चेन्नई/ग्राउंड ब्यूरो — तमिलनाडु में इन दिनों मौसम का मिजाज पूरी तरह बदला हुआ है। बंगाल की खाड़ी से उठने वाली मौसमी हलचल और चक्रवाती सिस्टम के असर से राज्य के कई हिस्सों में लगातार तेज बारिश हो रही है। मौसम विभाग ने साफ कर दिया है कि अगले कुछ घंटों तक बारिश का यह दौर थमने वाला नहीं है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए राज्य के कई जिलों में प्रशासन ने पूरी ताकत के साथ राहत और बचाव कार्यों की तैयारी शुरू कर दी है। लगातार हो रही मानसूनी बारिश ने आम जनजीवन को काफी हद तक प्रभावित किया है।
राजधानी चेन्नई समेत तिरुविडैमरुदूर, उठुक्कुली और डेल्टा जिलों में कल रात से ही रुक-रुक कर भारी बारिश दर्ज की जा रही है। मौसम विज्ञान केंद्र की दक्षिण क्षेत्रीय प्रमुख अमु ने मीडिया से बात करते हुए साफ कर दिया है कि इस चक्रवाती असर से निचले इलाकों में पानी भरने का खतरा बना हुआ है। उन्होंने लोगों से अपील की है कि बहुत जरूरी होने पर ही अपने घरों से बाहर निकलें। मौसम विभाग के इस ताजा अपडेट के बाद से प्रशासन पूरी तरह से मुस्तैद हो गया है और निचले इलाकों पर खास नजर रखी जा रही है ताकि किसी भी आपात स्थिति से तुरंत निपटा जा सके।
भारी बारिश के चलते कई जिलों में स्कूलों की छुट्टी
लगातार हो रही मूसलाधार बारिश और जलभराव की समस्या को देखते हुए राज्य सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए कई जिलों में आज शिक्षण संस्थानों यानी स्कूलों और कॉलेजों में छुट्टी घोषित कर दी गई है। जिला प्रशासन ने सोशल मीडिया और स्थानीय माध्यमों के जरिए माता-पिता और छात्रों को इस बारे में पहले ही सूचित कर दिया है। बच्चे घरों में सुरक्षित रहें और किसी तरह की अनहोनी न हो, इसलिए यह एहतियाती कदम उठाया गया है। कई जगहों पर परीक्षा की तारीखों में भी बदलाव किए जाने की खबरें सामने आ रही हैं।
बारिश के इस दौर से किसानों और स्थानीय दुकानदारों को भी खासी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। खेतों में पानी भर जाने से धान और अन्य फसलों को नुकसान पहुंचने की आशंका बढ़ गई है। कृषि विभाग के अधिकारी जमीनी स्तर पर जाकर स्थिति का जायजा ले रहे हैं ताकि किसानों के नुकसान का सही आकलन किया जा सके। स्थानीय प्रशासन ने राहत शिविरों को भी तैयार रखना शुरू कर दिया है ताकि जरूरत पड़ने पर प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा सके। बिजली और पानी की आपूर्ति सुचारू बनाए रखने के लिए तकनीकी टीमें मैदान में तैनात कर दी गई हैं।
मौसम विभाग की चेतावनी और चक्रवात का खतरा
मौसम विभाग के अनुसार इस मौसमी बदलाव के पीछे 'मोन्था' या चक्रवाती गतिविधियों का बड़ा हाथ है, जो तटीय इलाकों की तरफ बढ़ रहा है। हवा की गति तेज होने के कारण मछुआरों को समुद्र में बिल्कुल न जाने की सख्त सलाह दी गई है। बंदरगाहों पर खतरे के संकेत लगा दिए गए हैं ताकि कोई नाविक गहरे पानी में न उतरे। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि आने वाले चौबीस घंटों में बादलों की आवाजाही और तेज हवाओं के साथ बारिश का दायरा और बढ़ सकता है। तटीय इलाकों में रहने वाले लोगों को सबसे ज्यादा सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं।
मैदानी इलाकों में ट्रैफिक जाम और जलभराव आम लोगों के लिए बड़ी मुसीबत बन गया है। नगर निगम के कर्मचारी पंप लगाकर मुख्य सड़कों और कॉलोनियों से पानी निकालने के काम में जुटे हुए हैं। द फ्रीलान्स की टीम लगातार जमीनी हालात पर नजर बनाए हुए है और प्रशासन के साथ समन्वय स्थापित कर रही है। आम जनता से भी यही अपील की जा रही है कि वे मौसम विभाग की चेतावनियों को नजरअंदाज न करें। सुरक्षित रहें और प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पूरी सख्ती के साथ पालन करें।
प्रशासन की मुस्तैदी और जनता के लिए जरूरी निर्देश
आपदा प्रबंधन टीमों को किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए हाई अलर्ट पर रखा गया है। मुख्य मार्गों पर पुलिस बल तैनात है ताकि ट्रैफिक व्यवस्था सुचारू रहे और लोग जलभराव वाले रास्तों पर न फंसें। जिला मुख्यालयों में विशेष नियंत्रण कक्ष यानी कंट्रोल रूम बनाए गए हैं, जहां लोग पानी भरने या बिजली कटने की शिकायत दर्ज करा सकते हैं। सरकार की ओर से लगातार यह कोशिश की जा रही है कि आम नागरिकों को कम से कम परेशानी का सामना करना पड़े।
आने वाले दिनों में मौसम का यह मिजाज कैसा रहेगा, इस पर मौसम केंद्र लगातार अपनी नजर बनाए हुए है। जैसे ही कोई नया अपडेट आएगा, उसे तुरंत जनता तक पहुंचाया जाएगा। फिलहाल जरूरी है कि सभी लोग एहतियात बरतें और अनावश्यक यात्राओं से बचें। द फ्रीलान्स की इस ग्राउंड रिपोर्ट में आगे भी आपको सटीक और पुख्ता जानकारी मिलती रहेगी।






