कन्नड़ फिल्म इंडस्ट्री को हिला देने वाले रेणुकास्वामी मर्डर केस में कानूनी शिकंजा कसता जा रहा है। इस चर्चित मामले में बेंगलुरु की एक अदालत ने बड़ा फैसला सुनाते हुए आरोपी नंबर-14 प्रदोष एस. राव को सरकारी गवाह बना लिया है। अदालत के इस कदम से मुख्य आरोपियों की मुश्किलें काफी बढ़ सकती हैं, क्योंकि प्रदोष के पास इस पूरी आपराधिक साजिश से जुड़े कई अहम राज होने का दावा किया जा रहा है।
अदालत ने मंजूर की प्रदोष की माफी की अर्जी
बेंगलुरु की सिटी सिविल एंड सेशंस कोर्ट ने बुधवार को सुनवाई के दौरान प्रदोष राव की उस याचिका पर मुहर लगा दी, जिसमें उसने सरकारी गवाह बनने के एवज में माफी की मांग की थी। इससे पहले प्रदोष ने 11 पेज की एक विस्तृत याचिका दाखिल की थी। इस याचिका में उसने पुलिस जांच और हत्या की साजिश के दौरान हुई हर एक घटना का सच उगलने की बात कही थी। अदालत ने उसकी इस शर्त को स्वीकार कर लिया है कि वह कोर्ट के सामने मामले से जुड़े सभी तथ्यों का पूरा और सच्चा खुलासा करेगा।
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अभियोजन पक्ष के लिए क्यों अहम है यह फैसला?
इस हाई-प्रोफाइल मामले में विशेष लोक अभियोजक (SPP) ने अदालत को बताया था कि मुकदमे के दौरान कुछ गवाहों के बयानों में विरोधाभास सामने आया है। ऐसे में केस को मजबूत करने और न्याय के हित में प्रदोष राव की गवाही बहुत जरूरी साबित हो सकती है। अभियोजन पक्ष का मानना है कि प्रदोष के सरकारी गवाह बनने से कन्नड़ अभिनेता दर्शन थूगुदीपा और उनकी गर्लफ्रेंड पवित्रा गौड़ा की भूमिका को अदालत के सामने साबित करना आसान हो जाएगा।
"रेणुकास्वामी मर्डर केस में अदालत का यह फैसला कानूनी प्रक्रिया को सही दिशा में ले जाने वाला है। सच्चाई जल्द ही देश के सामने होगी।" — कानूनी विशेषज्ञ
हाईकोर्ट के निर्देश पर हुआ नया आदेश
प्रदोष राव को सरकारी गवाह बनाने का यह रास्ता इतना आसान नहीं था। इससे पहले भी ट्रायल कोर्ट ने उसे माफी दी थी, लेकिन मुख्य आरोपी अभिनेता दर्शन ने इस फैसले को कर्नाटक हाईकोर्ट में चुनौती दी थी। हाईकोर्ट ने प्रक्रिया से जुड़ी कुछ तकनीकी कमियों के चलते पुराने आदेश को रद्द कर दिया था और मामले को दोबारा ट्रायल कोर्ट के पास भेज दिया था। हाईकोर्ट के निर्देशों का पालन करते हुए अब बेंगलुरु की निचली अदालत ने नए सिरे से आदेश पारित कर प्रदोष को सरकारी गवाह के रूप में स्वीकार कर लिया है।
जेल में फोन इस्तेमाल करने को लेकर भी उठा सवाल
सुनवाई के दौरान अदालत में प्रदोष राव से जुड़ा एक अन्य विवाद भी उठा। अभिनेता दर्शन के वकीलों ने आरोप लगाया कि प्रदोष ने जेल के अंदर किसी अन्य कैदी की आईडी का इस्तेमाल करके अपनी पत्नी से फोन पर बात की थी। हालांकि, वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पेश हुए प्रदोष ने इस आरोप का जवाब देते हुए कहा कि उसे जेल अधिकारियों द्वारा जो आईडी दी गई थी, उसने उसी का इस्तेमाल किया था। इस मामले में भी दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।
जून 2024 में सामने आया था सनसनीखेज मामला
बता दें कि चित्रदुर्गा के रहने वाले रेणुकास्वामी की हत्या का यह मामला जून 2024 में देश भर में सुर्खियों में आया था। पुलिस जांच में सामने आया था कि कन्नड़ सुपरस्टार दर्शन थूगुदीपा और पवित्रा गौड़ा इस खौफनाक वारदात के पीछे मुख्य साजिशकर्ताओं में शामिल हैं। इस मामले में चार्जशीट के अनुसार कुल 272 गवाहों के नाम शामिल हैं, जिनमें केवल तीन प्रत्यक्षदर्शी हैं। ऐसे में प्रदोष राव का सरकारी गवाह बनना इस पूरे मुकदमे का रुख तय करने में सबसे अहम कड़ी साबित होने वाला है।







