देश के युवाओं के लिए सेना में सेवा देने का सपना पूरा करने वाली 'अग्निपथ योजना' को लेकर मोदी सरकार ने एक बहुत ही ठोस और दूरदर्शी तैयारी कर ली है। रक्षा मंत्रालय के सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, सरकार ने अग्निवीरों के लिए एक नया 'एग्जिट प्लान' तैयार किया है। इस नई व्यवस्था का सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि जब कोई युवा चार साल की फौज की नौकरी पूरी करके बाहर निकलेगा, तो उसके हाथ में पहले से ही अगली नौकरी का ऑफर लेटर या उसका पक्का रास्ता होगा। उसे रोजगार के लिए लंबी और कठिन प्रक्रियाओं से नहीं गुजरना पड़ेगा।
जनवरी 2027 में पहला बैच पूरा करेगा चार साल का शानदार सफर
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि अग्निपथ योजना के तहत भारतीय सेना में भर्ती हुआ सबसे पहला बैच जनवरी 2027 में अपने चार साल पूरे करने जा रहा है। इस पहले बैच में देश भर के 19,000 से अधिक ऊर्जावान अग्निवीर शामिल हैं, जिन्होंने 1 जनवरी 2023 को फौज की वर्दी पहनी थी। सरकार चाहती है कि इन युवाओं का भविष्य पूरी तरह सुरक्षित रहे और देश सेवा के बाद उन्हें अपने करियर को लेकर किसी भी तरह की चिंता न सताए। इसी को ध्यान में रखते हुए मंत्रालयों के बीच तालमेल बिठाकर यह खास प्लान बनाया गया है।
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सेना के नियमित कैडर में चयन की प्रक्रिया अब होगी और भी आसान
मौजूदा नियमों के मुताबिक, चार साल की सेवा पूरी करने के बाद कुल अग्निवीरों में से 25 प्रतिशत युवाओं को सेना के परमानेंट कैडर में बनाए रखा जाता है। पहले यह होता था कि चार साल पूरे होने के बाद सभी युवा सेवा मुक्त होते थे और फिर इस 25 फीसदी हिस्से का चयन दोबारा होता था। लेकिन अब सरकार ने इस प्रक्रिया में बड़ा बदलाव किया है। अब इन 25 प्रतिशत सैनिकों की चयन प्रक्रिया उनकी सेवा अवधि खत्म होने से पहले ही पूरी कर ली जाएगी। आंतरिक परीक्षाओं और परफॉर्मेंस के आधार पर मेरिट पहले ही तैयार हो जाएगी, जिससे सेना में उनकी नियमित नियुक्ति के बीच कोई गैप न रहे।
75 प्रतिशत युवाओं के लिए अर्धसैनिक बलों और पुलिस में बंपर मौके
जो 75 प्रतिशत अग्निवीर चार साल के बाद सेना से बाहर आएंगे, उनके भविष्य को लेकर भी सरकार ने पुख्ता इंतजाम किए हैं। गृह मंत्रालय के विशेष पोर्टल के जरिए इन युवाओं को केंद्रीय अर्धसैनिक बलों (CAPF), राज्य पुलिस और अन्य सरकारी विभागों में आसानी से एडजस्ट किया जाएगा। बीएसएफ, सीआरपीएफ, सीआईएसएफ, आईटीबीपी और असम राइफल्स जैसे बड़े सुरक्षा बलों में सिपाही और राइफलमैन के पदों पर पूर्व अग्निवीरों के लिए पूरे 50 प्रतिशत तक का आरक्षण तय किया गया है। इतना ही नहीं, इन युवाओं को भर्ती के दौरान लिखित परीक्षा के साथ-साथ फिजिकल टेस्ट में भी विशेष छूट दी जाएगी।
भारतीय रेलवे और दूसरे विभागों में भी मिलेगा शानदार आरक्षण
सिर्फ सुरक्षा बल ही नहीं, बल्कि भारतीय रेलवे में भी पूर्व अग्निवीरों के लिए नौकरियों के द्वार खोल दिए गए हैं। रेलवे की कैटेगरी 1 के पदों पर पूर्व अग्निवीरों के लिए 10 प्रतिशत और कैटेगरी 2 या उससे ऊपर के पदों पर 5 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण का नियम बना दिया गया है। इसके अलावा केंद्र सरकार के तमाम विभागों और राज्य सरकारों के स्तर पर भी इन्हें प्राथमिकता देने के निर्देश दिए गए हैं। सरकार का साफ मानना है कि जिन युवाओं ने देश की रक्षा में अपना पसीना बहाया है, उन्हें समाज और देश की मुख्यधारा में बेहतरीन रोजगार मिलना ही चाहिए।
"देश के हमारे युवा अग्निवीर देश की आन, बान और शान हैं। चार साल की अनुशासित सेवा के बाद इनका भविष्य सुरक्षित करना हमारी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है, और इसके लिए सभी विभागों में पुख्ता व्यवस्था कर दी गई है।" — रक्षा मंत्रालय, भारत सरकार
कुल मिलाकर देखा जाए तो यह नई व्यवस्था उन लाखों युवाओं के लिए एक बड़ी राहत है जो सेना में जाकर देश की सेवा करना चाहते हैं और साथ ही अपने उज्जवल भविष्य को लेकर भी पूरी तरह आश्वस्त रहना चाहते हैं। सरकार के इस कदम से देश के युवाओं का भरोसा अग्निपथ योजना पर और अधिक मजबूत होगा।





