पेरिस/ग्राउंड ब्यूरो — खेल के मैदान पर मिली बड़ी जीत का जश्न जब सड़कों पर उतरा, तो वह देखते ही देखते बड़े पैमाने पर हिंसा में बदल गया। फ्रांस की राजधानी पेरिस में पीएसजी यानी पेरिस सेंट जर्मेन फुटबॉल टीम की जीत के बाद जश्न का माहौल था। लेकिन कुछ ही घंटों में यह खुशी का माहौल तनाव और झड़पों में तब्दील हो गया। पुलिस और फुटबॉल प्रेमियों के बीच हुई इस भीषण भिड़ंत ने पूरे शहर को सकते में डाल दिया है। सुरक्षा बलों ने हालात पर काबू पाने के लिए कड़े कदम उठाए और रात भर चले अभियानों में 400 से अधिक उपद्रवियों को गिरफ्तार कर लिया है।
घटना की शुरुआत तब हुई जब हजारों की संख्या में फुटबॉल फैंस अपनी पसंदीदा टीम की जीत का जश्न मनाने के लिए पेरिस की सड़कों पर जमा हो गए। शुरुआती दौर में सब कुछ सामान्य था और लोग अपनी टीम के समर्थन में नारे लगा रहे थे। लेकिन भीड़ में शामिल कुछ असामाजिक तत्वों ने माहौल को बिगाड़ना शुरू कर दिया। देखते ही देखते जश्न हिंसा में बदल गया और सड़कों पर आगजनी, तोड़फोड़ जैसी घटनाएं सामने आने लगीं। सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाया गया और यातायात पूरी तरह से ठप हो गया, जिससे आम नागरिकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
मैदान पर शानदार जीत और लुइस एनरिक की तारीफ
एक तरफ जहां पेरिस की सड़कों पर हिंसा का दौर चल रहा था, वहीं दूसरी तरफ टीम के मैनेजर लुइस एनरिक अपनी टीम के प्रदर्शन से बेहद खुश नजर आए। हाल ही में हुए मैचों में पीएसजी का प्रदर्शन बेहद शानदार रहा है। मैनचेस्टर सिटी के खिलाफ होने वाले मुकाबलों और घरेलू लीग के मैचों को लेकर कोच लुइस एनरिक ने टीम के खेल को लगभग परिपूर्ण बताया था। एतिहाद स्टेडियम और पार्क दे प्रेंस जैसे मैदानों पर टीम की जीत की लय लगातार मजबूत हो रही है। फैंस इसी जीत की खुशी का जश्न मना रहे थे, जो बाद में नियंत्रण से बाहर हो गया और प्रशासन के लिए सिरदर्द बन गया।
हिंसा की सूचना मिलते ही पेरिस की स्थानीय पुलिस और सुरक्षा बलों ने तुरंत मोर्चा संभाल लिया। उपद्रवियों को खदेड़ने के लिए पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े और वाटर कैलन का इस्तेमाल किया। भीड़ को तितर-बितर करने के दौरान पुलिस और उपद्रवियों के बीच जमकर संघर्ष हुआ, जिसमें कई जगहों पर पथराव की भी खबरें सामने आईं। सुरक्षा बलों ने पूरे इलाके को छावनी में बदल दिया ताकि किसी भी बड़ी अनहोनी को टाला जा सके। प्रशासन ने साफ कर दिया है कि कानून तोड़ने वालों और शांति व्यवस्था बिगाड़ने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।
गिरफ्तारियों का दौर और सुरक्षा एजेंसियों की सख्त कार्रवाई
पुलिस प्रशासन द्वारा दी गई आधिकारिक जानकारी के अनुसार, इस पूरी हिंसा और तोड़फोड़ के मामले में 400 से ज्यादा लोगों को गिरफ्तार किया गया है। पकड़े गए उपद्रवियों से पूछताछ की जा रही है और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर अन्य आरोपियों की पहचान भी की जा रही है। स्थानीय प्रशासन यह पता लगाने की कोशिश कर रहा है कि इस हिंसा के पीछे किसी संगठित गिरोह का हाथ था या यह भीड़ का अचानक भड़का हुआ गुस्सा था। शहर के संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा और बढ़ा दी गई है ताकि आगे किसी भी तरह की अशांति न फैले।
खेल प्रेमियों और आम जनता का कहना है कि जीत का जश्न मनाने का यह तरीका बिल्कुल गलत था। इस तरह की हिंसा से न सिर्फ खेल की छवि खराब होती है बल्कि आम जनता को भी भारी नुकसान उठाना पड़ता है। प्रशासन ने अपील की है कि लोग खेल का आनंद लें और अनुशासित रहें। आने वाले दिनों में पीएसजी के होने वाले अन्य बड़े मैचों को लेकर भी सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। पुलिस अब किसी भी तरह की ढील देने के मूड में नहीं है और शहर में शांति बनाए रखने के लिए पूरी तरह से मुस्तैद है।
खेल और सुरक्षा के बीच बढ़ती चिंताएं
इस पूरी घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि बड़े खेल आयोजनों के दौरान फैंस की भीड़ को कैसे नियंत्रित किया जाए। यूरोपियन फुटबॉल में अक्सर जीत या हार के बाद इस तरह की हिंसक घटनाएं देखने को मिलती हैं, जो खेल भावना के विपरीत हैं। फ्रांस सरकार और खेल मंत्रालय इस मामले पर गंभीर मंथन कर रहे हैं। आने वाले फुटबॉल मुकाबलों से पहले स्टेडियम के बाहर और पूरे शहर में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने के निर्देश दिए गए हैं ताकि खेल का मैदान जंग का मैदान न बने।



