हैदराबाद/ग्राउंड ब्यूरो — देश में इन दिनों साइबर ठगी के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। लोग रोजाना अपनी मेहनत की गाढ़ी कमाई ऑनलाइन धोखाधड़ी में गंवा रहे हैं। इस गंभीर मसले पर तेलंगाना के जाने-माने आईपीएस अधिकारी वीसी सज्जनार खुलकर सामने आए हैं। उन्होंने सोशल मीडिया कंपनियों को साफ शब्दों में चेतावनी दी है। उनका कहना है कि डिजिटल मंचों पर चल रहे फर्जी विज्ञापनों और ठगी के जाल को अब और बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
वीसी सज्जनार अपनी सख्त कार्यशैली और बेबाक अंदाज के लिए जाने जाते हैं। उन्होंने हाल ही में एक सार्वजनिक मंच से डिजिटल धोखाधड़ी के तौर-तरीकों पर खुलकर बात की। उन्होंने बताया कि कैसे शातिर ठग फेसबुक, इंस्टाग्राम और यूट्यूब जैसे बड़े मंचों का इस्तेमाल कर रहे हैं। ये लोग नौकरी का झांसा देते हैं या फिर मोटा मुनाफा कमाने का लालच देकर आम जनता को लूटते हैं। अधिकारी ने इन कंपनियों से अपनी सुरक्षा प्रणालियों को मजबूत करने की मांग की है।
फर्जी विज्ञापनों और लुभावने ऑफर्स पर रोक की मांग
जांच में यह बात सामने आई है कि कई बार बड़े प्लेटफॉर्म्स पर बिना किसी सत्यापन के विज्ञापन चल जाते हैं। आम लोग इन विज्ञापनों पर भरोसा कर बैठते हैं और अपना पैसा गंवा देते हैं। वीसी सज्जनार ने इन कंपनियों से कहा है कि वे विज्ञापनों को छापने से पहले उनकी पूरी जांच करें। फर्जी खातों की पहचान के लिए भी आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल होना चाहिए ताकि अपराधियों को तुरंत पकड़ा जा सके।
अधिकारी ने यह भी कहा कि अगर ये कंपनियां समय रहते जरूरी कदम नहीं उठाती हैं, तो उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। साइबर अपराध शाखा लगातार ऐसे मामलों पर नजर बनाए हुए है। पिछले कुछ महीनों में कई ऐसे गिरोहों का पर्दाफाश हुआ है जो सोशल मीडिया के जरिए भोले-भाले लोगों को निशाना बना रहे थे। पुलिस ऐसे गिरोहों की जड़ों तक पहुंचने की कोशिश कर रही है ताकि जनता को बचाया जा सके।
आम जनता के लिए जरूरी सावधानी और सुरक्षा सलाह
द फ्रीलान्स की ग्राउंड टीम ने पाया है कि जागरूकता की कमी के कारण लोग आज भी आसानी से झांसे में आ जाते हैं। वीसी सज्जनार ने आम जनता से अपील की है कि वे किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक न करें। अगर कोई व्यक्ति बिना काम के बहुत ज्यादा मुनाफा देने का वादा करे, तो उसकी बातों में बिल्कुल न आएं। सतर्क रहकर ही इस तरह की ठगी से खुद को सुरक्षित रखा जा सकता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि केवल पुलिस या प्रशासन के अकेले प्रयास से इस समस्या का हल नहीं निकलेगा। इसमें सोशल मीडिया कंपनियों और आम नागरिकों को भी अपनी जिम्मेदारी निभानी होगी। वीसी सज्जनार की यह चेतावनी एक बार फिर इस बात की याद दिलाती है कि डिजिटल दुनिया में सावधानी ही सबसे बड़ा बचाव है। प्रशासन अब इन मामलों को लेकर और अधिक सख्त रुख अपनाने की तैयारी कर रहा है।
आगे की कार्रवाई और तकनीकी निगरानी बढ़ाने के निर्देश
राज्य की साइबर सुरक्षा यूनिट ने तकनीकी मोर्चे पर अपनी तैयारी और तेज कर दी है। संदिग्ध खातों और पैसों के लेन-देन पर पैनी नजर रखी जा रही है ताकि तुरंत रोक लगाई जा सके। वीसी सज्जनार ने विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि पीड़ितों की शिकायत पर बिना किसी देरी के कार्रवाई की जाए। पुलिस इस बात पर भी जोर दे रही है कि ठगी में इस्तेमाल होने वाले बैंक खातों को तुरंत फ्रीज किया जाए।
द फ्रीलान्स की इस ग्राउंड रिपोर्ट से यह साफ होता है कि साइबर अपराधियों के हौसले बुलंद हैं, लेकिन प्रशासन भी उन्हें रोकने के लिए पूरी तरह मुस्तैद है। सोशल मीडिया कंपनियों पर लगातार दबाव बनाया जा रहा है कि वे अपनी नीतियों में सुधार करें। आने वाले दिनों में इस दिशा में कुछ और कड़े कदम उठाए जाने की पूरी उम्मीद है, जिससे ऑनलाइन धोखाधड़ी पर लगाम लग सके।






