऊदी अरब के सुरक्षा बलों ने धमाकों के कारणों की जांच शुरू कर दी है। शुरुआती रपटों में इसे मिहिरा या ड्रोन हमला माना जा रहा है, हालांकि आधिकारिक पुष्टि का अभी इंतजार है। जब तक किंग खालिद एयरपोर्ट पूरी तरह से क्लीयर नहीं हो जाता, तब तक दिल्ली और मुंबई से जाने वाली अन्य उड़ानों के भी रद्द या डायवर्ट होने की पूरी आशंका बनी हुई है। यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे एयरपोर्ट के लिए निकलने से पहले अपनी फ्लाइट का स्टेटस जरूर चेक कर लें।






