देश की आर्थिक राजधानी माने जाने वाले गुरुग्राम से एक बेहद दहला देने वाली घटना सामने आई है। यहाँ एक हिट एंड रन के मामले ने हर किसी को झकझोर कर रख दिया है। एक तेज रफ्तार कार ने सड़क पर चल रहे शख्स को जोरदार टक्कर मार दी और इसके बाद जो हुआ, उसने मानवता को शर्मसार कर दिया। टक्कर लगने के बाद पीड़ित कार के अगले हिस्से में फंस गया, लेकिन क्रूरता की हदें पार करते हुए ड्राइवर ने गाड़ी रोकने के बजाय उसे भगाना शुरू कर दिया।
प्राप्त जानकारी के मुताबिक, यह खौफनाक सिलसिला लगभग दो किलोमीटर तक चला। इस दौरान पीड़ित कार के नीचे ही फंसा रहा और सड़क पर घिसटता रहा। आसपास के लोगों ने जब कार के नीचे से चिंगारियां और चीखें सुनीं, तो उन्होंने गाड़ी को रोकने की कोशिश की, लेकिन ड्राइवर अंधेरे और रफ्तार का फायदा उठाकर मौके से फरार होने में कामयाब रहा। इस पूरी घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है, जिसे देखने के बाद लोगों के रोंगटे खड़े हो रहे हैं।
पुलिस ने किया क्राइम सीन का रिक्रिएशन, सामने आए रोंगटे खड़े करने वाले तथ्य
मामלה की गंभीरता को देखते हुए गुरुग्राम पुलिस तुरंत हरकत में आई। पुलिस ने इस खौफनाक हादसे की गुत्थी सुलझाने के लिए घटनास्थल पर पहुंचकर क्राइम सीन का रिक्रिएशन किया। फॉरेंसिक टीम और जांच अधिकारियों ने उस पूरे रास्ते का मुआयना किया, जहां से होकर वह कार गुजरी थी। पुलिस यह समझने की कोशिश कर रही है कि आखिर ड्राइवर के मन में किस बात का डर था कि उसने इंसान की जान बचाने के बजाय गाड़ी भगाना बेहतर समझा।
क्राइम सीन रिक्रिएशन के दौरान पुलिस ने आसपास लगे दर्जनों सीसीटीवी कैमरों की फुटेज को खंगाला। इन फुटेज में साफ तौर पर देखा जा सकता है कि कैसे तेज रफ्तार कार एक इंसान को अपने साथ घसीटे जा रही थी। सड़क पर बने रगड़ने के निशान इस बात की गवाही दे रहे थे कि हादसा कितना भयानक था। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि तकनीकी साक्ष्यों और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपी की पहचान कर ली गई है और उसकी गिरफ्तारी के लिए कई जगह दबिश दी जा रही है।
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प्रत्यक्षदर्शियों की जुबानी: आंखों के सामने घटता रहा खौफनाक मंजर
घटना के वक्त सड़क पर मौजूद कुछ लोगों ने इस वीभत्स दृश्य को अपनी आंखों से देखा। स्थानीय लोगों का कहना है कि उन्होंने गाड़ी को रोकने के लिए आवाजें लगाईं और टॉर्च भी दिखाई, लेकिन ड्राइवर ने स्पीड और बढ़ा दी। लोगों का यह भी मानना है कि अगर समय रहते ट्रैफिक पुलिस या पीसीआर वैन वहां आ जाती, तो शायद पीड़ित की जान बचाई जा सकती थी।
"हमने अपनी आंखों से उस गाड़ी को देखा जिसके नीचे एक इंसान फंसा हुआ था। हमने गाड़ी का पीछा भी किया, लेकिन आरोपी बहुत तेज रफ्तार में था और वह अंधेरे का फायदा उठाकर भाग निकला। ऐसा मंजर हमने पहले कभी नहीं देखा था।"— स्थानीय प्रत्यक्षदर्शी, गुरुग्राम
सड़कों पर बढ़ती लापरवाही और कानून का डर
यह अकेली ऐसी घटना नहीं है जिसने गुरुग्राम या एनसीआर की सड़कों की सुरक्षा पर सवाल उठाए हों। आए दिन तेज रफ्तार गाड़ियां बेकाबू होकर मासूमों की जिंदगी निगल रही हैं। नशे की हालत में गाड़ी चलाना या फिर हादसे के बाद पीड़ित को अस्पताल पहुंचाने के बजाय मौके से फरार हो जाना एक आम चलन बनता जा रहा है। इस घटना के बाद स्थानीय नागरिकों में भारी रोष है और वे प्रशासन से मांग कर रहे हैं कि आरोपी ड्राइवर को जल्द से जल्द पकड़कर सख्त से सख्त सजा दी जाए, ताकि भविष्य में ऐसी किसी घटना की पुनरावृत्ति न हो सके।





