केरल में पिछले चौबीस घंटों के दौरान कई बड़े और हैरान करने वाले हादसे सामने आए हैं। एक तरफ जहां कोझिकोड में लापरवाही के कारण रेलवे ट्रैक पर एक भारी-भरकम लॉरी पलट गई, वहीं दूसरी तरफ एक फिल्म की शूटिंग के दौरान स्टंट मास्टर की जान चली गई। इन घटनाओं ने आम लोगों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रशासन और पुलिस विभाग लगातार स्थिति को संभालने में जुटे हैं, लेकिन इस तरह की घटनाएं राज्य में सुरक्षा नियमों के पालन पर बड़ा धब्बा लगा रही हैं।
ताजा मामला कोझिकोड का है जहां रेलवे ट्रैक के पास से गुजर रही एक लॉरी अचानक अनियंत्रित होकर पटरियों पर जा गिरी। इस भयानक हादसे के बाद उस रूट पर चलने वाली सभी महत्वपूर्ण ट्रेनों की आवाजाही पूरी तरह ठप हो गई। रेलवे अधिकारियों और राहत टीमों ने तुरंत मौके पर पहुंचकर क्रेन की मदद से लॉरी को ट्रैक से हटाने का काम शुरू किया। गनीमत यह रही कि हादसे के वक्त वहां कोई पैसेंजर ट्रेन नहीं गुजर रही थी, वरना एक बहुत बड़ा जानी नुकसान हो सकता था। रेलवे अधिकारियों का कहना है कि ट्रैक को दुरुस्त करने में कई घंटे का समय लगा और ट्रेनों के लेट होने से यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
शूटिंग के दौरान स्टंट मास्टर की मौत
एक अन्य दुखद घटना में फिल्म की शूटिंग के दौरान बड़ा हादसा हो गया जिसमें एक स्टंट मास्टर की मौत हो गई। शूटिंग के दौरान सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम न होने के कारण यह दर्दनाक हादसा पेश आया। पुलिस इस मामले में फिल्म निर्माण से जुड़े लोगों से पूछताछ कर रही है और यह जांच की जा रही है कि क्या शूटिंग के दौरान जरूरी सुरक्षा मानकों का पालन किया गया था या नहीं। इस घटना के बाद से फिल्म इंडस्ट्री में सुरक्षा को लेकर एक बार फिर बहस छिड़ गई है कि कलाकारों और तकनीशियनों की जान जोखिम में क्यों डाली जाती है।
इन सड़क और शूटिंग हादसों के अलावा राज्य के कोट्टियम जंक्शन के पास एक व्यावसायिक इमारत में अचानक भीषण आग भड़क उठी। आग इतनी भयानक थी कि देखते ही देखते उसने पूरी इमारत को अपनी चपेट में ले लिया और आसमान में धुएं का काला गुबार छा गया। स्थानीय लोगों ने तुरंत इसकी सूचना दमकल विभाग को दी जिसके बाद कई गाड़ियों ने मौके पर पहुंचकर घंटों की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। शुरुआती जांच में पता चला है कि आग शॉर्ट सर्किट की वजह से लगी थी, लेकिन पुलिस और फॉरेंसिक टीम इसके असली कारणों की गहराई से पड़ताल कर रही है।
प्रशासन की लापरवाही और बढ़ती चिंताएं
एक ही दिन में राज्य के अलग-अलग हिस्सों में इतने सारे हादसे होने से आम जनता में दहशत और गुस्सा दोनों का माहौल है। लोगों का कहना है कि अगर ट्रैफिक नियमों का सख्ती से पालन कराया जाए और रेलवे ट्रैक के पास सुरक्षा दीवारें मजबूत हों, तो ऐसे हादसों को रोका जा सकता है। इसके अलावा वाणिज्यिक इमारतों में भी फायर सेफ्टी नियमों की अनदेखी आए दिन बड़े हादसों को बुलावा दे रही है। प्रशासन का दावा है कि सभी मामलों में कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी और भविष्य में ऐसे हादसों को रोकने के लिए विशेष निगरानी दल बनाए जाएंगे।
द फ्रीलान्स की टीम इन सभी घटनाओं पर लगातार नजर बनाए हुए है और जमीनी स्तर पर अधिकारियों के साथ बातचीत कर रही है। चाहे वह रेलवे ट्रैक पर पलटी लॉरी का मामला हो या फिर शॉर्ट सर्किट से जली इमारत का, हर जगह सुरक्षा में बड़ी चूक देखने को मिली है। अब देखना यह होगा कि सरकार इन घटनाओं से क्या सबक लेती है और क्या वाकई जमीनी स्तर पर सुरक्षा के नियमों को और अधिक कड़ा किया जाता है ताकि आम जनता की जिंदगी को इस तरह खतरे में न डाला जाए।




