देशभर के बाजारों में इन दिनों सोने और चांदी की चमक हर किसी का ध्यान खींच रही है, लेकिन यह चमक आम आदमी की जेब पर भारी पड़ने लगी है। अक्टूबर के इस शुरुआती हफ्ते में कीमती धातुओं के दामों में जबरदस्त तेजी दर्ज की गई है। जानकारों का कहना है कि वैश्विक बाजार के रुख और स्थानीय मांग में अचानक आए उछाल के कारण कीमतों में यह बदलाव आया है। सर्राफा बाजार के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, खरीदारों को अब सोना और चांदी खरीदने के लिए पहले से कहीं ज्यादा पैसे चुकाने होंगे।
ताजा रिपोर्ट के अनुसार, चांदी की कीमतों में सबसे बड़ा बदलाव देखने को मिला है। बाजार में चांदी की कीमत में करीब 8,500 रुपये से ज्यादा की भारी बढ़ोतरी हुई है, जिससे यह रिकॉर्ड उच्च स्तर के करीब पहुंच गई है। वहीं दूसरी ओर, 10 ग्राम सोने के दाम में भी तीन हजार रुपये से अधिक का इजाफा हुआ है। जानकारों का अनुमान है कि अगर यही रफ्तार रही तो आने वाले दिनों में सोने और चांदी के दाम और भी ऊंचे स्तर को छू सकते हैं, जिससे आम मध्यमवर्गीय परिवारों के लिए गहने खरीदना एक बड़ा सपना बनता जा रहा है।
त्योहारी सीजन से पहले कीमतों में लगी आग
भारत में साल के इस हिस्से में शादियों और त्योहारों का दौर शुरू होने वाला होता है, और ऐसे समय में सोने-चांदी की मांग हमेशा ही आसमान छूती है। मांग बढ़ने के साथ ही व्यापारियों और निवेशकों की तरफ से भी खरीदारी तेज हो जाती है, जिसका सीधा असर बाजार के भाव पर पड़ता है। पिछले कुछ दिनों में अंतरराष्ट्रीय बाजार में आई हलचल के बाद, भारतीय सर्राफा बाजारों में भी उसका सीधा असर साफ-साफ दिखाई देने लगा है। बाजार के जानकारों का मानना है कि इस बार त्योहारी खरीदारी पर महंगाई की यह मार साफ तौर पर महसूस की जाएगी।
विशेषज्ञों का यह भी कहना है कि बाजार में लगातार हो रहे उतार-चढ़ाव के पीछे कुछ खास आर्थिक कारण छिपे हैं। कभी मुनाफावसूली के चलते दामों में हल्की गिरावट आती है, तो तुरंत बाद वैश्विक संकेतों के कारण कीमतें फिर से ऊपर चढ़ जाती हैं। इस लुकाछिपी के खेल में आम ग्राहक पिस रहा है जो लंबे समय से सोना खरीदने की योजना बना रहा था। दुकानदारों का कहना है कि ऊंचे दामों के कारण लोग अब खुलकर खरीदारी करने से बच रहे हैं और केवल जरूरत के मुताबिक ही छोटे आभूषण खरीद रहे हैं।
निवेशकों के लिए फायदा तो खरीदारों के लिए चिंता
एक तरफ जहां आम जनता बढ़े हुए दामों से परेशान है, वहीं दूसरी तरफ शेयर बाजार और कमोडिटी मार्केट के निवेशकों के लिए यह समय काफी मुनाफे वाला साबित हो रहा है। जिन लोगों ने पहले से सोने और चांदी में पैसा लगा रखा था, वे इस तेजी का पूरा फायदा उठा रहे हैं। हालांकि, जानकारों का यह भी सुझाव है कि बाजार के मौजूदा हालात को देखते हुए निवेशकों को बहुत सावधानी से कदम उठाना चाहिए क्योंकि बाजार में किसी भी समय करेक्शन या गिरावट आ सकती है।
दूसरी ओर, आम ग्राहकों और सर्राफा कारोबारियों के बीच असमंजस की स्थिति बनी हुई है। छोटे दुकानदारों का मानना है कि अगर कीमतें इसी तरह बढ़ती रहीं, तो उनके व्यापार पर बहुत बुरा असर पड़ेगा क्योंकि त्योहारी सीजन में होने वाली बिक्री ही उनका मुख्य सहारा होती है। फिलहाल, हर कोई यही उम्मीद कर रहा है कि आने वाले हफ्तों में बाजार में थोड़ी नरमी आए ताकि सोने और चांदी के भाव आम आदमी की पहुंच के भीतर आ सकें।
बाजार की आगे की चाल और ग्राहकों के लिए सलाह
इस पूरे घटनाक्रम के बीच वित्तीय विशेषज्ञों ने ग्राहकों को सलाह दी है कि वे बिना सोचे-समझे जल्दबाजी में खरीदारी न करें। बाजार की रोजाना बदलती चाल पर नजर रखना बेहद जरूरी है ताकि सही समय पर सही फैसला लिया जा सके। सरकार और अंतरराष्ट्रीय आर्थिक संस्थाओं की नीतियों का भी इन कीमतों पर सीधा असर पड़ रहा है, इसलिए आने वाले दिनों में दामों में और उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है। फिलहाल, ग्राहकों के लिए यही बेहतर है कि वे स्थानीय बाजार के आधिकारिक भाव देखकर ही अपनी खरीदारी की योजना बनाएं।



