नई दिल्ली/ग्राउंड ब्यूरो — देश में रिटायरमेंट की प्लानिंग करने वाले लोगों के लिए एक बड़ी और काम की खबर सामने आई है। पेंशन सेक्टर को कंट्रोल करने वाली संस्था PFRDA यानी पेंशन फंड रेग्युलेटरी डेवलपमेंट अथॉरिटी ने नेशनल पेंशन सिस्टम यानी NPS को आम आदमी तक बहुत आसान बना दिया है। अब किसी भी व्यक्ति को पेंशन खाता खुलवाने के लिए लंबी लाइनों में खड़े होने की जरूरत नहीं है। लोग अब सीधे अपने मोबाइल फोन और यूपीआई के जरिए घर बैठे ही अपना एनपीएस खाता खोल सकते हैं। इस कदम से देश के दूर-दराज के इलाकों में रहने वाले आम नागरिकों के लिए भी रिटायरमेंट फंड तैयार करना बहुत आसान हो गया है।
इस पूरी योजना के तहत PFRDA ने बाजार में अपनी पकड़ और पहुंच को मजबूत करने के लिए कई नए रास्ते खोले हैं। हाल ही में एक खास बातचीत में PFRDA के चेयरमैन एस रमन्ना ने बताया कि संस्था ने एनपीएस की पहुंच बढ़ाने के लिए दो बिल्कुल नए प्लेटफॉर्म लॉन्च किए हैं। इनमें पहला प्लेटफॉर्म 'एनपीएस तत्काल' है जिसे खास तौर पर बैंकों के लिए तैयार किया गया है। वहीं दूसरा प्लेटफॉर्म 'स्टार एनपीएस' है जिसे पेंशन एजेंटों के लिए बनाया गया है। इन दोनों प्लेटफॉर्म्स के आ जाने से बैंक और एजेंट बहुत ही कम समय में ग्राहकों के खाते खुलवा सकेंगे और उन्हें सही जानकारी दे सकेंगे।
बैंकिंग सेक्टर और क्षेत्रीय भाषाओं में बड़ा विस्तार
पेंशन के इस कारोबार में अब बड़े सरकारी बैंकों ने भी अपनी दिलचस्पी दिखानी शुरू कर दी है। हाल ही में बैंक ऑफ बड़ौदा ने आधिकारिक तौर पर पेंशन फंड बिजनेस में अपनी एंट्री कर ली है। इसके साथ ही बैंक ऑफ बड़ौदा देश का दूसरा ऐसा सार्वजनिक क्षेत्र का बैंक बन गया है जो इस कारोबार में उतरा है। इससे साफ पता चलता है कि आने वाले दिनों में देश के अंदर पेंशन फंड का बाजार कितना तेजी से फैलने वाला है। बैंकों के जुड़ने से ग्राहकों का भरोसा इस योजना पर और ज्यादा मजबूत होगा।
इसके अलावा आम जनता को उनकी अपनी भाषा में पेंशन से जुड़ी जानकारी देने के लिए भी बड़े कदम उठाए गए हैं। डिजिटल इंडिया भाषिनी प्रभाग और PFRDA के बीच एक समझौते पर हस्ताक्षर किए गए हैं। इस समझौते का मुख्य मकसद यह है कि देश का आम नागरिक अपनी स्थानीय और क्षेत्रीय भाषा में एनपीएस और पेंशन योजनाओं की पूरी जानकारी आसानी से समझ सके। भाषा की रुकावट दूर होने से अब छोटे शहरों और गांवों के लोग भी बिना किसी डर या दुविधा के अपने बुढ़ापे के लिए निवेश कर पाएंगे।
युवाओं के लिए नौकरी के मौके और भर्ती प्रक्रिया
सिर्फ आम लोगों के निवेश और योजनाओं तक ही यह बात सीमित नहीं है बल्कि नौकरी की तलाश कर रहे युवाओं के लिए भी इसमें एक बड़ा अपडेट है। PFRDA में असिस्टेंट मैनेजर ग्रेड-ए के पदों पर भर्ती के लिए आवेदन करने की प्रक्रिया चल रही है। देश भर के योग्य और पढ़े-लिखे युवाओं ने इन पदों के लिए अपनी पात्रता की जांच करके तय समय सीमा के भीतर आवेदन किया है। वित्त और प्रबंधन के क्षेत्र में करियर बनाने वाले युवाओं के लिए नियामक संस्था में काम करने का यह एक बहुत बड़ा और सुनहरा मौका माना जा रहा है।
इन तमाम बदलावों को देखने से यह साफ हो जाता है कि भारत का पेंशन बाजार अब पूरी तरह से डिजिटल और आम आदमी के अनुकूल हो रहा है। पहले जहां लोगों को दफ्तरों के चक्कर काटने पड़ते थे, अब वही काम यूपीआई और मोबाइल ऐप के जरिए चंद मिनटों में हो रहा है। बैंक ऑफ बड़ौदा जैसे बड़े बैंकों का इस सेक्टर में आना और नए तकनीकी प्लेटफॉर्म्स का जुड़ना यह बताता है कि आने वाले समय में देश के करोड़ों लोग अपनी रिटायरमेंट की जिंदगी को आर्थिक रूप से सुरक्षित बना सकेंगे।
भविष्य की तैयारी और निवेशकों के लिए जरूरी बातें
पेंशन नियामक संस्था का पूरा जोर इस बात पर है कि देश का हर नागरिक अपने कामकाजी जीवन के दौरान ही एक मजबूत रिटायरमेंट फंड तैयार कर ले। महंगाई के इस दौर में बुढ़ापे की आर्थिक सुरक्षा के लिए एनपीएस जैसी योजनाएं बहुत ही मददगार साबित हो रही हैं। विशेषज्ञों का भी यही मानना है कि जितनी जल्दी निवेश की शुरुआत की जाए, उतना ही बड़ा फायदा लंबे समय में मिलता है।
द फ्रीलान्स की इस ग्राउंड पड़ताल से यह स्पष्ट है कि PFRDA के इन नए सुधारों से न सिर्फ प्रक्रिया पारदर्शी हुई है बल्कि भ्रष्टाचार और कागजी झंझटों से भी छुटकारा मिला है। आने वाले दिनों में जब ये सभी नए प्लेटफॉर्म पूरी क्षमता के साथ काम करना शुरू करेंगे, तो देश में पेंशन निवेशकों की संख्या में भारी उछाल देखने को मिलेगा। जो लोग अब तक निवेश करने से कतराते थे, वे अब यूपीआई की सुविधा और आसान क्षेत्रीय भाषा के समर्थन के कारण आसानी से इस व्यवस्था का हिस्सा बन रहे हैं।



