नई दिल्ली/ग्राउंड ब्यूरो — देश की सबसे बड़ी सॉफ्टवेयर सेवा कंपनी टाटा कंसलटेंसी सर्विसेज यानी टीसीएस के तिमाही नतीजों से ठीक पहले शेयर बाजार में जबरदस्त हलचल देखने को मिल रही है। आज बाजार खुलने के साथ ही टीसीएस के शेयरों में करीब तीन फीसदी तक की तेजी दर्ज की गई है। निवेशकों और शेयर बाजार के बड़े खिलाड़ियों का पूरा ध्यान इस बात पर है कि इस बार कंपनी का मुनाफा कितना रहा और उसका मार्जिन कहां तक पहुंचा। आईटी सेक्टर की बाकी कंपनियों के लिए भी टीसीएस के इन नतीजों को एक बड़ा पैमाना माना जाता है, इसलिए हर कोई इस रिपोर्ट का बेसब्री से इंतजार कर रहा है।
पिछले कुछ हफ्तों से शेयर बाजार में सुस्ती का माहौल चल रहा था, लेकिन नतीजों की आहट ने टीसीएस के शेयरों में नई जान फूंक दी है। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज दोनों जगह टीसीएस के काउंटर पर खरीदारों की भारी भीड़ नजर आई है। निवेशकों को उम्मीद है कि त्योहारी सीजन से पहले आने वाले ये आंकड़े बाजार को नई दिशा देंगे। हालांकि बाजार विश्लेषक यह भी मान रहे हैं कि वैश्विक स्तर पर चल रही आर्थिक अनिश्चितताओं का असर कंपनियों के मार्जिन पर पड़ सकता है, जिसके कारण निवेशक बहुत संभलकर दांव खेल रहे हैं।
शेयर बाजार में नतीजों से पहले तीन फीसदी तक का उछाल
नतीजों के ऐलान से पहले आए शुरुआती रुझानों में टीसीएस के शेयर ने अच्छी छलांग लगाई है। ट्रेडिंग सत्र के दौरान कंपनी का भाव तीन फीसदी तक ऊपर चला गया जिससे छोटे निवेशकों का हौसला भी बढ़ा है। जानकारों का कहना है कि शेयर बाजार में इस तरह की हलचल आम है क्योंकि बड़े निवेशक हमेशा नतीजों से पहले अपनी स्थिति मजबूत करने की कोशिश करते हैं। आनंद राठी वेल्थ समेत करीब अठारह अन्य कंपनियां भी आज ही अपना रिपोर्ट कार्ड पेश करने वाली हैं, जिससे पूरे बाजार का मूड आज टीसीएस के आंकड़ों पर ही टिका हुआ है।
वित्तीय जानकारों के मुताबिक, टीसीएस के शेयरों में आई इस तेजी के पीछे उम्मीद से बेहतर प्रदर्शन की अटकलें हैं। कंपनी ने पिछले तिमाहियों में भी कठिन वैश्विक माहौल के बावजूद अपने कारोबार को संभाले रखा था। इस बार भी शेयरधारकों को अच्छे डिविडेंड और मुनाफे में चार फीसदी तक के उछाल की उम्मीद है। हालांकि, असली तस्वीर तो कंपनी की आधिकारिक घोषणा के बाद ही साफ होगी कि क्या निवेशकों की उम्मीदें सच साबित होती हैं या बाजार को किसी बड़े उलटफेर का सामना करना पड़ेगा।
मुनाफे और मार्जिन पर टिकी हैं देश भर के निवेशकों की निगाहें
इस बार के तिमाही नतीजों में सबसे ज्यादा चर्चा ऑपरेटिंग मार्जिन और नए क्लाइंट मिलने की रफ्तार को लेकर हो रही है। अमेरिका और यूरोप के बाजारों में आईटी खर्च की स्थिति कैसी है, इसका सीधा असर टीसीएस के कारोबार पर पड़ता है। निवेशकों की मुख्य चिंता यह है कि क्या कंपनी अपनी लागत को नियंत्रित रखते हुए मुनाफा बढ़ाने में कामयाब रही है या नहीं। यदि मार्जिन में गिरावट आती है, तो शेयर में अचानक बिकवाली का दबाव भी देखने को मिल सकता है।
जमीनी स्तर पर ब्रोकरेज फर्म्स और एक्सपर्ट्स लगातार इस बात का आकलन कर रहे हैं कि टीसीएस के नतीजे पूरे भारतीय आईटी सेक्टर के लिए साल के बाकी महीनों में कैसा रुख तय करेंगे। छोटी अवधि के निवेशकों के लिए यह समय काफी रोमांचक और जोखिम भरा दोनों है। टीसीएस के इन आंकड़ों से यह भी तय होगा कि आने वाले दिनों में बाजार में विदेशी निवेशकों का रुख कैसा रहेगा। फिलहाल बाजार की हर सांस टीसीएस के आने वाले वित्तीय आंकड़ों पर टिकी हुई है।
डिविडेंड और शेयरधारकों को मिलने वाले रिटर्न का इंतजार
कमाई के आंकड़ों के साथ-साथ निवेशकों की नजर इस बात पर भी है कि कंपनी अपने शेयरधारकों के लिए डिविडेंड का ऐलान करती है या नहीं। टीसीएस हमेशा से अपने निवेशकों को नियमित रूप से अच्छा रिटर्न देने के लिए जानी जाती है। ऐसे में त्योहारों के इस सीजन में अगर डिविडेंड की घोषणा होती है, तो यह निवेशकों के लिए किसी बड़े तोहफे से कम नहीं होगा। मार्केट एक्सपर्ट्स सलाह दे रहे हैं कि छोटी अवधि के traders को नतीजों के बाद आने वाले उतार-चढ़ाव से सतर्क रहना चाहिए।
द फ्रीलान्स की टीम लगातार बाजार के दिग्गजों और वित्तीय सलाहकारों के संपर्क में है ताकि आप तक सबसे सटीक और बिना किसी मिलावट के खबरें पहुंचाई जा सकें। जैसे ही टीसीएस अपने आधिकारिक आंकड़े जारी करेगी, हमारी टीम सबसे पहले उसका पूरा विश्लेषण आपके सामने रखेगी। तब तक निवेशकों को अपनी पोजीशन बहुत सोच-समझकर बनाने की सलाह दी जा रही है ताकि बाजार के किसी भी अचानक आए झटके से बचा जा सके।





