तेहरान/द फ्रीलान्स ब्यूरो — दुनिया के कई हिस्सों में मानवाधिकारों की स्थिति पर सवाल खड़े करने वाली एक बेहद खौफनाक और दर्दनाक कहानी ईरान की जेल से सामने आई है। ईरान में सरकार विरोधी प्रदर्शनों में हिस्सा लेने के जुर्म में जेल की सलाखों के पीछे बंद एक युवा प्रदर्शनकारी ने अपनी जिंदगी के आखिरी पलों में अपनी मंगेतर से फोन पर शादी की रस्म पूरी की। अलीरेजा नाम के इस युवक ने मरने से पहले अपनी मोहब्बत को मु मुकम्मल करना चाहा, लेकिन बेरहम जेल प्रशासन ने उसके इस छोटे से सपने को भी चकनाचूर कर दिया। शादी के अगले ही दिन उसे फांसी के फंदे पर लटका दिया गया, जिससे पूरी दुनिया में सनसनी फैल गई है।
मानवाधिकार संगठनों और मीडिया रिपोर्ट्स से मिली शुरुआती जानकारी के मुताबिक, अलीरेजा को ईरान की मौजूदा तानाशाही व्यवस्था के खिलाफ आवाज उठाने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। उसे निचली अदालत से मौत की सजा सुनाई जा चुकी थी और वह अपनी जिंदगी के आखिरी दिन गिन रहा था। जेल के अंदर परिवार और अपनों से मिलने पर कड़ी पाबंदियां थीं, लेकिन किसी तरह उसे अपनी मंगेतर से फोन पर बात करने की अनुमति मिल गई। उस फोन कॉल के दौरान ही दोनों ने फोन पर ही निकाह करने का फैसला किया ताकि दुनिया से जाने से पहले वे पति-पत्नी बन सकें।
जेल की सलाखों के पीछे फोन पर हुआ अनोखा निकाह
यह घटना ईरान की न्याय व्यवस्था और वहां के मानवाधिकारों की दयनीय स्थिति को खुलकर बयां करती है। जेल के एक छोटे से कमरे से फोन के जरिए अलीरेजा और उसकी मंगेतर ने इस्लामिक रीति-रिवाजों के अनुसार एक-दूसरे को जीवनसाथी के रूप में स्वीकार किया। इस फोन कॉल के दौरान दोनों तरफ सिर्फ आंसू थे और मौत का खौफनाक साया था। एक तरफ जहां यह पल उनके लिए जिंदगी का सबसे बड़ा और भावनात्मक मिलन था, वहीं दूसरी तरफ मौत की तलवार उनके सिर पर लटक रही थी। अलीरेजा की मंगेतर ने तमाम उम्मीदें छोड़ दी थीं, लेकिन उसने अपने प्यार को कानूनी और धार्मिक रूप देने के लिए फोन पर ही इस निकाह को मंजूरी दे दी थी।
लेकिन ईरान के कट्टरपंथी प्रशासन ने इस मानवीय पहलू को भी पूरी तरह दरकिनार कर दिया। जिस उम्मीद के साथ अलीरेजा और उसकी मंगेतर ने फोन पर एक नई जिंदगी की शुरुआत की थी, वह खुशियां महज कुछ घंटों की मेहमान साबित हुईं। जेल अधिकारियों को जरा भी दया नहीं आई और उन्होंने बिना किसी रहम के अगले ही दिन सुबह-सवेरे अलीरेजा को फांसी के फंदे पर लटका दिया। इस तेजी से उठाए गए कदम ने न सिर्फ उस नवविवाहिता लड़की की दुनिया उजाड़ दी, बल्कि पूरे देश और दुनिया में मानवाधिकार कार्यकर्ताओं को झकझोर कर रख दिया है।
अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संगठनों की कड़ी निंदा
इस खौफनाक घटना के सामने आने के बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ईरान की सरकार के खिलाफ भारी गुस्सा देखने को मिल रहा है। विभिन्न मानवाधिकार संगठनों का कहना है कि ईरान में विरोध प्रदर्शनों में हिस्सा लेने वाले युवाओं को बिना निष्पक्ष सुनवाई के मौत के घाट उतारा जा रहा है। अलीरेजा का मामला इसका सबसे ताजा और क्रूर उदाहरण है, जहां एक कैदी की आखिरी इच्छा को भी बेरहमी से कुचल दिया गया। सोशल मीडिया पर लोग ईरान के प्रशासन की इस तानाशाही और अमानवीय रवैये की कड़ी आलोचना कर रहे हैं।
स्थानीय स्तर पर भी इस घटना के बाद डर और खौफ का माहौल बना हुआ है। सरकार के खिलाफ आवाज उठाने वाले युवाओं के परिवारों में मातम और दहशत का साया गहरा गया है। अलीरेजा की मंगेतर और उसके परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है, जिनकी दुनिया एक ही रात में उजड़ गई। द फ्रीलान्स की इस ग्राउंड पड़ताल से साफ पता चलता है कि ईरान में न्याय और मानवीय संवेदनाओं का गला कैसे घोंटा जा रहा है। फोन पर हुई यह शादी अब ईरान के दमनकारी इतिहास का एक ऐसा काला अध्याय बन गई है जिसे शायद ही कभी भुलाया जा सकेगा।
प्रेम और क्रूरता के बीच उलझी ईरान की हकीकत
यह पूरी घटना इंसानी जज्बे और सरकारी क्रूरता के बीच की उस जंग को दिखाती है जहां मोहब्बत हार जाती है और नफरत जीत जाती है। अलीरेजा ने अपनी मौत के मुहाने पर खड़े होकर भी जिस हिम्मत के साथ प्यार को चुना, वह दुनिया भर के लोगों को रुला गया है। लेकिन ईरान की जेलों के भीतर जो कुछ हो रहा है, वह किसी डरावने सपने से कम नहीं है। इस घटना ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि सत्ता के नशे में चूर हुक्मरानों को किसी के भी आंसुओं से कोई फर्क नहीं पड़ता।






