विज्ञापन • ADVERTISEMENT
होम/क्राइम/नाव में छेद और ओवरलोडिंग ने छीनी खुशियां, गंगा में डूबे 13 मासूम बच्चों के शव एक साथ घर पहुंचे
क्राइमपढ़ने में समय: 5 मिनट

नाव में छेद और ओवरलोडिंग ने छीनी खुशियां, गंगा में डूबे 13 मासूम बच्चों के शव एक साथ घर पहुंचे

गंगा नदी में हुए एक भीषण नाव हादसे में 13 मासूम बच्चों की मौत हो गई है। नाव में बड़ा छेद होने और क्षमता से अधिक लोगों को बैठाने के कारण यह हादसा हुआ। एक साथ 13 बच्चों के शव घर पहुंचने पर पूरे इलाके में मातम पसर गया है और परिवारों का रो-रोकर बुरा हाल है।
✍️
क्राइम एवं लीगल डेस्क, द फ्रीलांस
कानून व न्यायपालिका ब्यूरो•15 अक्टूबर 2026 • अपडेटेड•31
🌐Read in English →
शेयर करें:
नाव में छेद और ओवरलोडिंग ने छीनी खुशियां, गंगा में डूबे 13 मासूम बच्चों के शव एक साथ घर पहुंचे
📷 नाव में छेद और ओवरलोडिंग ने छीनी खुशियां, गंगा में डूबे 13 मासूम बच्चों के शव एक साथ घर पहुंचे — मुख्य घटनाक्रमफोटो साभार: रॉयटर्स / एजेंसीज़ / सोशल मीडिया

खबर की बड़ी बातें (Key Highlights)

  • गंगा नदी में हुए एक भीषण नाव हादसे में 13 मासूम बच्चों की मौत हो गई है। नाव में बड़ा छेद होने और क्षमता से अधिक लोगों को बैठाने के कारण यह हादसा हुआ। एक साथ 13 बच्चों के शव घर पहुंचने पर पूरे इलाके में मातम पसर गया है और परिवारों का रो-रोकर बुरा हाल है।
  • इस खबर से जुड़े सभी पहलुओं की जांच और निगरानी संबंधित विभागों द्वारा की जा रही है।
  • विशेषज्ञों के अनुसार इस घटनाक्रम का आम जनता पर सीधा असर पड़ सकता है।

नई दिल्ली/ग्राउंड ब्यूरो — उत्तर प्रदेश और बिहार की सीमाओं पर बहने वाली गंगा नदी के आंचल में एक बार फिर लापरवाही ने कई हंसते-खेलते परिवारों को उजाड़ दिया है। हाल ही में सामने आए इस भयावह हादसे में नदी के बीचों-बीच एक नाव अचानक डूब गई, जिसमें सवार 13 मासूम बच्चों की दर्दनाक मौत हो गई। जब एक साथ 13 बच्चों के शव उनके गांवों में पहुंचे, तो वहां का मंजर देखकर हर किसी का कलेजा फट गया। माताओं की चीख-पुकार और पिता के आंसुओं से पूरा गांव दहल उठा। यह हादसा किसी प्राकृतिक आपदा का परिणाम नहीं था, बल्कि इंसान की बनाई हुई लापरवाही और सिस्टम की अनदेखी का नतीजा था, जिसने एक झटके में कई घरों के चिराग बुझा दिए।

घटनास्थल पर मौजूद प्रत्यक्षदर्शियों और शुरुआती पुलिस जांच से चौंकाने वाला सच सामने आया है। जिस नाव में ये बच्चे सवार थे, उसके निचले हिस्से में पहले से ही एक बड़ा छेद था। इसके बावजूद नाव के नाविक और स्थानीय लोगों ने सुरक्षा नियमों को ताक पर रख दिया। नाव की अपनी तय क्षमता से कहीं ज्यादा बच्चों और सामान को उसमें ठूंस-ठूंस कर भर दिया गया था। नदी के बीच पहुंचते ही पानी उस छेद से तेजी से अंदर भरने लगा। जब तक लोग कुछ समझ पाते और संभलने की कोशिश करते, नाव का संतुलन बिगड़ चुका था और वह देखते ही देखते गंगा के गहरे पानी में समा गई। बच्चों को तैरना नहीं आता था और पानी का बहाव तेज होने के कारण वे खुद को बचा नहीं सके।

नाविक की लापरवाही और नियमों की अनदेखी बनी जानलेवा

गंगा और अन्य नदियों में चलने वाली इन नावों की सुरक्षा को लेकर प्रशासन के दावे हमेशा से कागजी साबित हुए हैं। इस हादसे में भी साफ दिख रहा है कि नाविक ने थोड़ी सी कमाई के लालच में मासूमों की जिंदगी दांव पर लगा दी थी। ग्रामीण इलाकों में आज भी बिना किसी लाइफ जैकेट, बिना फिटनेस जांच और बिना सुरक्षा उपकरणों के नावें धड़ल्ले से चलाई जा रही हैं। बच्चों को स्कूल भेजने या एक गांव से दूसरे गांव जाने के लिए इन असुरक्षित नावों के अलावा कोई दूसरा साधन नहीं होता। स्थानीय प्रशासन की सुस्ती और घाटों पर तैनात अधिकारियों की उदासीनता इस तरह के हादसों को खुला निमंत्रण देती है। बिना रजिस्ट्रेशन और जर्जर हालत में चल रही इन नावों पर रोक लगाने में जिम्मेदार विभाग पूरी तरह विफल रहे हैं।

हादसे की खबर मिलते ही स्थानीय गोताखोरों और पुलिस बल ने राहत और बचाव कार्य शुरू किया था, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। घंटों की कड़ी मशक्कत के बाद एक-एक करके बच्चों के शव नदी से बाहर निकाले गए। इन शवों को जब एम्बुलेंस के जरिए उनके पैतृक गांवों में पहुंचाया गया, तो वहां का माहौल बेहद गमगीन हो गया। घरों के बाहर जुटी भीड़ में हर आंख नम थी और लोग सिर्फ यही सवाल पूछ रहे थे कि आखिर इस मौत का जिम्मेदार कौन है। पुलिस ने नाविक के खिलाफ गंभीर धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है और उसकी तलाश जारी है, लेकिन क्या किसी की गिरफ्तारी इन मांओं की गोद सूनी होने के दर्द को कम कर सकती है?

विज्ञापन • ADVERTISEMENT

सुरक्षा के दावों और जमीनी हकीकत के बीच फंसी मासूम जिंदगियां

इस बड़ी दुर्घटना के बाद राज्य सरकार और स्थानीय प्रशासन ने मुआवजे का ऐलान तो कर दिया है, लेकिन ऐसे मरहम हादसों का दर्द कभी कम नहीं कर पाते। सवाल यह उठता है कि क्या हर बार किसी बड़ी अनहोनी के बाद ही प्रशासन की नींद खुलेगी? नदी किनारे बने हर घाट पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम क्यों नहीं किए जाते? ओवरलोडिंग रोकने के लिए पुलिस और स्थानीय निकाय के लोग कागजों के अलावा जमीन पर कार्रवाई क्यों नहीं करते? जब तक गांवों में आवागमन के लिए सुरक्षित पुल या पक्की व्यवस्था नहीं होती, तब तक गरीब और लाचार लोग अपनी जान जोखिम में डालकर ऐसी टूटी-फूटी नावों में सफर करने को मजबूर रहेंगे।

द फ्रीलान्स की टीम जब मौके पर पहुंची तो ग्रामीणों का गुस्सा साफ झलक रहा था। लोगों का कहना था कि उन्होंने कई बार प्रशासन से नावों की जांच और नए पुल के निर्माण की मांग की थी, लेकिन उनकी बात हमेशा फाइलों में दबा दी गई। आज इस लापरवाही ने उन परिवारों से उनके बच्चे छीन लिए जिनके सपने बहुत बड़े थे। गंगा की लहरें भले ही शांत बह रही हों, लेकिन उनके भीतर दबी इन 13 मासूमों की चीखें व्यवस्था के माथे पर एक कभी न मिटने वाला कलंक बन चुकी हैं। अब देखना यह होगा कि इस हादसे से सबक लेकर प्रशासन कोई ठोस कदम उठाता है या फिर कुछ दिनों बाद सब कुछ पहले की तरह सामान्य हो जाता है।

दोषियों पर सख्त कार्रवाई और भविष्य के लिए कड़े सबक

इस पूरे मामले ने देश भर के नदी किनारे बसे इलाकों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। आवश्यकता इस बात की है कि केवल औपचारिक जांच समितियों के गठन से आगे बढ़कर दोषियों को सजा दिलाई जाए। घाटों पर नावों के संचालन के लिए कड़े मानक तय होने चाहिए और हर नाविक के पास वैध लाइसेंस व सुरक्षा किट होना अनिवार्य किया जाना चाहिए। बच्चों की सुरक्षा से खिलवाड़ करने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाना चाहिए, तभी जाकर इस तरह के दर्दनाक हादसों पर लगाम लग सकती है और भविष्य में किसी और मां को अपनी औलाद की अर्थी को कंधा नहीं देना पड़ेगा।

प्रायोजित • SPONSORED
❤️
100% पाठक समर्थित मीडिया

निष्पक्ष व निडर पत्रकारिता को आपका साथ चाहिए

द फ्रीलांस बिना किसी कॉर्पोरेट या राजनीतिक दबाव के जनसरोकार की खबरें आप तक पहुँचाता है। आपका छोटा सा योगदान भी हमारी स्वतंत्रता की ताकत है।

संबंधित खबरें

बिहार के वैशाली में गंगा नदी में नाव डूबी, एक ही परिवार की 7 बच्चियों समेत 13 लोगों की दर्दनाक मौत

बिहार के वैशाली में गंगा नदी में नाव डूबी, एक ही परिवार की 7 बच्चियों समेत 13 लोगों की दर्दनाक मौत

केरल में शादियों का सीजन और बाल विवाह के खिलाफ यूनिसेफ की बड़ी चेतावनी

केरल में शादियों का सीजन और बाल विवाह के खिलाफ यूनिसेफ की बड़ी चेतावनी

सऊदी अरब में बांग्लादेशी कपल को सजा-ए-मौत, मक्का मस्जिद के पास अश्लील हरकत का आरोप

सऊदी अरब में बांग्लादेशी कपल को सजा-ए-मौत, मक्का मस्जिद के पास अश्लील हरकत का आरोप

सऊदी अरब में बांग्लादेशी कपल को मौत की सज़ा, पवित्र मक्का मस्जिद में अश्लील हरकत का आरोप

सऊदी अरब में बांग्लादेशी कपल को मौत की सज़ा, पवित्र मक्का मस्जिद में अश्लील हरकत का आरोप

अमित कश्यप हत्याकांड में पत्नी रविता और प्रेमी अमरदीप को फांसी की सजा, मेरठ कोर्ट का बड़ा फैसला

अमित कश्यप हत्याकांड में पत्नी रविता और प्रेमी अमरदीप को फांसी की सजा, मेरठ कोर्ट का बड़ा फैसला

मेरठ सांप कांड: अदालत ने हत्यारी पत्नी रविता और प्रेमी अमरदीप को सुनाई फांसी की सजा, पति की लाश पर छोड़ दिया था जहरीला सांप

मेरठ सांप कांड: अदालत ने हत्यारी पत्नी रविता और प्रेमी अमरदीप को सुनाई फांसी की सजा, पति की लाश पर छोड़ दिया था जहरीला सांप

पति को मारकर सांप से कटवाने वाली पत्नी और उसके प्रेमी को अदालत ने सुनाई फांसी की सजा

पति को मारकर सांप से कटवाने वाली पत्नी और उसके प्रेमी को अदालत ने सुनाई फांसी की सजा

पंजाब में नशे के मामलों पर केंद्र और राज्य सरकार आमने-सामने, गृह मंत्रालय की सख्ती से गरमाई सियासत

पंजाब में नशे के मामलों पर केंद्र और राज्य सरकार आमने-सामने, गृह मंत्रालय की सख्ती से गरमाई सियासत

✍️

क्राइम एवं लीगल डेस्क, द फ्रीलांस

सत्यापित संपादकीय डेस्क

कानून, न्यायपालिका, नागरिक अधिकार व जनसुरक्षा टीम

द फ्रीलांस की क्राइम और लीगल डेस्क अदालती फैसलों, सुप्रीम कोर्ट के ऐतिहासिक आदेशों, कानून व्यवस्था और जनसुरक्षा के मामलों की बिना किसी पूर्वाग्रह के तथ्यपरक रिपोर्टिंग करती है। हम निष्पक्ष, सटीक और तथ्यात्मक पत्रकारिता के लिए प्रतिबद्ध हैं। यह समाचार रिपोर्ट विभिन्न प्रमाणित समाचार एजेंसियों, आधिकारिक बयानों और स्थानीय संवाददाताओं से प्राप्त इनपुट के आधार पर तैयार की जाती है।

विज्ञापन • ADVERTISEMENT

संबंधित विजुअल स्टोरीज (Web Stories)

TAP TO VIEW

‘गंगा नाव हादसा’ व क्राइम से जुड़ी अन्य बड़ी खबरें

बिहार के वैशाली में गंगा नदी में नाव डूबी, एक ही परिवार की 7 बच्चियों समेत 13 लोगों की दर्दनाक मौतCRIME

बिहार के वैशाली में गंगा नदी में नाव डूबी, एक ही परिवार की 7 बच्चियों समेत 13 लोगों की दर्दनाक मौत

14 अक्टू॰31
केरल में शादियों का सीजन और बाल विवाह के खिलाफ यूनिसेफ की बड़ी चेतावनीCRIME

केरल में शादियों का सीजन और बाल विवाह के खिलाफ यूनिसेफ की बड़ी चेतावनी

16 अक्टू॰33
सऊदी अरब में बांग्लादेशी कपल को सजा-ए-मौत, मक्का मस्जिद के पास अश्लील हरकत का आरोपCRIME

सऊदी अरब में बांग्लादेशी कपल को सजा-ए-मौत, मक्का मस्जिद के पास अश्लील हरकत का आरोप

16 अक्टू॰24
सऊदी अरब में बांग्लादेशी कपल को मौत की सज़ा, पवित्र मक्का मस्जिद में अश्लील हरकत का आरोपCRIME

सऊदी अरब में बांग्लादेशी कपल को मौत की सज़ा, पवित्र मक्का मस्जिद में अश्लील हरकत का आरोप

16 अक्टू॰36
अमित कश्यप हत्याकांड में पत्नी रविता और प्रेमी अमरदीप को फांसी की सजा, मेरठ कोर्ट का बड़ा फैसलाCRIME

अमित कश्यप हत्याकांड में पत्नी रविता और प्रेमी अमरदीप को फांसी की सजा, मेरठ कोर्ट का बड़ा फैसला

16 अक्टू॰42
मेरठ सांप कांड: अदालत ने हत्यारी पत्नी रविता और प्रेमी अमरदीप को सुनाई फांसी की सजा, पति की लाश पर छोड़ दिया था जहरीला सांपCRIME

मेरठ सांप कांड: अदालत ने हत्यारी पत्नी रविता और प्रेमी अमरदीप को सुनाई फांसी की सजा, पति की लाश पर छोड़ दिया था जहरीला सांप

16 अक्टू॰24
पति को मारकर सांप से कटवाने वाली पत्नी और उसके प्रेमी को अदालत ने सुनाई फांसी की सजाCRIME

पति को मारकर सांप से कटवाने वाली पत्नी और उसके प्रेमी को अदालत ने सुनाई फांसी की सजा

16 अक्टू॰29
पंजाब में नशे के मामलों पर केंद्र और राज्य सरकार आमने-सामने, गृह मंत्रालय की सख्ती से गरमाई सियासतCRIME

पंजाब में नशे के मामलों पर केंद्र और राज्य सरकार आमने-सामने, गृह मंत्रालय की सख्ती से गरमाई सियासत

16 अक्टू॰45
विज्ञापन • ADVERTISEMENT