विज्ञापन • ADVERTISEMENT
होम/व्यापार/जीएसटी काउंसिल की 57वीं बैठक शुरू, कारोबारियों को मिल सकती है बड़ी राहत
व्यापारपढ़ने में समय: 4 मिनट

जीएसटी काउंसिल की 57वीं बैठक शुरू, कारोबारियों को मिल सकती है बड़ी राहत

नई दिल्ली में जीएसटी काउंसिल की 57वीं बैठक शुरू हो गई है। इस बैठक में टैक्स नियमों में बड़े बदलाव और व्यापार को आसान बनाने पर मंथन हो रहा है। अधिकारियों के गिरफ्तारी के अधिकार और आपराधिक कार्रवाई की सीमा बढ़ाने पर भी चर्चा की जा रही है।
✍️
बिजनेस एवं मार्केट डेस्क, द फ्रीलांस
अर्थव्यवस्था व बाजार ब्यूरो•8 अक्टूबर 2026 • अपडेटेड•27
🌐Read in English →
शेयर करें:
जीएसटी काउंसिल की 57वीं बैठक शुरू, कारोबारियों को मिल सकती है बड़ी राहत
📷 जीएसटी काउंसिल की 57वीं बैठक शुरू, कारोबारियों को मिल सकती है बड़ी राहत — मुख्य घटनाक्रमफोटो साभार: रॉयटर्स / एजेंसीज़ / सोशल मीडिया

खबर की बड़ी बातें (Key Highlights)

  • नई दिल्ली में जीएसटी काउंसिल की 57वीं बैठक शुरू हो गई है। इस बैठक में टैक्स नियमों में बड़े बदलाव और व्यापार को आसान बनाने पर मंथन हो रहा है। अधिकारियों के गिरफ्तारी के अधिकार और आपराधिक कार्रवाई की सीमा बढ़ाने पर भी चर्चा की जा रही है।
  • इस खबर से जुड़े सभी पहलुओं की जांच और निगरानी संबंधित विभागों द्वारा की जा रही है।
  • विशेषज्ञों के अनुसार इस घटनाक्रम का आम जनता पर सीधा असर पड़ सकता है।

नई दिल्ली के जीएसटी भवन में आज जीएसटी काउंसिल की 57वीं बैठक शुरू हो चुकी है। इस बैठक में देश भर के कारोबारियों और व्यापारियों की नजरें टिकी हुई हैं। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की अध्यक्षता में हो रही इस बैठक में कई बड़े टैक्स सुधारों पर चर्चा चल रही है। बैठक का मुख्य उद्देश्य व्यापार को सरल बनाना और टैक्स चोरी रोकने के नियमों को अधिक पारदर्शी करना है।

इस उच्च स्तरीय बैठक में विभिन्न राज्यों के वित्त मंत्री और वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए हैं। कर्नाटक के मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार समेत कई राज्यों के प्रतिनिधि इस महत्वपूर्ण चर्चा का हिस्सा बनने के लिए दिल्ली पहुंचे हैं। बैठक के एजेंडा में मुख्य रूप से टैक्स स्लैब में बदलाव, अनुपालन प्रक्रिया को आसान करना और छोटे व्यापारियों को राहत देना शामिल है।

व्यापारियों के लिए गिरफ्तारी के नियमों में बदलाव की संभावना

जीएसटी काउंसिल की इस बैठक में सबसे बड़ा मुद्दा अधिकारियों के गिरफ्तारी के अधिकार को लेकर है। सूत्रों के अनुसार काउंसिल जीएसटी अधिकारियों से गिरफ्तारी के कुछ कड़े अधिकार वापस ले सकती है। इसके साथ ही आपराधिक कार्रवाई शुरू करने की सीमा को बढ़ाकर पांच करोड़ रुपये तक किया जा सकता है। इस कदम से छोटे और मध्यम वर्ग के कारोबारियों को बड़ी राहत मिलने की पूरी उम्मीद है।

देशभर के व्यापारी लंबे समय से टैक्स अधिकारियों द्वारा की जाने वाली कार्रवाई और कानूनी पेचीदगियों को लेकर चिंता जताते रहे हैं। पिछली कई बैठकों में इस बात पर जोर दिया गया था कि व्यापारिक माहौल को बेहतर बनाने के लिए जेल के डर को कम किया जाना चाहिए। आज की बैठक में इस प्रस्ताव पर मुहर लगने की संभावना जताई जा रही है जिससे टैक्सपेयर्स को बड़ी कानूनी सुरक्षा मिल सकेगी।

विज्ञापन • ADVERTISEMENT

मोबाइल कांग्रेस और नई डिजिटल नीतियों पर भी हो रहा मंथन

इस बैठक के साथ ही देश में अन्य आर्थिक और तकनीकी गतिविधियों पर भी नजर रखी जा रही है। इंडिया मोबाइल कांग्रेस 2026 के आयोजन और उससे जुड़ी नीतियों पर भी अनौपचारिक रूप से चर्चा हो रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस कार्यक्रम का उद्घाटन करने वाले हैं, जिसका सीधा असर देश के तकनीकी और डिजिटल व्यापार पर पड़ेगा।

जीएसटी काउंसिल की यह बैठक ऐसे समय हो रही है जब देश की अर्थव्यवस्था तेजी से आगे बढ़ रही है। विभिन्न राज्यों के प्रतिनिधियों के सुझावों के आधार पर कर प्रणाली में कई बदलाव किए जा रहे हैं। बैठक के अंत में जो भी फैसले लिए जाएंगे, उनकी विस्तृत जानकारी वित्त मंत्रालय द्वारा साझा की जाएगी। आम जनता और व्यापारियों को इस बैठक के अंतिम फैसलों का बेसब्री से इंतजार है।

कारोबार जगत को टैक्स प्रक्रिया में सुधार की उम्मीद

देश का कारोबारी वर्ग हमेशा से जटिल टैक्स प्रक्रियाओं और रिटर्न दाखिल करने की परेशानियों से जूझता रहा है। काउंसिल की इस बैठक से उम्मीद की जा रही है कि नियमों को और अधिक सरल बनाया जाएगा। रिटर्न फाइलिंग में होने वाली तकनीकी दिक्कतों को दूर करने के लिए भी नए सॉफ्टवेयर और पोर्टल पर चर्चा हो रही है।

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि सरकार गिरफ्तारी के नियमों में नरमी बरतती है और सीमा बढ़ाती है, तो बाजार में विश्वास बढ़ेगा। लोग बिना किसी डर के खुलकर व्यापार कर सकेंगे और देश के कर संग्रह में भी बढ़ोतरी होगी। बैठक के बाद आने वाले आधिकारिक बयानों से ही पूरी तस्वीर साफ हो पाएगी कि काउंसिल ने कौन-कौन से प्रस्तावों को मंजूरी दी है।

प्रायोजित • SPONSORED
❤️
100% पाठक समर्थित मीडिया

निष्पक्ष व निडर पत्रकारिता को आपका साथ चाहिए

द फ्रीलांस बिना किसी कॉर्पोरेट या राजनीतिक दबाव के जनसरोकार की खबरें आप तक पहुँचाता है। आपका छोटा सा योगदान भी हमारी स्वतंत्रता की ताकत है।

संबंधित खबरें

जीएसटी काउंसिल की महाबैठक आज, पंजीकरण से लेकर रिफंड के नियमों में हो सकते हैं बड़े बदलाव

जीएसटी काउंसिल की महाबैठक आज, पंजीकरण से लेकर रिफंड के नियमों में हो सकते हैं बड़े बदलाव

भारत में मानसून की धमाकेदार एंट्री, इन राज्यों में झमाझम बारिश से राहत

भारत में मानसून की धमाकेदार एंट्री, इन राज्यों में झमाझम बारिश से राहत

HDFC बैंक को मिला नया बॉस: IIT कानपुर के अनूप बागची संभालेंगे देश के सबसे बड़े बैंक की कमान, बनेंगे सबसे महंगे बैंकर

HDFC बैंक को मिला नया बॉस: IIT कानपुर के अनूप बागची संभालेंगे देश के सबसे बड़े बैंक की कमान, बनेंगे सबसे महंगे बैंकर

HDFC बैंक को मिले नए बॉस अनूप बागची, देश के सबसे महंगे बैंकर बनने की तैयारी

HDFC बैंक को मिले नए बॉस अनूप बागची, देश के सबसे महंगे बैंकर बनने की तैयारी

HDFC बैंक को मिला नया बॉस: IIT कानपुर से पढ़े अनूप बागची संभालेंगे कमान, बनेंगे देश के सबसे महंगे बैंकर

HDFC बैंक को मिला नया बॉस: IIT कानपुर से पढ़े अनूप बागची संभालेंगे कमान, बनेंगे देश के सबसे महंगे बैंकर

भारत में मानसून की आहट: मौसम विभाग ने दी समय से पहले बारिश की बड़ी खुशखबरी

भारत में मानसून की आहट: मौसम विभाग ने दी समय से पहले बारिश की बड़ी खुशखबरी

इन्फोसिस और विप्रो के एडीआर में उतार-चढ़ाव: अमेरिकी बाजार के झटकों से भारतीय आईटी शेयरों पर क्या असर पड़ा?

इन्फोसिस और विप्रो के एडीआर में उतार-चढ़ाव: अमेरिकी बाजार के झटकों से भारतीय आईटी शेयरों पर क्या असर पड़ा?

अमेरिकी शेयर बाजार में इन्फोसिस और विप्रो के एडीआर में भारी उतार-चढ़ाव, निवेशकों की बढ़ी धड़कनें

अमेरिकी शेयर बाजार में इन्फोसिस और विप्रो के एडीआर में भारी उतार-चढ़ाव, निवेशकों की बढ़ी धड़कनें

✍️

बिजनेस एवं मार्केट डेस्क, द फ्रीलांस

सत्यापित संपादकीय डेस्क

अर्थव्यवस्था, शेयर बाजार, बजट व पर्सनल फाइनेंस टीम

द फ्रीलांस की बिजनेस डेस्क भारतीय अर्थव्यवस्था, शेयर बाजार, बजट, महंगाई, बैंकिंग, स्टार्टअप्स और आम नागरिक के घरेलू बजट पर पड़ने वाले नीतिगत प्रभावों का गहन डेटा-आधारित विश्लेषण करती है। हम निष्पक्ष, सटीक और तथ्यात्मक पत्रकारिता के लिए प्रतिबद्ध हैं। यह समाचार रिपोर्ट विभिन्न प्रमाणित समाचार एजेंसियों, आधिकारिक बयानों और स्थानीय संवाददाताओं से प्राप्त इनपुट के आधार पर तैयार की जाती है।

विज्ञापन • ADVERTISEMENT

संबंधित विजुअल स्टोरीज (Web Stories)

TAP TO VIEW

‘जीएसटी काउंसिल’ व व्यापार से जुड़ी अन्य बड़ी खबरें

जीएसटी काउंसिल की महाबैठक आज, पंजीकरण से लेकर रिफंड के नियमों में हो सकते हैं बड़े बदलावBUSINESS

जीएसटी काउंसिल की महाबैठक आज, पंजीकरण से लेकर रिफंड के नियमों में हो सकते हैं बड़े बदलाव

8 अक्टू॰40
भारत में मानसून की धमाकेदार एंट्री, इन राज्यों में झमाझम बारिश से राहतBUSINESS

भारत में मानसून की धमाकेदार एंट्री, इन राज्यों में झमाझम बारिश से राहत

8 अक्टू॰41
HDFC बैंक को मिला नया बॉस: IIT कानपुर के अनूप बागची संभालेंगे देश के सबसे बड़े बैंक की कमान, बनेंगे सबसे महंगे बैंकरBUSINESS

HDFC बैंक को मिला नया बॉस: IIT कानपुर के अनूप बागची संभालेंगे देश के सबसे बड़े बैंक की कमान, बनेंगे सबसे महंगे बैंकर

8 अक्टू॰28
HDFC बैंक को मिले नए बॉस अनूप बागची, देश के सबसे महंगे बैंकर बनने की तैयारीBUSINESS

HDFC बैंक को मिले नए बॉस अनूप बागची, देश के सबसे महंगे बैंकर बनने की तैयारी

8 अक्टू॰42
HDFC बैंक को मिला नया बॉस: IIT कानपुर से पढ़े अनूप बागची संभालेंगे कमान, बनेंगे देश के सबसे महंगे बैंकरBUSINESS

HDFC बैंक को मिला नया बॉस: IIT कानपुर से पढ़े अनूप बागची संभालेंगे कमान, बनेंगे देश के सबसे महंगे बैंकर

8 अक्टू॰51
भारत में मानसून की आहट: मौसम विभाग ने दी समय से पहले बारिश की बड़ी खुशखबरीBUSINESS

भारत में मानसून की आहट: मौसम विभाग ने दी समय से पहले बारिश की बड़ी खुशखबरी

8 अक्टू॰29
इन्फोसिस और विप्रो के एडीआर में उतार-चढ़ाव: अमेरिकी बाजार के झटकों से भारतीय आईटी शेयरों पर क्या असर पड़ा?BUSINESS

इन्फोसिस और विप्रो के एडीआर में उतार-चढ़ाव: अमेरिकी बाजार के झटकों से भारतीय आईटी शेयरों पर क्या असर पड़ा?

8 अक्टू॰34
अमेरिकी शेयर बाजार में इन्फोसिस और विप्रो के एडीआर में भारी उतार-चढ़ाव, निवेशकों की बढ़ी धड़कनेंBUSINESS

अमेरिकी शेयर बाजार में इन्फोसिस और विप्रो के एडीआर में भारी उतार-चढ़ाव, निवेशकों की बढ़ी धड़कनें

8 अक्टू॰49
विज्ञापन • ADVERTISEMENT