नई दिल्ली/ग्राउंड ब्यूरो — देश में इन दिनों सोने और चांदी की चमक लोगों की आंखों को चौंधिया रही है, लेकिन इसके साथ ही ज्वेलरी बाजार से जुड़ी कई चौंकाने वाली खबरें भी सामने आ रही हैं। एक तरफ जहां सोने के दाम आसमान छू रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ चोरों और लुटेरों के हौसले भी बुलंद नजर आ रहे हैं। आम आदमी के लिए शादियों और त्योहारों के सीजन में गहने खरीदना अब एक चुनौती बन गया है। इस बीच, बाजार में एक बड़ा बदलाव यह भी देखने को मिल रहा है कि युवा पीढ़ी यानी Gen-Z अब महंगे 22 कैरेट सोने के बजाय हल्के और सस्ते विकल्पों की तरफ तेजी से बढ़ रही है। द फ्रीलान्स की टीम ने देश के अलग-अलग हिस्सों से आई इन घटनाओं और नए ट्रेंड की जमीनी पड़ताल की है।
भरतपुर से लेकर सोनीपत तक हाल ही में चोरी और ठगी के मामलों में बड़ा उछाल देखा गया है। भरतपुर में चोरों ने एक बंद मकान को दूसरी बार अपना निशाना बनाया और वहां रखी ज्वेलरी के साथ नकदी, चांदी के पांच सिक्के और करधनी तक पार कर दिए। इसी तरह सोनीपत के एक ज्वेलरी शोरूम में एक शातिर ग्राहक बनकर पहुंचा और दुकान से आठ ग्राम की सोने की बाली लेकर चंपारण हो गया। इसके अलावा, न्यूज18 हिंदी की एक रिपोर्ट के मुताबिक एक सुनार महज 12 मिनट के लिए अपने दो बैग काउंटर पर छोड़कर टॉयलेट गया और जब लौटा तो उसकी सारी मेहनत और गहने लूट चुके थे। इन वारदातों से साफ है कि बाजार में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं और सुनार तथा आम लोग दोनों ही डरे हुए हैं।
सोने के ऊंचे दामों के बीच Gen-Z की नई पसंद
एक तरफ जहां अपराध की ये घटनाएं चिंता का विषय बनी हुई हैं, वहीं दूसरी तरफ बाजार का आर्थिक पहलू तेजी से बदल रहा है। महंगे सोने के इस दौर में अब 9 कैरेट ज्वेलरी युवाओं यानी Gen-Z की पहली पसंद बनती जा रही है। पारंपरिक तौर पर लोग 22 या 18 कैरेट सोने में निवेश करते थे, लेकिन अब कम बजट में शादी और उपहार देने के लिए हल्का और किफायती सामान ज्यादा पसंद किया जा रहा है। बाजार के जानकारों का कहना है कि युवा पीढ़ी अब दिखावे की बजाय उपयोगिता और बजट को प्राथमिकता दे रही है। यही वजह है कि 9 कैरेट की अंगूठियां, चेन और ब्रेसलेट बाजार में तेजी से अपनी जगह बना रहे हैं और ज्वैलर्स भी इस नए ट्रेंड के हिसाब से अपना स्टॉक तैयार कर रहे हैं।
त्योहारों का मौसम नजदीक आते ही ज्वेलरी बाजार में महिलाओं के लिए भी नए विकल्प आ गए हैं। करवाचौथ और आगामी शादी के सीजन को ध्यान में रखते हुए बाजारों में डिजाइनर चूड़ा सेट और हल्के वजन के पारंपरिक आभूषणों की मांग बढ़ गई है। जनसत्ता की रिपोर्ट के अनुसार, महिलाएं इस बार पारंपरिक भारी-भरकम गहनों की जगह ऐसे डिजाइन तलाश रही हैं जो पहनने में हल्के हों और दिखने में भी बेहद खूबसूरत लगें। ज्वैलर्स का कहना है कि ग्राहक अब भारी निवेश करने से बच रहे हैं और कम बजट में ज्यादा वैरायटी खरीदने पर जोर दे रहे हैं। इससे यह स्पष्ट होता है कि महंगाई ने लोगों के शॉपिंग करने के तरीके को पूरी तरह से बदल दिया है।
सुरक्षा के मोर्चे पर सुनसान इलाकों और दुकानों की बढ़ी मुश्किलें
बढ़ती वारदातों ने देश भर के छोटे और मझोले ज्वैलर्स की नींद उड़ा दी है। पुलिस प्रशासन भी अब ऐसे मामलों को लेकर सतर्क हो गया है और बाजारों में गश्त बढ़ाने की बात कह रहा है। लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि छोटी दुकानों में सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम न होने के कारण चोर आसानी से वारदात को अंजाम देकर फरार हो जाते हैं। सुनारों का कहना है कि आए दिन इस तरह की घटनाएं उनके कारोबार को भारी नुकसान पहुंचा रही हैं। एक तरफ बीमा और महंगे सुरक्षा उपकरणों का खर्च उठाना छोटे दुकानदारों के लिए मुश्किल है, तो दूसरी तरफ पुलिस की सुस्त कार्रवाई से उनका मनोबल टूट रहा है।
कुल मिलाकर देखा जाए तो आज का ज्वेलरी बाजार एक दोराहे पर खड़ा है। एक छोर पर जहां सुरक्षा और चोरी जैसी गंभीर सामाजिक समस्याएं हैं, तो दूसरे छोर पर बदलती जीवनशैली और महंगाई के कारण नए आर्थिक विकल्प उभर रहे हैं। Gen-Z का 9 कैरेट ज्वेलरी अपनाना यह बताता है कि बाजार हमेशा ग्राहकों की क्रय शक्ति के अनुसार खुद को ढाल लेता है। द फ्रीलान्स की इस ग्राउंड रिपोर्ट से यह साफ होता है कि आने वाले दिनों में सोने के पारंपरिक बाजार को इन नए ट्रेंड्स और सुरक्षा चुनौतियों दोनों का ही सामना करना पड़ेगा।






