शेयर बाजार में लंबी अवधि का निवेश हमेशा से ही निवेशकों के लिए फायदे का सौदा साबित होता रहा है। अगर आपके पास किसी बेहतरीन और मजबूत फंडामेंटल्स वाली कंपनी के शेयर हैं और आप उन्हें लंबे समय तक होल्ड करके रखते हैं, तो छोटी सी रकम भी एक दिन बड़ा फंड बन सकती है। सार्वजनिक क्षेत्र की महारत्न कंपनी भारत पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड (BPCL) ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि धैर्य के साथ किया गया निवेश किस तरह से मालामाल कर सकता है। इस कंपनी के शेयरों ने अपने निवेशकों को पिछले दो दशकों में ऐतिहासिक रिटर्न दिया है, जिसकी चर्चा आज हर तरफ हो रही है।
शुक्रवार को नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) पर बीपीसीएल के शेयर उछलकर 314.20 रुपये के स्तर पर बंद हुए। जिन निवेशकों ने इस महारत्न कंपनी में दो-तीन दशक पहले पैसे लगाए थे और आज तक अपने निवेश को बनाए हुए हैं, वे आज बंपर मुनाफे में हैं। कंपनी के शानदार इतिहास और समय-समय पर मिलने वाले कॉर्पोरेट फायदों ने निवेशकों की संपत्ति में बेजोड़ इजाफा किया है। आइए जानते हैं कि कैसे इस सरकारी कंपनी ने अपने शेयरों के जरिए निवेशकों की झोली खुशियों से भर दी है और इसके पीछे की पूरी गणित क्या है।
साल 2000 से अब तक 100 शेयर कैसे बन गए 2400 शेयर
बीपीसीएल (BPCL) के शेयरों ने अपने निवेशकों को जो सबसे बड़ा तोहफा दिया है, वह है लगातार मिलने वाले बोनस शेयर। कंपनी ने साल 2000 से लेकर अब तक अपने शेयरधारकों को कुल 5 बार बोनस शेयर बांटे हैं। बोनस शेयरों के इस चमत्कार का सबसे बड़ा असर यह हुआ है कि जिन लोगों ने साल 2000 में कंपनी के शुरुआती शेयर खरीदे थे और उन्हें बिना बेचे अपने डीमैट खाते में संभाल कर रखा, उनके शेयरों की संख्या में जबरदस्त बढ़ोतरी हुई है।
उदाहरण के लिए, अगर किसी निवेशक के पास साल 2000 में बीपीसीएल के केवल 100 शेयर थे, तो कंपनी द्वारा समय-समय पर दिए गए बोनस शेयरों के कारण आज उन शेयरों की कुल संख्या बढ़कर सीधे 2400 हो गई है। इसका मतलब साफ है कि निवेशकों को अपनी तरफ से एक भी रुपया अतिरिक्त खर्च किए बिना भारी संख्या में फ्री शेयर मिले हैं, जिनकी बाजार में आज के समय में बहुत बड़ी कीमत है। यही वजह है कि स्टॉक मार्केट के जानकारों का हमेशा यह मानना रहा है कि मजबूत कंपनियों में लंबी अवधि के लिए निवेश करना सबसे सुरक्षित और मुनाफे वाला रास्ता है।
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महारत्न कंपनी ने कब-कब बांटे अपने निवेशकों को बोनस शेयर
भारत पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड (BPCL) ने अपने निवेशकों को लुभाने और उन्हें फायदा पहुंचाने के लिए पिछले दो दशकों में कई बार बोनस शेयरों की घोषणा की है। सबसे पहले दिसंबर 2000 में कंपनी ने 1:1 के अनुपात में बोनस शेयर बांटे, यानी हर 1 शेयर पर 1 शेयर मुफ्त दिया गया। इसके बाद जुलाई 2012 और फिर जुलाई 2016 में भी कंपनी ने इसी 1:1 के रेशियो को दोहराते हुए निवेशकों को बड़ा तोहफा दिया।
इसके बाद जुलाई 2017 में कंपनी ने अपने निवेशकों के लिए 1:2 के अनुपात में बोनस शेयरों का ऐलान किया, जिसके तहत हर दो शेयरों पर एक शेयर बोनस के रूप में मिला। इसके बाद हाल ही में जून 2024 में एक बार फिर बीपीसीएल ने 1:1 के रेशियो में बोनस शेयर जारी किए। इन तमाम बोनस इश्यू ने मिलकर निवेशकों के पोर्टफोलियो को पूरी तरह से बदल दिया और शेयरों की संख्या में भारी उछाल दर्ज किया गया।
पिछले 26 साल में 4087% की शानदार तेजी
बोनस शेयरों के अलावा यदि हम मूल्य वृद्धि (Price Appreciation) की बात करें, तो बीपीसीएल के शेयरों ने निवेशकों को मालामाल करने में कोई कसर नहीं छोड़ी है। पिछले 26 वर्षों के आंकड़ों पर नजर डालें तो कंपनी के शेयरों में लगभग 4087 प्रतिशत की ऐतिहासिक तेजी देखने को मिली है। 15 सितंबर 2000 को बीपीसीएल का शेयर मात्र 7.48 रुपये के आसपास ट्रेड कर रहा था, जो आज बढ़कर 300 रुपये के पार निकल चुका है।
अगर पिछले 20 सालों के रिटर्न की बात करें तो इस दौरान भी कंपनी के शेयरों में 923 प्रतिशत से अधिक की जबरदस्त तेजी दर्ज की गई है। हालांकि, पिछले एक साल में शेयर की चाल थोड़ी सुस्त रही है और इसमें मामूली गिरावट भी आई है, लेकिन लंबी अवधि के निवेशकों को इससे कोई खास फर्क नहीं पड़ा है क्योंकि उनका कुल पोर्टफोलियो पहले ही काफी मजबूत हो चुका है। इस साल अब तक बीपीसीएल के शेयर में कुछ उतार-चढ़ाव जरूर देखे गए हैं, लेकिन इसका लॉन्ग-टर्म ट्रैक रिकॉर्ड निवेशकों का भरोसा बनाए रखने के लिए काफी है।
"शेयर बाजार में लंबी अवधि का निवेश ही असली दौलत बनाता है। जब आप बीपीसीएल जैसी महारत्न कंपनियों में भरोसा दिखाते हैं, तो न सिर्फ आपको डिविडेंड का फायदा मिलता है, बल्कि बोनस शेयर आपके पोर्टफोलियो को कई गुना बढ़ा देते हैं। यही समझदारी भरा निवेश आपको भविष्य में वित्तीय रूप से मजबूत बनाता है।" — वित्तीय सलाहकार एवं मार्केट एक्सपर्ट
इस साल शेयरों की चाल और शॉर्ट-टर उतार-चढ़ाव
लंबे समय में भले ही बीपीसीएल ने निवेशकों को छप्परफाड़ रिटर्न दिया हो, लेकिन अगर हालिया प्रदर्शन पर नजर डालें तो इस साल अब तक कंपनी के शेयरों में कुछ सुस्ती और गिरावट देखने को मिली है। इस साल की शुरुआत से लेकर अब तक बीपीसीएल के शेयरों में 15 प्रतिशत से ज्यादा की गिरावट आ चुकी है। इसके अलावा पिछले एक साल के दौरान भी शेयर का प्रदर्शन लगभग फ्लैट ही रहा है और इसमें करीब 3 प्रतिशत की हल्की नरमी दर्ज की गई है।
जानकारों का मानना है कि शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव बाजार का एक स्वाभाविक हिस्सा है। कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतों में उतार-चढ़ाव, वैश्विक आर्थिक हालात और सरकारी नीतियों का असर ऑयल मार्केटिंग कंपनियों पर अक्सर देखने को मिलता है। बीपीसीएल के शेयरों का पिछले 52 हफ्तों का उच्चतम स्तर 391.65 रुपये रहा है, जबकि इसका 52 हफ्तों का सबसे निचला स्तर 266.60 रुपये दर्ज किया गया है। वर्तमान में शेयर इन दोनों स्तरों के बीच कारोबार कर रहा है।
लंबी अवधि के निवेशकों के लिए आगे की राह और सीख
बीपीसीएल जैसी सरकारी और महारत्न कंपनियों का इतिहास इस बात की गवाही देता है कि यदि निवेशक बिना घबराए अच्छी कंपनियों में अपना पैसा लंबे समय तक निवेशित रखते हैं, तो उन्हें बाजार के शॉर्ट-टर्म उतार-चढ़ाव से ज्यादा फर्क नहीं पड़ता। बोनस शेयरों और समय-समय पर मिलने वाले लाभांश (Dividend) के जरिए निवेशकों की मूल लागत काफी हद तक निकल जाती है और उनका मुनाफा कई गुना बढ़ जाता है।
अंत में यही कहा जा सकता है कि शेयर बाजार में सफलता पाने के लिए धैर्य और सही कंपनी का चुनाव सबसे जरूरी है। बीपीसीएल के इस शानदार सफर ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि अगर किसी निवेशक ने दो दशक पहले सूझबूझ दिखाते हुए इस महारत्न कंपनी पर भरोसा जताया होगा, तो आज वह वित्तीय रूप से बेहद मजबूत स्थिति में होगा। नए निवेशकों को भी हमेशा मजबूत फंडामेंटल्स वाली कंपनियों में ही लंबी अवधि का नजरिया रखकर निवेश करना चाहिए।







