नई दिल्ली/ग्राउंड ब्यूरो — देश के सर्राफा बाजार में सोने और चांदी के दाम ने एक बार फिर नया रिकॉर्ड बना दिया है। पिछले कुछ दिनों की मामूली सुस्ती के बाद अचानक आई इस तेजी ने बाजार के जानकारों को भी हैरान कर दिया है। मंगलवार को बाजार खुलते ही कीमती धातुओं की कीमतों में बड़ा उछाल दर्ज किया गया। दस ग्राम सोने का भाव बढ़कर अब डेढ़ लाख रुपये के पार पहुंच गया है। वहीं दूसरी ओर, चांदी की कीमतों में भी जोरदार तेजी आई है और यह रिकॉर्ड ऊंचाई पर ट्रेड कर रही है। आम आदमी की पहुंच से सोना और चांदी अब लगातार दूर होते जा रहे हैं।
बाजार से मिल रही ताजा जानकारी के मुताबिक, चांदी की कीमतों में सबसे बड़ी छलांग देखने को मिली है। चांदी की कीमत में अचानक आठ हजार रुपये से ज्यादा का इजाफा हुआ है, जिससे यह दो लाख रुपये के आंकड़े को पार कर चुकी है। पिछले नौ दिनों से बाजार में लगातार गिरावट का दौर चल रहा था, जिसे खरीदारों के लिए राहत माना जा रहा था। लेकिन यह राहत ज्यादा दिन नहीं टिक पाई और अचानक आई इस तेजी ने बाजार का पूरा गणित बदल दिया है। निवेशक इस स्थिति को लेकर सतर्क हो गए हैं और बाजार की हर एक चाल पर पैनी नजर रख रहे हैं।
शादियों के सीजन से पहले बढ़ी चिंता
आगामी त्योहारी और शादियों के सीजन को देखते हुए सोने और चांदी के बढ़े दामों ने आम जनता की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। मध्यमवर्गीय परिवारों के लिए सोना खरीदना अब बहुत मुश्किल हो गया है। जानकारों का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में चल रही उथल-पुथल का सीधा असर भारतीय बाजारों पर पड़ रहा है। डॉलर के मुकाबले रुपये की कमजोरी और वैश्विक स्तर पर सुरक्षित निवेश के रूप में सोने की मांग बढ़ने से कीमतें आसमान छू रही हैं। स्थानीय सर्राफा बाजारों में भी ग्राहकों की संख्या में कमी दर्ज की जा रही है क्योंकि लोग बढ़े हुए दामों पर खरीदारी करने से बच रहे हैं।
विभिन्न मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, 24 कैरेट सोने की कीमत देश के अलग-अलग हिस्सों में एक लाख उन्नीस हजार रुपये से लेकर डेढ़ लाख रुपये प्रति दस ग्राम तक बोली जा रही है। कीमतों में इस तरह के उतार-चढ़ाव से छोटे आभूषण विक्रेताओं के कारोबार पर भी बुरा असर पड़ रहा है। कारीगरों का कहना है कि लोग नया सोना खरीदने के बजाय पुराने गहनों को ही बदलवाने या रिपेयर कराने के लिए ज्यादा आ रहे हैं। इससे बाजार में नकदी का प्रवाह धीमा पड़ गया है और व्यापार को गति नहीं मिल पा रही है।
निवेशकों के लिए क्या है बाजार का रुख
शेयर बाजार में अस्थिरता के कारण निवेशक इन दिनों अपना पैसा सोने और चांदी में सुरक्षित मानकर लगा रहे हैं। कमोडिटी मार्केट के जानकारों का मानना है कि आने वाले दिनों में कीमतों में और भी उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है। कुछ रिपोर्टों में तो इस साल के अंत तक सोने के दाम और भी ऊपर जाने की संभावना जताई जा रही है। हालांकि, मौजूदा तेजी ने आम आदमी की जेब पर बड़ा असर डाला है। हर रोज बदलते इन दामों पर सरकार और बाजार नियामक संस्थाओं की भी नजर बनी हुई है ताकि किसी भी तरह की कालाबाजारी या कृत्रिम तेजी को रोका जा सके।
द फ्रीलान्स की ग्राउंड टीम ने जब पुरानी दिल्ली के मुख्य सर्राफा बाजार का दौरा किया, तो वहां दुकानदारों ने बताया कि इस बार ग्राहकी पर भारी असर पड़ा है। लोग दुकानों पर आकर सिर्फ भाव पूछकर लौट रहे हैं। जानकारों की सलाह है कि बाजार में इस तरह की तेज हलचल के दौरान ग्राहकों को बहुत सोच-समझकर ही खरीदारी करनी चाहिए। विशेषज्ञों का यह भी कहना है कि यदि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तनाव कम होता है, तो कीमतों में कुछ नरमी आने की उम्मीद की जा सकती है, तब तक ग्राहकों को बाजार के स्थिर होने का इंतजार करना चाहिए।
खरीदारी से पहले इन बातों का रखें ध्यान
बाजार में जारी इस उठापटक के बीच सर्राफा कारोबारियों ने ग्राहकों के लिए कुछ जरूरी सलाह दी है। हमेशा हॉलमार्क देखकर ही सोने के गहने खरीदें ताकि उसकी शुद्धता को लेकर किसी प्रकार का संदेह न रहे। इसके अलावा, सोने की खरीद पर मिलने वाला पक्का बिल और उसका जीएसटी चालान जरूर लें। आभूषण बनवाते समय मजदूरी शुल्क यानी मेकिंग चार्ज के बारे में पहले ही स्पष्ट बात कर लें क्योंकि अलग-अलग दुकानें इसके लिए अलग दरें वसूलती हैं। डिजिटल गोल्ड या सॉवरेन गोल्ड बॉंड में निवेश करने का विकल्प भी आज के समय में सुरक्षित माना जा रहा है, जिससे भौतिक सोना घर में रखने का जोखिम भी कम हो जाता है।




