नई दिल्ली/ग्राउंड ब्यूरो — भारतीय शेयर बाजार में आज अचानक एक बड़ा भूचाल देखने को मिला है। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स 900 से अधिक अंकों की भारी गिरावट के साथ कारोबार कर रहा है। सुबह बाजार खुलते ही बिकवाली का दौर शुरू हो गया, जिससे निवेशकों की गाढ़ी कमाई कुछ ही मिनटों में स्वाहा हो गई। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी भी लाल निशान में ट्रेड कर रहा है।
बाजार में इस अचानक आई तबाही के पीछे कई बड़े कारण बताए जा रहे हैं। विदेशी निवेशकों द्वारा लगातार पैसा निकाले जाने और वैश्विक बाजारों से मिल रहे कमजोर संकेतों ने बाजार की कमर तोड़ दी है। इसके अलावा महंगाई के आंकड़े और रिजर्व बैंक की नीतियों को लेकर निवेशकों में डर का माहौल बना हुआ है।
सेंसेक्स में भारी गिरावट के मुख्य कारण
दलाल स्ट्रीट पर आज सुबह से ही निराशा का माहौल छाया रहा। विश्लेषकों का मानना है कि एशियाई बाजारों में सुस्ती और अमेरिकी बाजारों में बिकवाली का सीधा असर भारतीय बाजार पर पड़ा है। इसके साथ ही कंपनियों के तिमाही नतीजे उम्मीद के मुताबिक नहीं रहने से भी निवेशकों का भरोसा डगमगाया है।
शेयर बाजार के जानकारों का कहना है कि जब तक वैश्विक अनिश्चितता बनी, तब तक उतार-चढ़ाव जारी रहेगा। छोटे निवेशकों को सलाह दी गई है कि वे घबराकर अपने शेयर औने-पौने दामों में न बेचें। बाजार में इस तरह की बिकवाली अक्सर बड़े खिलाड़ियों की रणनीति का हिस्सा होती है, जिससे खुदरा निवेशकों को संभलकर चलने की जरूरत है।
निवेशकों को हुआ भारी वित्तीय नुकसान
इस अचानक आई गिरावट से टाटा, रिलायंस, और इंफोसिस जैसे दिग्गज शेयरों में भी भारी बिकवाली देखी गई। बैंकिंग और आईटी सेक्टर के शेयरों में सबसे ज्यादा सुस्ती दर्ज की गई है। जानकारों का अनुमान है कि अगर दोपहर बाद विदेशी संस्थागत निवेशकों ने लिवाली शुरू नहीं की, तो स्थिति और खराब हो सकती है।
आम निवेशकों के पोर्टफोलियो पर इस गिरावट का सीधा असर पड़ा है। कई म्यूचुअल फंड धारकों को भी आज के कारोबार में बड़ा झटका लगा है। बाजार विशेषज्ञ मान रहे हैं कि आने वाले दिनों में बाजार की चाल काफी हद तक अंतरराष्ट्रीय आर्थिक घटनाओं और राजनीतिक बयानों पर निर्भर करेगी।
आगे कैसी रहेगी बाजार की चाल
द फ्रीलान्स की टीम लगातार दलाल स्ट्रीट के हालातों पर नजर बनाए हुए है। आर्थिक विशेषज्ञों से बातचीत में यह बात सामने आई है कि निवेशकों को अपनी जोखिम क्षमता के अनुसार ही निवेश करना चाहिए। किसी भी अफवाह पर ध्यान दिए बिना केवल मजबूत बुनियादी फंडामेंटल वाली कंपनियों के शेयरों पर ही भरोसा रखना समझदारी होगी।







