बेंगलुरु से इस वक्त की सबसे बड़ी ग्राउंड रिपोर्ट सामने आ रही है जहां सामाजिक संगठन सीजेपी ने एसआईआर के विरोध में एक बड़े आंदोलन का ऐलान कर दिया है। संगठन ने आगामी 8 अक्टूबर को शहर में 'चप्पल प्रोटेस्ट' करने का फैसला किया है। इस विरोध प्रदर्शन की सबसे बड़ी खबर यह है कि इसमें दक्षिण भारत के मशहूर और बेबाक अभिनेता प्रकाश राज भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराएंगे। स्थानीय प्रशासन और पुलिस इस अनूठे प्रदर्शन को लेकर पूरी तरह से सतर्क हो गई है ताकि शहर की कानून व्यवस्था पर कोई आंच न आए।
देशभर में एसआईआर को लेकर इन दिनों सियासत काफी गरमाई हुई है। एक तरफ जहां राष्ट्रीय स्तर पर विपक्षी दल इस मुद्दे पर लगातार सरकार को घेर रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ बेंगलुरु में स्थानीय नागरिक समूह और कलाकार खुलकर सड़क पर उतरने लगे हैं। सीजेपी का यह चप्पल प्रोटेस्ट इसी कड़ी का एक नया और आक्रामक रूप माना जा रहा है। आयोजकों का साफ कहना है कि उनका यह विरोध पूरी तरह से लोकतांत्रिक दायरे में होगा, लेकिन विरोध का तरीका इस बार बिल्कुल अलग और सांकेतिक होगा ताकि शासन-प्रशासन तक उनकी बात साफ तौर पर पहुंच सके।
8 अक्टूबर को बेंगलुरु में क्यों हो रहा है चप्पल प्रोटेस्ट?
इस अनोखे विरोध प्रदर्शन की तारीख 8 अक्टूबर तय की गई है, जिस दिन बेंगलुरु के प्रमुख सार्वजनिक स्थल पर लोग इकट्ठा होंगे। सीजेपी के कार्यकर्ताओं का कहना है कि एसआईआर से जुड़ी नीतियों और फैसलों ने आम जनता के मन में गहरा असंतोष पैदा कर दिया है। सरकार की तरफ से लगातार आ रहे बयानों के बाद भी जनता का गुस्सा कम नहीं हुआ है। यही वजह है कि संगठन ने चप्पलों के माध्यम से अपना विरोध जताने का यह नया रास्ता चुना है। पुलिस ने आयोजकों के साथ बैठक करके सुरक्षा व्यवस्था और तय रूट को लेकर अभी से बातचीत शुरू कर दी है ताकि किसी भी तरह की अप्रिय घटना से बचा जा सके।
अभिनेता प्रकाश राज के इस प्रदर्शन में शामिल होने से इस आंदोलन को राष्ट्रीय स्तर पर एक बड़ी कवरेज मिल रही है। प्रकाश राज पहले भी केंद्र और राज्य सरकारों की नीतियों पर खुलकर अपने तीखे तेवर दिखाते रहे हैं। उनका यह कहना है कि जनता के अधिकारों पर किसी भी तरह का हमला बर्दाश्त नहीं किया जाएगा, इस विरोध को और अधिक बल दे रहा है। बेंगलुरु के स्थानीय कलाकार, लेखक और बुद्धिजीवी भी धीरे-धीरे इस मुहिम के साथ जुड़ने लगे हैं, जिससे यह विरोध प्रदर्शन सिर्फ एक स्थानीय मुद्दा न रहकर एक बड़ा वैचारिक आंदोलन बनता जा रहा है।
देशभर में एसआईआर विवाद और राजनीतिक सरगर्मी
बेंगलुरु के इस प्रदर्शन के अलावा देश के अन्य हिस्सों में भी एसआईआर को लेकर सियासी उबाल जारी है। दिल्ली में कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने भी एसआईआर और मतदाता सूचियों में गड़बड़ी के गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने आंकड़ों का हवाला देते हुए बताया कि किस तरह से नाम काटे जा रहे हैं। दूसरी तरफ, इंडिया गठबंधन के भीतर भी इस मुद्दे पर बैठकों का दौर जारी है, हालांकि कुछ क्षेत्रीय दलों के नेता अपनी अलग रणनीतियों के तहत इन बैठकों से दूरी भी बना रहे हैं। इन तमाम राष्ट्रीय घटनाओं के बीच बेंगलुरु का चप्पल प्रोटेस्ट आने वाले दिनों में और अधिक तूल पकड़ सकता है।
द फ्रीलान्स की टीम ग्राउंड जीरो पर लगातार नजर बनाए हुए है और हम यह देख रहे हैं कि किस तरह से आम लोग इस विरोध प्रदर्शन को लेकर अपनी प्रतिक्रिया दे रहे हैं। बेंगलुरु के बाजारों और चौराहों पर लोग एसआईआर और इस आने वाले प्रदर्शन की चर्चा कर रहे हैं। हालांकि कुछ स्थानीय व्यापारी संगठनों ने शांति व्यवस्था बनाए रखने की अपील की है ताकि शहर का सामान्य जनजीवन और व्यापार प्रभावित न हो। आठ अक्टूबर का यह दिन बेंगलुरु की राजनीति और सामाजिक आंदोलनों के लिहाज से बेहद अहम साबित होने वाला है।
सुरक्षा व्यवस्था और प्रशासन की कड़ी तैयारियां
बेंगलुरु पुलिस ने साफ कर दिया है कि किसी भी स्थिति में सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान नहीं पहुंचने दिया जाएगा। प्रदर्शनकारियों को तय जगह पर ही अपनी बात रखने की अनुमति दी जाएगी। खुफिया एजेंसियां भी इस पूरे घटनाक्रम पर पैनी नजर रखे हुए हैं ताकि किसी भी उपद्रवी तत्व को माहौल खराब करने का मौका न मिले। सीजेपी के नेताओं ने भी अपने कार्यकर्ताओं को शांतिपूर्ण तरीके से चप्पल प्रोटेस्ट में हिस्सा लेने की सख्त हिदायत दी है। हमारी ग्राउंड टीम इस आंदोलन की हर पल की अपडेट आप तक सबसे पहले पहुंचाती रहेगी।



