देशभर में मौसम का मिजाज एक बार फिर तेजी से बदल गया है। मौसम विभाग यानी आईएमडी ने अगले कुछ घंटों के भीतर देश के 20 राज्यों में मूसलाधार बारिश का बड़ा अलर्ट जारी किया है। इस दौरान कई इलाकों में साठ किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की भी आशंका जताई गई है। बंगाल की खाड़ी में लगातार हलचल बनी हुई है, जिसका असर मैदानी और पहाड़ी दोनों तरह के राज्यों पर साफ दिखाई दे रहा है। आम लोग एक बार फिर घरों में दुबकने को मजबूर हो गए हैं और सड़कों पर पानी भरने की खबरें आनी शुरू हो गई हैं।
बिहार के मौसम पर नजर डालें तो वहां स्थिति लगातार बिगड़ती जा रही है। मौसम विभाग ने राज्य के अठारह जिलों में आंधी, बारिश और वज्रपात का येलो अलर्ट जारी किया है। राजधानी पटना समेत कुल सात जिलों में आज भी झमाझम बारिश दर्ज की गई है। मौसम विभाग का साफ कहना है कि राज्य में नौ अक्टूबर तक मौसम का मिजाज ऐसा ही बदला हुआ रहेगा। लगातार हो रही इस बारिश से किसानों की चिंताएं भी बढ़ गई हैं, क्योंकि खेतों में खड़ी धान की पकी हुई फसल पर इसका बुरा असर पड़ सकता है।
झारखंड और बंगाल की खाड़ी में हलचल का असर
बिहार के अलावा झारखंड में भी भारी बारिश का गंभीर अलर्ट जारी किया गया है। बंगाल की खाड़ी में उठे मौसमी तूफान और हलचल का सीधा असर झारखंड के कई जिलों पर पड़ रहा है। सबसे बड़ी परेशानी यह है कि इस समय राज्यभर में दुर्गापूजा का त्योहार चल रहा है। जगह-जगह बड़े और भव्य पूजा पंडाल बनाए गए हैं। अचानक हुई इस भारी बारिश और तेज हवाओं के कारण पंडालों को नुकसान पहुंचने का खतरा पैदा हो गया है। पंडाल घूमने वाले आम लोग भी बारिश की वजह से घरों में ही रहने को मजबूर हैं और पूजा समितियों की सारी तैयारियां धरी की धरी रह गई हैं।
पहाड़ी राज्यों का हाल भी कुछ ऐसा ही बना हुआ है। हिमाचल प्रदेश में मौसम ने बहुत ही तीखा तेवर अपना लिया है। राज्य के कई हिस्सों में चौदह अक्टूबर तक लगातार बारिश और बर्फबारी के आसार जताए गए हैं। मौसम विभाग ने आज ही हिमाचल के तीन प्रमुख जिलों में आंधी और बिजली गिरने का खतरनाक अलर्ट जारी किया है। मनाली और शिमला जैसे पर्यटन स्थलों पर घूमने पहुंचे सैलानियों को भी ठंड और बारिश का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय प्रशासन ने पर्यटकों और पहाड़ी रास्तों पर सफर करने वाले ड्राइवरों को पूरी सावधानी बरतने की सख्त सलाह दी है।
प्रशासन की तैयारियां और आम जनता की मुश्किलें
लगातार हो रही इस बेमौसम बारिश से देश के बड़े हिस्से में जनजीवन बुरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है। कई राज्यों में जलभराव के कारण ट्रैफिक जाम की भारी समस्या पैदा हो गई है। द फ्रीलान्स की ग्राउंड टीम ने पाया कि नगर निगम और स्थानीय प्रशासन के तमाम दावे बारिश के पहले ही पानी में बह गए हैं। सड़कों पर बने गड्ढों में पानी भरने से दुर्घटनाओं का खतरा कई गुना बढ़ गया है। स्कूल जाने वाले बच्चों और दफ्तर जाने वाले कर्मचारियों को भी भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। रेलवे और उड़ानों के संचालन पर भी इस खराब मौसम का असर देखा जा रहा है।
मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि वे बिना किसी जरूरी काम के घरों से बाहर न निकलें। खासकर जिन जिलों में रेड या येलो अलर्ट जारी किया गया है, वहां के लोगों को पेड़ों के नीचे या कमजोर इमारतों के पास खड़े होने से मना किया गया है। बिजली विभाग ने भी आंधी-तूफान के दौरान सुरक्षा के मद्देनजर कई इलाकों में बिजली की आपूर्ति अस्थायी रूप से काट दी है। अगले चौबीस से अड़तालीस घंटों तक मौसम के इसी तरह बने रहने की संभावना है, जिसके बाद ही हालात में कुछ सुधार होने की उम्मीद जताई जा रही है।
त्योहारों के सीजन में बढ़ी मुश्किलें
देशभर में इस वक्त त्योहारों का पावन माहौल चल रहा है, लेकिन मौसम की इस बेरुखी ने सारे समीकरण बिगाड़ दिए हैं। बाजारों में खरीदारी करने के लिए निकलने वाली भारी भीड़ अचानक गायब हो गई है। दुकानदारों का कहना है कि इस मानसूनी रुकावट की वजह से उनके व्यापार पर बहुत बुरा असर पड़ा है। पूजा समितियों के लिए भी बारिश के पानी से पंडालों को बचाना और आने वाले श्रद्धालुओं की व्यवस्था करना एक बड़ी चुनौती बन गया है। प्रशासन लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है और आपदा प्रबंधन टीमों को भी पूरी तरह मुस्तैद कर दिया गया है ताकि किसी भी आपात स्थिति से तुरंत निपटा जा सके।





