उत्तर प्रदेश के एक छोटे से गांव से अजीबोगरीब प्रेम प्रसंग और शादी का मामला सामने आया है। यहां रहने वाले 75 साल के बुजुर्ग रामसुगर इन दिनों चर्चा का केंद्र बने हुए हैं। रामसुगर की उम्र भले ही ढल चुकी है लेकिन उनके दिल में इश्क की बयार अब भी बह रही है। वे अपनी ही बेटी की उम्र की सहेली से शादी करने जा रहे हैं। दुल्हन बनने वाली लड़की की उम्र महज 30 साल है। इस उम्र के फासले वाली शादी ने हर किसी को हैरान कर दिया है और यह खबर सोशल मीडिया पर भी तेजी से फैल रही है।
प्राप्त जानकारी के मुताबिक यह रिश्ता पूरी तरह से तय हो चुका है और शादी की तारीख भी पक्की कर दी गई है। परिवार और समाज के तमाम विरोध के बावजूद दोनों ने साथ जीने मरने की कसम खा ली है। रामसुगर के घर वाले इस फैसले से खासे नाराज बताए जा रहे हैं। उनका कहना है कि इस उम्र में इस तरह का कदम उठाना समाज में परिवार की नाक कटाने जैसा है। वहीं दूसरी तरफ रामसुगर अपनी जिद पर अड़े हुए हैं और वे किसी भी कीमत पर पीछे हटने को तैयार नहीं हैं।
नवरात्रि के तुरंत बाद होगी अनोखी शादी
इस रिश्ते की सबसे खास बात यह है कि शादी के लिए नवरात्रि के बाद का समय चुना गया है। परिवार के लोगों का मानना था कि शायद कुछ दिनों में रामसुगर का दिमाग बदल जाएगा। लेकिन ऐसा कुछ भी नहीं हुआ और बुजुर्ग अपनी बात पर कायम रहे। अब गांव में तरह-तरह की पंचायतें और बैठकों का दौर शुरू हो चुका है। कुछ लोग इसे बुजुर्ग का अकेलापन दूर करने का जरिया मान रहे हैं। वहीं अधिकांश लोग इसे समाज के नियमों के खिलाफ बताकर इसकी कड़ी आलोचना कर रहे हैं।
दुल्हन बनने जा रही 30 साल की युवती पहले से ही रामसुगर के घर आना-जाना करती थी। वह रामसुगर की बेटी की अच्छी दोस्त थी और अक्सर उनके घर रुका करती थी। इसी दौरान बुजुर्ग और युवती की नजदीकियां बढ़ने लगीं। दोस्ती धीरे-धीरे प्यार में बदल गई और दोनों ने उम्र के फासले को दरकिनार कर दिया। किसी को इस बात की भनक तक नहीं लगी कि दोनों के बीच ऐसा कुछ पक रहा है। जब इस बात का खुलासा हुआ तब तक बहुत देर हो चुकी थी और बात शादी तक पहुंच गई थी।
पारिवारिक कलह और समाज की प्रतिक्रिया
इस पूरे घटनाक्रम के बाद से इलाके में तनाव का माहौल बना हुआ है। रामसुगर के बच्चे इस शादी के खिलाफ अदालत जाने की तैयारी कर रहे हैं। उनका तर्क है कि उनके पिता की मानसिक स्थिति ठीक नहीं है और इस उम्र में उनका फायदा उठाया जा रहा है। दूसरी तरफ रामसुगर और उनकी होने वाली दुल्हन ने पुलिस सुरक्षा की मांग की है। उनका कहना है कि वे दोनों बालिग हैं और अपनी मर्जी से साथ रहना चाहते हैं। किसी को भी उनकी निजी जिंदगी में दखल देने का कोई अधिकार नहीं है।
गांव के बुजुर्गों का कहना है कि उन्होंने अपने जीवन में ऐसा मामला कभी नहीं देखा। एक तरफ जहां देश आधुनिक हो रहा है, वहीं इस तरह की घटनाएं पारंपरिक मूल्यों पर बड़े सवाल खड़े करती हैं। रामसुगर के इस फैसले ने उनके पूरे परिवार को दो हिस्सों में बांट दिया है। अब देखना यह होगा कि नवरात्रि के बाद होने वाली इस शादी पर कानून और समाज का क्या रुख रहता है। 'द फ्रीलान्स' इस मामले की पल-पल की जमीनी रिपोर्ट आप तक पहुंचाता रहेगा।
शादी की तैयारियां और आगे का घटनाक्रम
शादी की रस्मों को गुप्त रखने की कोशिश की जा रही है ताकि किसी तरह का हंगामा न हो। दोनों पक्षों ने स्थानीय मंदिरों और आर्य समाज के संपर्क साधना शुरू कर दिया है। सुरक्षा के लिहाज से शादी की जगह को गोपनीय रखा गया है। जैसे-जैसे नवरात्रि के दिन नजदीक आ रहे हैं, इस अनोखी शादी को लेकर उत्सुकता और तनाव दोनों ही अपने चरम पर पहुंच रहे हैं। पुलिस भी इस मामले पर पैनी नजर बनाए हुए है ताकि कानून व्यवस्था की कोई समस्या पैदा न हो।






