तमिलनाडु में मौसम का मिजाज अचानक पूरी तरह बदल गया है। राज्य के कई हिस्सों में पिछले कुछ घंटों से मूसलाधार बारिश हो रही है। चक्रवात 'डितवा' के प्रभाव के कारण यह स्थिति उत्पन्न हुई है। मौसम विभाग ने अगले पांच दिनों तक भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। लगातार हो रही इस बारिश से आम जनजीवन प्रभावित हुआ है। सड़कों पर पानी भरने से लोगों को आने-जाने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
खराब मौसम और भारी बारिश की चेतावनी को देखते हुए राज्य सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए 29 नवंबर 2025 के लिए कई जिलों में शैक्षणिक संस्थानों में छुट्टी घोषित कर दी गई है। चेन्नई समेत कुल 12 जिलों में स्कूल और कॉलेज बंद रखे गए हैं। जिला प्रशासन स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है ताकि किसी भी आपात स्थिति से तुरंत निपटा जा सके। राहत और बचाव दलों को भी पूरी तरह मुस्तैद कर दिया गया है।
किन-किन जिलों में घोषित की गई है छुट्टी
प्रशासन की ओर से मिली जानकारी के अनुसार चेन्नई, तिरुवल्लूर, कांचीपुरम और चेंगलपट्टू जैसे तटीय जिलों में बारिश का असर सबसे ज्यादा दिख रहा है। इन इलाकों में लगातार बारिश के कारण जलभराव की गंभीर समस्या पैदा हो गई है। बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए इन 12 जिलों के सभी प्राइवेट और सरकारी स्कूलों के साथ कॉलेजों में भी अवकाश की घोषणा कर दी गई है। अभिभावकों से अपील की गई है कि वे बच्चों को घरों से बाहर न निकलने दें।
मौसम विभाग के अनुसार बंगाल की खाड़ी में बने सिस्टम के कारण यह भारी बारिश हो रही है। हवा की गति भी तेज रहने की संभावना जताई गई है। मछुआरों को समुद्र में न जाने की कड़ी चेतावनी दी गई है। तटीय इलाकों में रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने के लिए कहा गया है। स्थानीय प्रशासन ने निचले इलाकों से लोगों को निकालने के लिए विशेष शिविर भी तैयार किए हैं ताकि किसी को परेशानी न हो।
मौसम विभाग का अगले पांच दिनों का अनुमान
मौसम विज्ञान केंद्र ने स्पष्ट किया है कि अगले कुछ दिनों तक राहत मिलने के आसार कम हैं। चेन्नई और उसके आस-पास के इलाकों में रुक-रुक कर भारी बारिश का दौर जारी रह सकता है। मौसम विभाग के अधिकारियों ने लोगों से गैर-जरूरी यात्रा से बचने की अपील की है। ट्रैफिक पुलिस भी सड़कों पर जलभराव वाले रास्तों पर यातायात को नियंत्रित करने में जुटी है ताकि गाड़ियां फंसे नहीं।
जमीनी स्तर पर हालात से निपटने के लिए नगर निगम की टीमें पूरी तरह सक्रिय हैं। सड़कों और सबवे से पानी निकालने के लिए बड़े पंप लगाए गए हैं। बिजली विभागों को भी निर्देश दिए गए हैं कि वे एहतियात के तौर पर संवेदनशील इलाकों में बिजली आपूर्ति की निगरानी रखें। द फ्रीलान्स की टीम लगातार जमीनी रिपोर्ट के जरिए आप तक पल-पल की सही जानकारी पहुंचा रही है।
प्रशासन की अपील और एहतियाती कदम
सरकार ने नागरिकों से अफवाहों पर ध्यान न देने की बात कही है। केवल आधिकारिक बुलेटिन और मौसम विभाग की चेतावनियों पर भरोसा करने को कहा गया है। किसी भी आपात स्थिति के लिए हेल्पलाइन नंबर भी जारी किए गए हैं जिन पर लोग मदद के लिए संपर्क कर सकते हैं। आपदा प्रबंधन बल की टुकड़ियों को संवेदनशील जिलों में तैनात कर दिया गया है।
यह बारिश पूर्वोत्तर मानसून का हिस्सा है जो इस बार ज्यादा सक्रिय नजर आ रहा है। कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि इस बारिश से जहां कुछ फसलों को नुकसान हो सकता है, वहीं जल स्रोतों में पानी का स्तर भी सुधरेगा। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए नागरिकों को अगले कुछ दिनों तक बेहद सतर्क और सुरक्षित रहने की जरूरत है।




