पाकिस्तान के उत्तर-पश्चिमी शहर पेशावर से दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है। यहाँ एक स्थानीय स्कूल की इमारत की जर्जर छत अचानक भरभराकर नीचे आ गिरी। इस भीषण हादसे के समय कक्षाओं में पढ़ाई चल रही थी। मलबे के नीचे दबने से मौके पर ही कई बच्चों की दर्दनाक मौत हो गई। स्थानीय लोगों और प्रशासन ने तुरंत मिलकर राहत और बचाव का काम शुरू किया।
प्राप्त जानकारी के मुताबिक इस हादसे में अब तक 29 मासूम छात्रों और एक शिक्षक की जान जा चुकी है। इसके अलावा 40 से अधिक छात्र गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं। सभी घायलों को तुरंत पास के अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। कई बच्चों की हालत बेहद गंभीर बनी हुई है जिससे मरने वालों का आंकड़ा और भी बढ़ सकता है।
मलबे में फंसे बच्चों को निकालने के लिए युद्ध स्तर पर अभियान
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस, सेना और आपदा प्रबंधन की टीमें मौके पर पहुंच गईं। प्रशासन ने तुरंत भारी मशीनों को मंगवाकर मलबे को हटाने का काम शुरू किया। अंधेरा होने के बावजूद बचाव दल टॉर्च और क्रेन की मदद से लगातार काम कर रहे हैं। मलबे के नीचे अभी भी कई और बच्चों के फंसे होने की आशंका जताई जा रही है। एंबुलेंस लगातार घायलों को अस्पताल पहुंचा रही हैं।
स्थानीय लोगों का गुस्सा इस बात पर फूट पड़ा है कि स्कूल की इमारत काफी समय से जर्जर हालत में थी। स्कूल प्रबंधन और स्थानीय प्रशासन को कई बार इसकी शिकायत दी गई थी। इसके बावजूद समय रहते इमारत की मरम्मत नहीं कराई गई। इस लापरवाही की वजह से आज इतनी बड़ी जानमाल की हानि हुई है। अभिभावकों का रो-रोकर बुरा हाल है और वे न्याय की मांग कर रहे हैं।
प्रशासन ने दिए उच्चस्तरीय जांच के आदेश
हाथों में अपनों की तस्वीरें थामे रोते-बिलखते परिजन अस्पताल के बाहर जमा हो गए हैं। सरकार और स्थानीय प्रशासन ने इस पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच के आदेश दे दिए हैं। शुरुआती जांच में स्कूल भवन की जर्जर हालत और घटिया निर्माण सामग्री मुख्य कारण माने जा रहे हैं। प्रशासन ने दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने का भरोसा दिया है।
पाकिस्तान के इस इलाके में पुरानी और असुरक्षित इमारतों का मुद्दा एक बार फिर गहरा गया है। इस हादसे ने सरकारी स्कूलों की सुरक्षा व्यवस्था पर बड़ा सवालिया निशान लगा दिया है। देश भर में लोग इस घटना की कड़ी निंदा कर रहे हैं और शोक व्यक्त कर रहे हैं। राहत कार्य अभी भी जारी है और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर डटे हुए हैं।
स्कूलों की सुरक्षा पर उठे गंभीर सवाल
इस दुखद घटना के बाद पेशावर सहित पूरे इलाके के स्कूलों की जांच के निर्देश दिए गए हैं। अधिकारियों को आदेश मिला है कि वे सभी पुराने और खतरनाक भवनों को तुरंत खाली करवाएं। आम जनता का कहना है कि अगर समय रहते चेतावनी पर ध्यान दिया जाता तो इतने बच्चों की जान नहीं जाती। द फ्रीलान्स की टीम इस दर्दनाक घटना पर लगातार नजर बनाए हुए है और पल-पल की अपडेट जुटा रही है।



