देश के कई राज्यों में मानसून एक बार फिर डरावना रूप ले चुका है। उत्तर प्रदेश से लेकर बिहार और उत्तराखंड तक भारी बारिश ने आम जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है। मौसम विभाग ने उत्तर प्रदेश के करीब 42 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। लगातार हो रही बारिश की वजह से राजधानी लखनऊ में पानी भर गया है। शहर के एक मशहूर मॉल के बेसमेंट और ग्राउंड फ्लोर पर पानी घुसने से हड़कंप मच गया है। लोग अपनी जान बचाने और गाड़ियों को सुरक्षित निकालने की कोशिश करते नजर आए।
प्रशासन की तरफ से लगातार लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी जा रही है। कई निचले इलाकों में पानी भर जाने से घरों और दुकानों को भारी नुकसान पहुंचा है। नदियां उफान पर हैं और कई जिलों में सड़कें पानी में डूब चुकी हैं। आम आदमी का घर से बाहर निकलना मुश्किल हो गया है। यातायात पूरी तरह से चरमरा गया है और कई मुख्य मार्गों पर गाड़ियों की लंबी कतारें लग गई हैं। नगर निगम की टीमें जलभराव को दूर करने के लिए मौके पर जुटी हुई हैं।
बिहार में बाढ़ का प्रकोप और 466 गांवों की दुर्दशा
उत्तर प्रदेश के अलावा पड़ोसी राज्य बिहार में भी हालात बहुत खराब हैं। राज्य के कई जिलों में नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, बिहार के लगभग 466 गांव इस समय बाढ़ की चपेट में आ चुके हैं। खेतों में खड़ी फसलें पूरी तरह डूब चुकी हैं जिससे किसानों को भारी आर्थिक नुकसान का सामना करना पड़ रहा है। लोग अपने घरों को छोड़कर सुरक्षित स्थानों और ऊंचे बांधों पर शरण लेने को मजबूर हैं।
प्रशासन की ओर से राहत और बचाव कार्य तेजी से चलाए जा रहे हैं। प्रभावित इलाकों में एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमों को तैनात कर दिया गया है। नाविकों की मदद से फंसे हुए लोगों को बाहर निकाला जा रहा है और उन्हें खाने-पीने की राहत सामग्री बांटी जा रही है। लेकिन लगातार बढ़ते जलस्तर के कारण राहत कार्यों में भी भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। गांव के रास्ते पूरी तरह कट चुके हैं और संपर्क टूट गया है।
उत्तराखंड में पहाड़ों का खिसकना और रास्ते बंद
पहाड़ी राज्यों की बात करें तो उत्तराखंड में हालात और भी ज्यादा खतरनाक हो चुके हैं। लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के चलते कई जगहों पर बड़े पैमाने पर लैंडस्लाइड यानी पहाड़ दरकने की घटनाएं सामने आई हैं। पहाड़ों से बड़े-बड़े पत्थर और मलबा नेशनल हाईवे पर आ गिरा है। इसके कारण चार धाम यात्रा समेत कई प्रमुख मार्ग पूरी तरह बंद कर दिए गए हैं। यात्रा पर आए तीर्थयात्रियों को सुरक्षित स्थानों पर रोक लिया गया है ताकि किसी तरह का बड़ा हादसा न हो सके।
प्रशासन और पुलिस बल मलबے को हटाने के काम में लगातार जुटे हुए हैं। सड़क मार्ग साफ करने के लिए बड़ी मशीनों और बुलडोजर का इस्तेमाल किया जा रहा है। मौसम विभाग ने आने वाले दो दिनों तक और अधिक बारिश होने की चेतावनी दी है। ऐसे में लोगों से अपील की गई है कि वे बहुत जरूरी होने पर ही अपने घरों से बाहर निकलें। पहाड़ी इलाकों में यात्रा करने से बचने की सख्त सलाह दी गई है ताकि किसी भी अनहोनी से बचा जा सके।






