चेन्नई में मौसम का अचानक बदलना अब आम लोगों के लिए बड़ी मुसीबत बन गया है। दक्षिण भारत के इस प्रमुख महानगर में पिछले कुछ घंटों से मौसम का मिज़ाज पूरी तरह से बिगड़ चुका है। हालात ऐसे बन गए हैं कि शहर के कई इलाकों में घरों के भीतर पानी घुसने की खबरें लगातार आ रही हैं। 'द फ्रीलान्स' की ग्राउंड टीम ने पाया कि अचानक शुरू हुई इस बारिश ने शहरी जीवन की रफ्तार पर ब्रेक लगा दिया है। काम पर जाने वाले लोग और स्कूली बच्चे रास्ते में ही फंस गए हैं। नगर निगम की टीमें पानी निकालने के काम में जुटी हैं, लेकिन लगातार हो रही बारिश से राहत मिलने में वक्त लग रहा है।
प्रशासन और मौसम विभाग की तरफ से पहले ही चेतावनी जारी कर दी गई थी। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए तमिलनाडु के करीब 15 जिलों में भारी बारिश का रेड और ओरेंज अलर्ट घोषित किया गया है। चेन्नई और आसपास के तटीय इलाकों में शाम के समय तेज बौछारें पड़ने का सिलसिला जारी है। मौसम विभाग के अधिकारियों का कहना है कि बंगाल की खाड़ी में बने सिस्टम के कारण यह बदलाव आया है। समुद्र के पास रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है और मछुआरों को गहरे पानी में न जाने के सख्त निर्देश दिए गए हैं।
वीवीआईपी उड़ानों पर भी पड़ा मौसम का असर
इस खराब मौसम का असर केवल आम जनता तक ही सीमित नहीं रहा, बल्कि इसका दायरा बहुत बड़ा हो गया है। अचानक बिगड़े मौसम और कम विजिबिलिटी के कारण केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का हेलीकॉप्टर भी तय समय पर चेन्नई एयरपोर्ट पर नहीं उतर सका। सुरक्षा कारणों और भारी बादलों के चलते उनके विमान के रूट में बदलाव करना पड़ा। इस घटना से साफ है कि मौसम कितना खतरनाक रूप ले चुका है। हवाई अड्डों पर दूसरी उड़ानों का संचालन भी बुरी तरह प्रभावित हुआ है। कई विमानों को हवा में ही चक्कर काटने पड़े या उन्हें दूसरे शहरों की तरफ डायवर्ट करना पड़ा है।
स्थानीय इलाकों की बात करें तो जॉर्ज टाउन और अन्य निचले इलाकों में जलभराव सबसे बड़ी समस्या बन गया है। 'द फ्रीलान्स' के संवाददाताओं ने जॉर्ज टाउन का दौरा कर जमीनी हकीकत जानी। वहां सड़कों पर घुटनों तक पानी भर चुका है, जिससे पैदल चलना भी दूभर हो गया है। स्थानीय दुकानदारों का कहना है कि हर साल मानसून या बेमौसम बारिश के दौरान यही हाल होता है। सीवर का गंदा पानी सड़कों पर तैर रहा है, जिससे बीमारियों फैलने का खतरा भी काफी बढ़ गया है। नागरिक प्रशासन द्वारा लगाए गए पंप सेट नाकाफी साबित हो रहे हैं क्योंकि पानी की निकासी बहुत धीमी गति से हो रही है।
आगामी सात दिनों का मौसम पूर्वानुमान
मौसम विभाग के ताजा आंकड़ों के अनुसार, आने वाले सात दिनों तक चेन्नई और तटीय तमिलनाडु के जिलों में राहत मिलने की कोई खास उम्मीद नहीं है। तापमान में गिरावट जरूर दर्ज की गई है, लेकिन लगातार होती बारिश से उमस और नमी बढ़ गई है। शहर के लोगों को अगले कुछ दिनों तक छाता और रेनकोट साथ लेकर ही घर से निकलने की सलाह दी गई है। स्कूल और कॉलेज प्रशासन भी स्थानीय हालात पर नजर बनाए हुए हैं और जरूरत पड़ने पर छुट्टियों का ऐलान किया जा रहा है ताकि बच्चों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
जमीनी स्तर पर राहत कार्यों की बात करें तो राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (एसडीआरएफ) की टीमों को संवेदनशील इलाकों में तैनात कर दिया गया है। किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए कंट्रोल रूम चौबीसों घंटे काम कर रहे हैं। आम नागरिकों से अपील की गई है कि वे बहुत जरूरी होने पर ही अपने घरों से बाहर निकलें। 'द फ्रीलान्स' की इस ग्राउंड रिपोर्ट से यह स्पष्ट है कि चेन्नई में बुनियादी ढांचे को इस तरह की अचानक होने वाली मूसलाधार बारिश से बचाने के लिए अभी बहुत काम करने की जरूरत है, ताकि हर साल शहर को इस जलभराव के संकट से बचाया जा सके।





