नई दिल्ली/ग्राउंड ब्यूरो — इंटरनेट की दुनिया में आज अचानक 'पिता' शब्द ट्रेंड करने लगा। इसके पीछे कोई एक वजह नहीं है, बल्कि देश के अलग-अलग कोनों से सामने आए कई बड़े मामले हैं। एक तरफ जहां रिश्तों की नई परिभाषाएं दिख रही हैं, वहीं दूसरी तरफ कुछ ऐसी घटनाएं भी सामने आई हैं जो इंसानियत को झकझोर कर रख देती हैं। द फ्रीलान्स की टीम ने जब इन तमाम मामलों की गहराई से पड़ताल की, तो पिता और परिवार से जुड़ी कई अलग-अलग और चौंकाने वाली तस्वीरें सामने आईं। समाज में पिता का किरदार सिर्फ एक नहीं है, बल्कि यह हालात और सोच के हिसाब से बदलता रहता है।
सबसे पहले बात करते हैं उस सकारात्मक और अनोखी घटना की जिसने लोगों का दिल जीत लिया है। एक मामले में बच्चों ने अपनी समझदारी का परिचय देते हुए खुद आगे बढ़कर अपने पिता की दूसरी शादी कराई और घर में नई दुल्हन लेकर आए। समाज में आम तौर पर इस तरह के कदम उठाने में लोग झिझकते हैं, लेकिन बच्चों की इस पहल ने साबित कर दिया कि सोच बदल रही है। बच्चे अब अपने अकेलेपन से जूझ रहे माता-पिता के दर्द को समझने लगे हैं। इस घटना को लेकर सोशल मीडिया पर लोग बच्चों की इस सोच की जमकर तारीफ कर रहे हैं।
जब परीक्षा दिलाने निकले पिता पर टूटा दुखों का पहाड़
लेकिन हर कहानी इतनी खूबसूरत नहीं होती। एक अन्य दिल दहला देने वाली घटना में एक पिता अपनी बेटी को परीक्षा दिलाने के लिए घर से निकला था। रास्ते में एक ऐसा दर्दनाक हादसा हुआ कि उस पिता को अपनी ही बेटी की अर्थी उठानी पड़ी। परीक्षा पास करके भविष्य संवारने के सपने देखने वाली बेटी की अचानक मौत ने पूरे परिवार को तोड़ कर रख दिया। सोचिए उस पिता पर क्याबीती होगी जो अपनी बेटी को हंसते हुए परीक्षा केंद्र छोड़ने चला था, लेकिन उसे लाश लेकर लौटना पड़ा। यह घटना सड़क सुरक्षा और हादसों की दर्दनाक सच्चाई को बयां करती है।
इसके अलावा, एक सनसनीखेज मामला यह भी सामने आया जहां एक बेटी के लापता होने की रिपोर्ट लिखाने खुद उसका पिता थाने पहुंचा था। पुलिस ने जब मामले की तह तक जाकर जांच की, तो उसकी अपनी ही छोटी बहन ने खौफनाक सच से पर्दा उठा दिया और हत्या का राज खोल दिया। अपनों के हाथों अपनों का खून होने की यह घटना समाज में फैल रही आपराधिक प्रवृत्ति और टूटते भरोसे का सबसे बड़ा उदाहरण है। एक पिता जो अपनी बेटी की तलाश का नाटक कर रहा था, उसी के दामन पर इस जुर्म के छींटे पाए गए।
अंधविश्वास और गुस्से का बच्चों के भविष्य पर घातक असर
पिता से जुड़े मामलों में एक और पहलू ज्योतिष और गुस्से से जुड़ा हुआ सामने आया है। ज्योतिषीय आकलन और मूलांक के आधार पर यह चेतावनी दी जा रही है कि कुछ खास मूलांक वाले माता-पिता को अपने गुस्से पर काबू रखना चाहिए। जानकारों का कहना है कि माता-पिता का लगातार गुस्सा रहना और उनका आक्रामक स्वभाव बच्चों के कोमल मन और उनके भविष्य पर बहुत बुरा असर डालता है। गुस्से में उठाया गया गलत कदम या कही गई कड़वी बातें बच्चों को मानसिक रूप से कमजोर कर सकती हैं।
दूसरी तरफ, अपराध जगत से भी बेहद डरावनी खबरें सामने आई हैं। दुमका से एक ऐसा मामला आया जहां चार बच्चों के एक पिता ने ही चौदह साल की एक नाबालिग बच्ची के साथ दरिंदगी की हदें पार कर दीं। इस घिनौने रेप-मर्डर केस में आरोपी के चेहरे पर मिले खरोंच के निशान ने उसे पुलिस की गिरफ्त तक पहुंचा दिया। एक तरफ जहां पिता को बच्चों का रक्षक माना जाता है, वहीं ऐसे मामलों का सामने आना समाज के माथे पर एक बड़ा कलंक है।
रिश्तों की इन अलग-अलग तस्वीरों से क्या सीख मिलती है?
द फ्रीलान्स की इस ग्राउंड पड़ताल से यह साफ हो जाता है कि 'पिता' शब्द के मायने आज के समाज में बहुत व्यापक हो गए हैं। एक तरफ जहां प्यार, त्याग और बच्चों द्वारा पिता के अकेलेपन को दूर करने जैसी सुखद घटनाएं हैं, वहीं दूसरी तरफ अपराध, अंधविश्वास, गुस्सा और हादसों का गमगीन अंधेरा भी है। समाज को इन सभी पहलुओं पर गहराई से सोचने की जरूरत है। कानून अपना काम कर रहा है, लेकिन अपनों के बीच टूटता भरोसा और बच्चों पर पड़ता मानसिक असर आज के समाज की सबसे बड़ी चुनौती बन चुका है।



