नई दिल्ली/ग्राउंड ब्यूरो — भारतीय रेलवे नेटवर्क पर बीते कुछ दिनों में सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े करने वाली कई घटनाएं सामने आई हैं। देश के अलग-अलग हिस्सों से सोशल मीडिया पर ऐसे वीडियो वायरल हुए हैं जो रोंगटे खड़े कर देते हैं। एक तरफ जहां जान जोखिम में डालकर चलती ट्रेन पकड़ने वाले यात्रियों की जान पर बन आई, वहीं दूसरी तरफ सोशल मीडिया के लिए रील बनाने का शौक लोगों की जिंदगी पर भारी पड़ रहा है। रेलवे सुरक्षा बल और स्थानीय पुलिस लगातार लोगों से अपील कर रही है कि वे पटरियों और चलती ट्रेनों से दूर रहें, इसके बावजूद लोग अपनी जान दांव पर लगाने से बाज नहीं आ रहे हैं।
ताजा मामला उत्तर भारत के एक व्यस्त रेलवे स्टेशन का है, जहां एक यात्री चलती हुई ट्रेन में जल्दबाजी में चढ़ने की कोशिश कर रहा था। ट्रेन की रफ्तार तेज थी और यात्री का पैर फिसल गया, जिसके बाद वह सीधे चलती ट्रेन और प्लेटफॉर्म के बीच बने खतरनाक गैप की तरफ फिसलने लगा। गनीमत यह रही कि मौके पर मौजूद एक सतर्क ट्रैफिक कांस्टेबल ने अपनी जान की परवाह किए बिना महज दो सेकंड के भीतर फुर्ती दिखाई और यात्री को खींचकर सुरक्षित बाहर निकाल लिया। इस पूरी घटना का सीसीटीवी फुटेज अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है और लोग उस पुलिसकर्मी की बहादुरी की जमकर तारीफ कर रहे हैं।
रेलवे ट्रैक पर रील बनाने का जानलेवा शौक
दूसरी तरफ, एक अन्य दिल दहला देने वाली घटना में एक लड़का रेलवे ट्रैक के बीचों-बीच खड़े होकर इंस्टाग्राम रील बना रहा था। उसे अंदाजा ही नहीं था कि पीछे से आ रही तेज रफ्तार ट्रेन इतनी जल्दी उसके पास पहुंच जाएगी। वीडियो में साफ दिखता है कि लड़का कैमरे की तरफ देखकर पोज दे रहा था और कुछ ही पलों में ट्रेन ने उसे जोरदार टक्कर मार दी। इस तरह की घटनाएं इस बात का कड़वा सच उजागर करती हैं कि आज की युवा पीढ़ी लाइक्स और व्यूज के चक्कर में अपनी सुरक्षित जिंदगी को किस हद तक दांव पर लगा रही है। रेलवे प्रशासन ने कई बार चेतावनी बोर्ड लगाए हैं और विशेष अभियान चलाए हैं, लेकिन युवाओं में इस प्रकार की लापरवाही लगातार बढ़ती जा रही है।
इन व्यक्तिगत हादसों के साथ-साथ त्योहारों के इस सीजन में ट्रेनों की भारी किल्लत और भीड़भाड़ ने आम यात्रियों का सफर बेहद मुश्किल बना दिया है। देश के विभिन्न रूटों पर चलने वाली एक्सप्रेस और मेल ट्रेनों में जनरल कोच से लेकर स्लीपर क्लास तक पैर रखने की जगह नहीं मिल रही है। लोग किसी तरह ट्रेन के डिब्बों में घुसने के लिए संघर्ष करते नजर आ रहे हैं। सोशल मीडिया पर वायरल हो रही तस्वीरों और वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि कैसे यात्री त्योहारों के दिनों में अपने घर जाने के लिए जान जोखिम में डालकर खिड़कियों और दरवाजों से डिब्बों के अंदर प्रवेश कर रहे हैं। रेलवे स्टेशनों पर सुरक्षा बलों को भारी भीड़ को नियंत्रित करने के लिए खासी मशक्कत करनी पड़ रही है।
विरोध प्रदर्शनों और सुरक्षा पाबंदियों का असर
एक तरफ जहां यात्री सुविधाओं और भीड़ का दबाव रेलवे पर है, वहीं दूसरी तरफ राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में चल रहे विभिन्न विरोध प्रदर्शनों और सुरक्षा पाबंदियों ने यातायात व्यवस्था को और अधिक प्रभावित किया है। हाल ही में राजधानी में सुरक्षा के कड़े इंतजाम के चलते मेट्रो और कुछ ट्रेन सेवाओं को अचानक रोकना या उनके मार्गों में बदलाव करना पड़ा था। इन पाबंदियों के कारण आम यात्रियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। इस मामले पर देश की सबसे बड़ी अदालत ने भी कड़ा रुख अपनाया है और बिना पुख्ता योजना के यातायात बाधित करने व आम जनता की आवाजाही रोकने पर नाराजगी व्यक्त की है।
इन तमाम घटनाओं और जमीनी हालात को देखते हुए यह साफ हो जाता है कि भारतीय रेलवे के सामने इस समय सुरक्षा, अनुशासन और प्रबंधन तीनों मोर्चों पर बड़ी चुनौतियां खड़ी हैं। एक तरफ जहां यात्रियों को जागरूक करने की जरूरत है ताकि वे चलती ट्रेन में चढ़ने या ट्रैक पर रील बनाने जैसी मूर्खतापूर्ण हरकतें न करें, वहीं दूसरी तरफ रेलवे प्रशासन को भी त्योहारी सीजन में अतिरिक्त गाड़ियों का संचालन बढ़ाकर भीड़ को नियंत्रित करने के पुख्ता इंतजाम करने होंगे। द फ्रीलान्स की ग्राउंड पड़ताल यही कहती है कि जब तक आम नागरिक खुद अपनी सुरक्षा को लेकर गंभीर नहीं होंगे, तब तक केवल प्रशासनिक पाबंदियों से ऐसे हादसों को पूरी तरह रोक पाना असंभव है।
यात्रियों के लिए जरूरी दिशा-निर्देश और सुरक्षा उपाय
रेलवे अधिकारियों और सुरक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि यात्रा के दौरान थोड़ी सी सावधानी बड़े हादसों को टाल सकती है। कभी भी चलती ट्रेन में चढ़ने या उतरने का प्रयास न करें। यदि आपकी ट्रेन छूट गई है तो अगली ट्रेन का इंतजार करें या नियमों के तहत अपनी यात्रा की दूसरी व्यवस्था करें। इसके अलावा, रेलवे ट्रैक किसी भी स्थिति में फोटोग्राफी, वीडियोग्राफी या रील बनाने की जगह नहीं है। रेलवे अधिनियम के तहत पटरी पर चलना या वीडियो बनाना एक गंभीर अपराध है जिसके लिए भारी जुर्माना और जेल की सजा भी हो सकती है। त्योहारों के इस दौर में परिवार के साथ सुरक्षित घर पहुंचना हर यात्री की प्राथमिकता होनी चाहिए, न कि सोशल मीडिया पर वायरल होना।




