हैदराबाद/ग्राउंड ब्यूरो — देश में इन दिनों साइबर ठगी के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। आम लोग रोजाना ऑनलाइन धोखाधड़ी का शिकार हो रहे हैं। इस गंभीर मुद्दे पर तेलंगाना के जाने-माने आईपीएस अधिकारी वीसी सज्जनार खुलकर सामने आए हैं। उन्होंने सोशल मीडिया कंपनियों की कार्यप्रणाली पर सीधा सवाल उठाया है। सज्जनार का कहना है कि डिजिटल मंचों पर बिना जांच के चल रहे विज्ञापन ठगी का बड़ा जरिया बन रहे हैं।
अपनी बेबाक शैली के लिए पहचाने जाने वाले सज्जनार ने हाल ही में ऑनलाइन मंचों को कड़े शब्दों में चेतावनी दी है। उन्होंने साफ कहा है कि कंपनियों को यह सुनिश्चित करना होगा कि उनके प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल ठग न कर सकें। रिपोर्ट के अनुसार, कई बार नकली निवेश योजनाओं और लुभावने विज्ञापनों के जरिए लोगों को फंसाया जाता है। जब लोग इन विज्ञापनों पर भरोसा करते हैं, तो उनकी गाढ़ी कमाई पलभर में गायब हो जाती है।
सोशल मीडिया मंचों की जिम्मेदारी और ढुलमुल रवैया
वीसी सज्जनार ने अपने बयानों में इस बात पर जोर दिया है कि तकनीक का इस्तेमाल जनता की भलाई के लिए होना चाहिए। लेकिन आज स्थिति यह है कि इसका फायदा साइबर अपराधी उठा रहे हैं। बड़े सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के पास सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम होने का दावा किया जाता है। इसके बावजूद ठगी के विज्ञापन धड़ल्ले से चल रहे हैं। अधिकारी का मानना है कि जब तक इन कंपनियों पर कानूनी शिकंजा नहीं कसा जाएगा, तब तक हालात नहीं सुधरेंगे।
जमीनी स्तर पर पड़ताल करने पर यह बात सामने आती है कि ठग रोजाना नए तरीके अपनाते हैं। कभी शेयर बाजार में मुनाफे का झांसा दिया जाता है, तो कभी कम समय में अमीर बनाने का लालच दिया जाता है। आम आदमी इन लुभावने विज्ञापनों के जाल में आसानी से फंस जाता है। पुलिस और जांच एजेंसियां लगातार लोगों को सतर्क रहने की सलाह देती हैं। हालांकि, अकेले जागरूकता काफी नहीं है, जब तक मुख्य स्रोत यानी सोशल मीडिया ऐप इन विज्ञापनों को ब्लॉक नहीं करते।
आम जनता के लिए साइबर सुरक्षा और जरूरी सावधानी
इस पूरे मामले पर द फ्रीलान्स की टीम ने साइबर विशेषज्ञों से भी बातचीत की। विशेषज्ञों का कहना है कि किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक करने से पहले सौ बार सोचना चाहिए। अगर कोई सोशल मीडिया पर रातों-रात अमीर बनने का दावा कर रहा है, तो वह निश्चित रूप से फर्जी है। वीसी सज्जनार लगातार अपने सोशल मीडिया अकाउंट्स के जरिए भी लोगों को जागरूक कर रहे हैं। वे लगातार वीडियो और संदेश साझा कर रहे हैं ताकि लोग डिजिटल ठगों से बच सकें।
राज्य और केंद्र स्तर की एजेंसियां अब साइबर अपराधियों के खिलाफ बड़ा अभियान चलाने की तैयारी में हैं। पुलिस अधिकारियों का मानना है कि फर्जी खातों और सिम कार्ड के नेटवर्क को तोड़ना सबसे जरूरी काम है। वीसी सज्जनार की यह चेतावनी एक बार फिर बहस का मुद्दा बन गई है कि क्या डिजिटल कंपनियों को कानूनी रूप से अधिक जवाबदेह बनाया जाना चाहिए। आने वाले दिनों में इस पर कड़े नियम देखने को मिल सकते हैं, जिससे आम जनता को कुछ हद तक राहत मिल सकेगी।






