रोजाना के ट्रैफिक जाम से तंग आकर अपनाया आसमान का रास्ता
सुबह-सुबह नींद से जागकर दफ्तर के लिए निकलना और फिर रास्ते में गाड़ियों की लंबी कतारों तथा भीषण ट्रैफिक जाम में फंस जाना आज के दौर में करोड़ों लोगों की रोजमर्रा की सबसे बड़ी झुंझलाहट बन चुका है। सड़क पर रेंगती हुई गाड़ियां, हॉर्न का शोर और पेट्रोल-डीजल की बर्बादी इंसान की आधी ऊर्जा तो दफ्तर पहुंचने से पहले ही चाट जाती है। इस रोज-रोज के मानसिक तनाव से बचने के लिए लोग आमतौर पर मेट्रो, बस, कारपूल या बाइक का सहारा लेते हैं। लेकिन अमेरिका के कोलोराडो राज्य के पुएब्लो शहर में रहने वाले एक युवा ने इस समस्या का ऐसा नायाब और हैरान करने वाला हल ढूंढ निकाला है, जिसके बारे में जानकर अच्छे-अच्छे दिग्गजों का सिर चकरा जाए।
अमेरिका के इस शख्स ने सड़क के बजाय सीधे आसमान के रास्ते अपने दफ्तर की दूरी तय करना शुरू कर दिया है। न तो लाल बत्ती पर रुकने का झंझट और न ही किसी वाहन को ओवरटेक करने की मशक्कत। यह अनोखा कारनामा कर दिखाया है 28 वर्षीय जैकब हट्ज़लर ने, जिन्हें प्यार से लोग 'जेक' भी बुलाते हैं। जैकब का यह अनोखा सफर अब सोशल मीडिया की दुनिया में सुर्खियों में छाया हुआ है और लोग उनके इस गजब के जुगाड़ की चर्चा करते नहीं थक रहे हैं।
कौन हैं जैकब हट्ज़लर और क्या है उनका पेशा
मूल रूप से अमेरिका के कोलोराडो के रहने वाले जैकब हट्ज़लर बेहद दिलचस्प पेशे से जुड़े हुए हैं। वे एक पेशेवर एयर ट्रैफिक कंट्रोलर के रूप में काम करते हैं। उनका मुख्य काम एयरपोर्ट के कंट्रोल टावर से आसमान में उड़ने वाले विमानों को सही दिशा दिखाना और उनकी लैंडिंग व टेकऑफ को नियंत्रित करना होता है। बचपन के दिनों से ही जैकब को बादलों के बीच उड़ने और विमानन यानी एविएशन से गहरा लगाव रहा है। जैसे-जैसे वे बड़े हुए, उनका यह शौक उनके पेशेवर जीवन का भी एक अहम हिस्सा बन गया।
जैकब के मुताबिक, जब उन्होंने अपनी नौकरी की शुरुआत की, तो उन्हें महसूस हुआ कि उनके पास अपने इस पसंदीदा शौक को पूरा करने के लिए कम समय मिल पा रहा है। इसके बाद उन्होंने एक ऐसा रास्ता निकाला जिससे उनका काम भी हो जाए और आसमान में वक्त बिताने का उनका शौक भी पूरा हो जाए। उन्होंने अपनी रोजाना की दफ्तर की यात्रा को ही एक रोमांचक उड़ान में तब्दील करने का फैसला कर लिया। इस साल जून के महीने में उन्होंने पहली बार सड़क के रास्ते जाने के बजाय हवा में उड़कर दफ्तर जाने का जोखिम भरा और रोमांचक कदम उठाया। तब से लेकर अब तक, जब भी मौसम साफ और अनुकूल रहता है, वे इसी अनूठे तरीके से अपने कार्यस्थल पर पहुंचते हैं।
कैसे काम करती है यह उड़ने वाली मशीन
अब सवाल यह उठता है कि आखिर जैकब बिना किसी हवाई जहाज या हेलीकॉप्टर के आसमान में कैसे उड़ जाते हैं। दरअसल, वे जिस मशीन का इस्तेमाल करते हैं, उसे तकनीकी भाषा में 'पैरामोटर' कहा जाता है। यह हवा में उड़ने वाली एक बेहद हल्की और पोर्टेबल मशीन होती है, जिसे कोई भी व्यक्ति अपनी पीठ पर आसानी से लाद सकता है। इस उपकरण में एक बड़ा पैराशूट जैसा विंग यानी कपड़ा होता है, जो हवा में ग्लाइड करने में मदद करता है, और पीठ पर एक शक्तिशाली मोटर के साथ पंखा या प्रोपेलर बंधा होता है।
मोटर चालू होने पर पीछे से जबरदस्त थ्रस्ट यानी आगे धकेलने वाली ताकत मिलती है, जिससे ऑपरेटर हवा में ऊपर की ओर उठ जाता है। पैरामोटर को उड़ाने के लिए किसी बड़े और महंगे रनवे की कोई आवश्यकता नहीं होती है। इसे उड़ाने के लिए केवल थोड़ी सी जगह, उचित तकनीकी प्रशिक्षण और सुरक्षा नियमों की पूरी जानकारी होनी चाहिए। जैकब अपने अपार्टमेंट के ठीक बाहर सड़क पर अपना बड़ा सा पैराशूट विंग फैलाते हैं, पीठ पर मोटर कसते हैं, उसे चालू करते हैं और कुछ कदम दौड़कर सीधे हवा में तैरने लगते हैं।
सोशल मीडिया पर वायरल हुआ हवा में उड़ने का वीडियो
हाल ही में जैकब हट्ज़लर ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर एक वीडियो साझा किया है, जिसमें उन्होंने अपनी इस असाधारण और अनोखी यात्रा की पूरी झलक दिखाई है। इस वीडियो क्लिप में देखा जा सकता है कि कैसे वे सामान्य दिनों की तरह कार की चाबी उठाने के बजाय अपनी उड़ने वाली मोटर और किट को संभालते हैं। वे घर से बाहर निकलकर पैराशूट पहनते हैं, मशीन को चालू करते हैं और कुछ ही पलों में हवा में गोता लगाने लगते हैं।
आसमान से गुजरते हुए वे सीधे अपने दफ्तर यानी पुएब्लो एयरपोर्ट के पास पहुंचते हैं, जहां वे बड़ी ही कुशलता से अपने पैरामोटर को जमीन पर उतारते हैं। जमीन पर उतरने के बाद वे अपनी मशीन को समेटते हैं और सामान्य रूप से अपनी नौकरी पर लग जाते हैं। उनके इस वीडियो को इंटरनेट पर लाखों बार देखा जा चुका है और लोग इस पर जमकर मजेदार प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं।
"मैं एयर ट्रैफिक कंट्रोलर के रूप में अपनी नौकरी पर जाने के लिए सड़क के रास्ते का इस्तेमाल करने के बजाय अपने पैरामोटर से उड़ान भरना पसंद करता हूं। यह मेरे दिन की सबसे ताज़ा शुरुआत होती है।" — जैकब हट्ज़लर, एयर ट्रैफिक कंट्रोलर
क्या इस तरीके से सचमुच समय की बचत होती है
आम तौर पर लोगों को लगता है कि आसमान के रास्ते सीधे उड़कर जाने पर बहुत सारा समय बचता होगा, लेकिन वास्तविकता इससे थोड़ी अलग है। जैकब का कहना है कि सड़क पर कार चलाने के मुकाबले पैरामोटर से सफर करने में कभी-कभी थोड़ा ज्यादा समय भी लग जाता है। उड़ान भरने से पहले जमीन पर पैराशूट के विंग को सही तरीके से फैलाना, मोटर की जांच करना और उपकरण को दुरुस्त करना पड़ता है। इसी तरह, दफ्तर पहुंचने के बाद भी सारा सामान समेटकर सुरक्षित रखना होता है।










