हैदराबाद/ग्राउंड ब्यूरो — देश भर में साइबर ठगी के मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं। इसी बीच वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी वीसी सज्जनानार का नाम सोशल मीडिया पर अचानक से फिर चर्चा में आ गया है। लोग ऑनलाइन सुरक्षा और उनके पुराने बयानों को बड़े पैमाने पर खोज रहे हैं। वीसी सज्जनानार अपनी बेबाक कार्यशैली और सोशल मीडिया पर फेक न्यूज के खिलाफ उठाए गए कदमों के लिए जाने जाते हैं। इंटरनेट पर उनकी सक्रियता और जनता को जागरूक करने के अभियान ने एक बार फिर लाखों लोगों का ध्यान अपनी ओर खींचा है।
पिछले कुछ घंटों में गूगल ट्रेंड्स पर वीसी सज्जनानार से जुड़े विषयों को हजारों लोगों ने सर्च किया है। हाल ही में कई ऑनलाइन धोखाधड़ी के मामलों में उनके नाम का हवाला देकर लोगों को सतर्क किया गया है। डिजिटल दुनिया में फैल रही झूठी खबरों और वित्तीय घोटालों के इस दौर में लोग उनकी राय को बहुत अहम मान रहे हैं। हमारे फील्ड रिपोर्टर ने जब साइबर सेल के आंकड़ों की पड़ताल की, तो पता चला कि हर दिन सोशल मीडिया के जरिए आम नागरिकों को चूना लगाया जा रहा है।
ऑनलाइन ठगी और फर्जी विज्ञापनों से कैसे बचें?
साइबर अपराधी इन दिनों लोगों को ठगने के लिए नए-नए तरीके अपना रहे हैं। कभी निवेश पर भारी मुनाफे का झांसा दिया जाता है, तो कभी केवाईसी अपडेट करने के नाम पर बैंक खाते खाली कर दिए जाते हैं। ऐसे मामलों में वीसी सज्जनानार हमेशा से सोशल मीडिया कंपनियों और आम जनता को जिम्मेदार रवैया अपनाने की सलाह देते आए हैं। उनका साफ कहना है कि बिना सोचे-समझे किसी भी लिंक पर क्लिक करना खतरनाक हो सकता है। आज के समय में हर इंटरनेट यूजर को अपनी डिजिटल सुरक्षा को लेकर बेहद सावधान रहने की जरूरत है।
हमारी ग्राउंड टीम ने हैदराबाद के कुछ स्थानीय नागरिकों और साइबर एक्सपर्ट्स से इस बारे में बात की। लोगों का मानना है कि जब तक प्रशासनिक अधिकारी इस तरह की सख्ती दिखाते रहेंगे, तब तक अपराधियों के मन में डर बना रहेगा। वीसी सज्जनानार ने अपने बयानों में बार-बार इस बात पर जोर दिया है कि तकनीक का इस्तेमाल जनता को डराने के लिए नहीं, बल्कि उनकी भलाई के लिए होना चाहिए। पुलिस विभाग और साइबर सेल लगातार ऐसे गिरोहों का पर्दाफाश कर रहे हैं जो भोले-भाले लोगों को अपना शिकार बनाते हैं।
सोशल मीडिया पर गलत सूचना फैलाने वालों पर होगी कार्रवाई
आज के समय में व्हाट्सएप, फेसबुक और एक्स जैसे मंचों पर अफवाहें आग की तरह फैलती हैं। कई बार बिना सोचे-समझे लोग ऐसी खबरें आगे बढ़ा देते हैं जो समाज में तनाव पैदा करती हैं। वीसी सज्जनानार ने अतीत में भी कई बार ऐसे लोगों को चेतावनी दी है जो डिजिटल प्लेटफॉर्म का दुरुपयोग करते हैं। प्रशासन अब ऐसे तत्वों की पहचान करने के लिए विशेष तकनीक का इस्तेमाल कर रहा है ताकि समय रहते उचित कदम उठाए जा सकें।
आम आदमी के लिए यह जरूरी है कि वह किसी भी संदेश को आगे भेजने से पहले उसकी सच्चाई की जांच जरूर करे। इंटरनेट पर दिखने वाली हर चमकती चीज असली नहीं होती है, और यही बात वित्तीय निवेश के मामलों में भी लागू होती है। द फ्रीलान्स की इस ग्राउंड रिपोर्ट से यह साफ होता है कि डिजिटल सुरक्षा केवल पुलिस की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि इसमें हर नागरिक की बराबर की हिस्सेदारी है। सतर्क रहकर ही हम इस आधुनिक ठगी के जाल से खुद को बचा सकते हैं।
सुरक्षित डिजिटल सफर के लिए जरूरी सावधानियां
जब भी आप इंटरनेट का इस्तेमाल करें, अपने निजी दस्तावेज और पासवर्ड किसी के साथ साझा न करें। बैंक कभी भी फोन पर पिन या ओटीपी नहीं मांगते हैं। यदि आपके साथ किसी भी प्रकार की ऑनलाइन धोखाधड़ी होती है, तो तुरंत राष्ट्रीय साइबर क्राइम हेल्पलाइन नंबर पर संपर्क करें। वीसी जैसे वरिष्ठ अधिकारियों का यह संदेश साफ है कि जागरूकता ही हमारा सबसे बड़ा हथियार है। आने वाले दिनों में प्रशासन ऑनलाइन सुरक्षा को लेकर और भी कड़े कदम उठाने की तैयारी कर रहा है।




