नई दिल्ली/ग्राउंड ब्यूरो — भारतीय शेयर बाजार में इन दिनों उथल-पुथल का माहौल बना हुआ है। बीते कारोबारी सत्र में बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का सेंसेक्स 551 अंक लुढ़क गया, जबकि नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी 50 भी 146 अंक कमजोर हुआ। बाजार में इस भारी गिरावट की मुख्य वजह आईटी, एफएमसीजी और बैंकिंग सेक्टर के शेयरों पर बना दबाव रहा। निवेशकों की नजरें लगातार बाजार के उतार-चढ़ाव पर टिकी हैं और लोग अपने पैसे को सुरक्षित रखने के नए रास्ते तलाश रहे हैं। ऐसे समय में आम निवेशकों के मन में यह सवाल उठना लाजिमी है कि क्या शेयर बाजार से पैसा निकाल लेना चाहिए या फिर सही जगह पर समझदारी से नया दांव लगाना चाहिए।
बाजार की इस सुस्ती के बीच देश की कई बड़ी कंपनियों ने अपने कारोबार को मजबूत करने के लिए भारी-भरकम पूंजी लगाने का फैसला किया है। ऑटो कंपोनेंट बनाने वाली जानी-मानी कंपनी गेब्रियल इंडिया ने पैसेंजर व्हीकल सिटिंग मार्केट में उतरने का एलान किया है। इस नए सेगमेंट में अपनी पकड़ मजबूत करने के लिए कंपनी ने सीधे पचास करोड़ रुपये का बड़ा निवेश किया है। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि छोटी अवधि की गिरावट के बावजूद बुनियादी रूप से मजबूत कंपनियों का यह कदम उनके लंबे समय के विकास को और रफ्तार देगा। निवेशक इस बात पर भी पैनी नजर रख रहे हैं कि कौन सी कंपनी किस सेक्टर में नया जोखिम ले रही है।
खिलौना बाजार और सोलर सेक्टर में नया जोश
एक तरफ जहां शेयर बाजार में बिकवाली का दबाव देखा जा रहा है, वहीं दूसरी तरफ देश के मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में आत्मनिर्भर बनने की होड़ मची हुई है। भारतीय कंपनियां अब चीन पर अपनी निर्भरता कम करने के लिए देश के भीतर ही उत्पादन बढ़ाने पर पूरा जोर दे रही हैं। इसी कड़ी में देश की खिलौना बनाने वाली कंपनियों ने भारत में ही उच्च गुणवत्ता वाले खिलौने तैयार करने की अपनी योजना तेज कर दी है। सरकार की प्रोत्साहन योजनाओं के चलते घरेलू स्तर पर खिलौना उद्योग में निवेश लगातार बढ़ रहा है, जिससे आने वाले समय में रोजगार के नए अवसर पैदा होने की पूरी उम्मीद है।
ऊर्जा और पंप निर्माण के क्षेत्र में काम करने वाली प्रमुख कंपनी शक्ति पंप्स ने भी एक बड़ा व्यावसायिक निर्णय लिया है। कंपनी ने सोलर मैन्युफैक्चरिंग के कारोबार को विस्तार देने के लिए अपनी सब्सिडियरी यानी सहायक कंपनी में दस करोड़ रुपये का ताजा निवेश किया है। सौर ऊर्जा के क्षेत्र में सरकार की बढ़ती योजनाओं और किसानों के बीच सोलर पंपों की मांग को देखते हुए यह निवेश बेहद अहम माना जा रहा है। बाजार के जानकारों का कहना है कि जो कंपनियां हरित ऊर्जा और घरेलू उत्पादन पर काम कर रही हैं, वे भविष्य में निवेशकों को बेहतर रिटर्न दे सकती हैं।
वार्डविज़ार्ड इनोवेशंस के शेयरों में गिरावट और निवेशकों की चिंता
बाजार में हर कंपनी का हाल एक जैसा नहीं है। पिछले कुछ दिनों से वार्डविज़ार्ड इनोवेशंस के शेयरों में लगातार गिरावट देखने को मिल रही है। इलेक्ट्रिक वाहन बनाने वाली इस कंपनी के शेयरों में अचानक आई इस कमजोरी से छोटे निवेशक काफी चिंतित नजर आ रहे हैं। सोशल मीडिया और बाजार के मंचों पर इस शेयर को लेकर चर्चाओं का दौर गरम है कि आखिर इसमें गिरावट क्यों आ रही है। जानकारों का कहना है कि इलेक्ट्रिक वाहन बाजार में बढ़ती प्रतिस्पर्धा और कंपनियों के वित्तीय नतीजों के कारण निवेशकों का सेंटिमेंट प्रभावित हुआ है।
ऐसी स्थिति में वित्तीय विश्लेषकों की सलाह है कि निवेशकों को किसी भी कंपनी में पैसा लगाने से पहले उसकी बैलेंस शीट और फंडामेंटल की अच्छी तरह जांच करनी चाहिए। केवल किसी अफवाह या सोशल मीडिया के वीडियो को देखकर शेयर बाजार में पैसा लगाना खतरनाक साबित हो सकता है। बाजार का यह दौर यह सिखाता है कि निवेश हमेशा सोच-समझकर और लंबी अवधि के नजरिए से ही किया जाना चाहिए।
रीचार्ज और निवेश से पहले इन जरूरी बातों का रखें ध्यान
चाहे बात शेयर बाजार में पैसे लगाने की हो या फिर किसी कंपनी के बॉन्ड और म्यूचुअल फंड में निवेश करने की, हर कदम पर सावधानी जरूरी है। बाजार की मौजूदा चाल को देखते हुए आम निवेशकों को अपने पोर्टफोलियो में विविधता रखनी चाहिए। सारा पैसा एक ही सेक्टर या एक ही कंपनी के शेयर में लगाने से हमेशा बचना चाहिए। वित्तीय जानकारों का सुझाव है कि अपनी कमाई का एक हिस्सा सुरक्षित विकल्पों में और कुछ हिस्सा ही शेयर बाजार के जोखिम भरे विज्ञापनों या शेयरों में लगाना चाहिए।
द फ्रीलान्स की इस जमीनी पड़ताल से यह साफ हो जाता है कि भारतीय अर्थव्यवस्था के बुनियादी पहिए मजबूत हैं। भले ही सेंसेक्स और निफ्टी में रोजाना उतार-चढ़ाव जारी रहे, लेकिन देश की मैन्युफैक्चरिंग और औद्योगिक कंपनियां जमीन पर लगातार काम कर रही हैं। निवेशकों के लिए यह समय घबराने का नहीं, बल्कि सूझबूझ के साथ अपने वित्तीय फैसलों को परखने का है। सही जानकारी और धैर्य के साथ किया गया निवेश ही भविष्य में आर्थिक सुरक्षा की गारंटी बन सकता है।









