विज्ञापन • ADVERTISEMENT
होम/देश/चीन के वाटर बम के खिलाफ भारत बना रहा सुरक्षा कवच, पर अरुणाचल का आदि समुदाय क्यों कर रहा है इसका विरोध
देशपढ़ने में समय: 4 मिनट

चीन के वाटर बम के खिलाफ भारत बना रहा सुरक्षा कवच, पर अरुणाचल का आदि समुदाय क्यों कर रहा है इसका विरोध

चीन द्वारा तिब्बत में बनाए जा रहे विशालकाय बांध के जवाब में भारत सरकार अरुणाचल प्रदेश में एक बड़ा जलविद्युत प्रोजेक्ट बना रही है। इसे भारत का वाटर कवच कहा जा रहा है। हालांकि, स्थानीय आदि समुदाय इसके विरोध में सड़क पर उतर आया है। उनका कहना है कि इस मेगा प्रोजेक्ट से उनकी जमीन, संस्कृति और नदियां हमेशा के लिए तबाह हो जाएंगी।
✍️
नेशनल डेस्क, द फ्रीलांस
राष्ट्रीय संपादकीय ब्यूरो•13 अक्टूबर 2026 • अपडेटेड•49
🌐Read in English →
शेयर करें:
चीन के वाटर बम के खिलाफ भारत बना रहा सुरक्षा कवच, पर अरुणाचल का आदि समुदाय क्यों कर रहा है इसका विरोध
📷 चीन के वाटर बम के खिलाफ भारत बना रहा सुरक्षा कवच, पर अरुणाचल का आदि समुदाय क्यों कर रहा है इसका विरोध — मुख्य घटनाक्रमफोटो साभार: रॉयटर्स / एजेंसीज़ / सोशल मीडिया

खबर की बड़ी बातें (Key Highlights)

  • चीन द्वारा तिब्बत में बनाए जा रहे विशालकाय बांध के जवाब में भारत सरकार अरुणाचल प्रदेश में एक बड़ा जलविद्युत प्रोजेक्ट बना रही है। इसे भारत का वाटर कवच कहा जा रहा है। हालांकि, स्थानीय आदि समुदाय इसके विरोध में सड़क पर उतर आया है। उनका कहना है कि इस मेगा प्रोजेक्ट से उनकी जमीन, संस्कृति और नदियां हमेशा के लिए तबाह हो जाएंगी।
  • इस खबर से जुड़े सभी पहलुओं की जांच और निगरानी संबंधित विभागों द्वारा की जा रही है।
  • विशेषज्ञों के अनुसार इस घटनाक्रम का आम जनता पर सीधा असर पड़ सकता है।

अरुणाचल प्रदेश की हरी-भरी घाटियों में इन दिनों एक बड़ा तनाव चल रहा है। एक तरफ चीन तिब्बत की ब्रह्मपुत्र नदी पर दुनिया का सबसे बड़ा बांध बना रहा है। इस बांध को भारत के खिलाफ वाटर बम के रूप में देखा जा रहा है। चीन कभी भी इस बांध के जरिए भारत के पूर्वोत्तर राज्यों में अचानक कृत्रिम बाढ़ ला सकता है या पानी रोक सकता है। इस खतरे से निपटने के लिए भारत सरकार ने भी अरुणाचल प्रदेश में एक बड़ा काउंटर प्लान तैयार किया है। सरकार यहां सियांग नदी पर एक विशाल जलविद्युत और बांध परियोजना बनाना चाहती है।

लेकिन इस योजना के सामने एक बहुत बड़ी स्थानीय दीवार खड़ी हो गई है। अरुणाचल प्रदेश का प्रमुख आदिवासी समुदाय 'आदि' इस प्रोजेक्ट का डटकर विरोध कर रहा है। आदि समुदाय के लोगों का कहना है कि यह बांध उनकी जीवन रेखा को ही खत्म कर देगा। सियांग नदी उनके लिए सिर्फ पानी का स्रोत नहीं है, बल्कि उनकी संस्कृति और पहचान का मुख्य हिस्सा है। समुदाय के बुजुर्गों और युवाओं का एक ही सवाल है कि अगर चीन के खतरे से बचना है, तो क्या इसके लिए उनकी अपनी ही जमीन को डुबो दिया जाए। विरोध प्रदर्शनों का दौर लगातार तेज हो रहा है और लोग प्रशासन के सामने अपनी नाराजगी खुलकर जता रहे हैं।

सियांग नदी पर बन रहे मेगा प्रोजेक्ट से क्यों सहमा है आदि समुदाय

आदि समुदाय के लोगों की मुख्य चिंता उनके पारंपरिक घरों और उपजाऊ जमीनों का उजड़ना है। इस नए डिफेंस प्रोजेक्ट के तहत भारी-भरकम निर्माण कार्य होना है। इसके लिए पहाड़ों को काटा जा रहा है और सुरंगें बनाई जा रही हैं। स्थानीय लोगों का डर है कि बड़े पैमाने पर होने वाले इन विस्फोतों से इलाके में भूस्खलन का खतरा बहुत बढ़ जाएगा। इसके अलावा, बांध बनने से सियांग नदी का प्राकृतिक प्रवाह रुक जाएगा। नदी का पानी थमने से मछलियां और जलीय जीव खत्म हो जाएंगे। जिन लोगों की आजीविका पूरी तरह नदी और जंगल पर टिकी है, उनके सामने रोजी-रोटी का बहुत बड़ा संकट खड़ा हो जाएगा।

समुदाय के नेताओं का यह भी कहना है कि सरकार ने इस प्रोजेक्ट को शुरू करने से पहले उनसे कोई ठोस बातचीत नहीं की। ग्राम सभाओं की अनुमति के बिना इतने बड़े प्रोजेक्ट की रूपरेखा तैयार कर दी गई। आदि समुदाय के युवा संगठनों का साफ कहना है कि वे अपनी आने वाली पीढ़ियों के भविष्य के साथ कोई समझौता नहीं करेंगे। उनका विरोध इस बात को लेकर भी है कि विकास के नाम पर हमेशा आदिवासियों को ही अपनी जमीन और जंगल क्यों छोड़ने पड़ते हैं। प्रशासन और सरकार के नुमाइंदे लगातार उन्हें समझाने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन स्थानीय लोग अपनी मांगों पर पूरी तरह अड़े हुए हैं।

विज्ञापन • ADVERTISEMENT

क्या हैं आदि समुदाय की मुख्य मांगें और आगे का रास्ता

आदि समुदाय और स्थानीय संगठनों ने सरकार के सामने कुछ बहुत स्पष्ट मांगें रखी हैं। उनकी सबसे पहली मांग है कि सियांग नदी पर बनने वाले इस मेगा डैम प्रोजेक्ट को तुरंत प्रभाव से रद्द किया जाए। उनका कहना है कि अगर देश की सुरक्षा के लिए सीमा पर कोई ढांचागत बदलाव जरूरी भी है, तो आदिवासियों की सहमति और उनके हितों की रक्षा के बिना कोई काम नहीं होना चाहिए। समुदाय चाहता है कि सरकार विकल्प के तौर पर किसी दूसरे तकनीकी रास्ते पर विचार करे जिससे नदी का प्राकृतिक रूप सुरक्षित रहे और स्थानीय लोगों को विस्थापन का दर्द न झेलना पड़े।

दूसरी तरफ, भारत सरकार के रणनीतिक विशेषज्ञों और रक्षा जानकारों का मानना है कि चीन के नापाक इरादों को रोकने के लिए यह जल कवच बेहद जरूरी है। यदि भारत ने समय रहते सियांग नदी पर पानी रोकने और नियंत्रित करने की क्षमता नहीं विकसित की, तो भविष्य में पूर्वोत्तर भारत गंभीर जल संकट या अचानक बाढ़ की चपेट में आ सकता है। राष्ट्रीय सुरक्षा और स्थानीय आदिवासियों के अधिकारों के बीच इस टकराव ने एक पेचीदा स्थिति पैदा कर दी है। जिला प्रशासन स्थिति पर पैनी नजर रखे हुए है और बातचीत के जरिए इस गतिरोध को सुलझाने के प्रयास जारी हैं ताकि देश की सुरक्षा भी बनी रहे और स्थानीय आदिवासियों के हक सुरक्षित रहें।

प्रायोजित • SPONSORED
❤️
100% पाठक समर्थित मीडिया

निष्पक्ष व निडर पत्रकारिता को आपका साथ चाहिए

द फ्रीलांस बिना किसी कॉर्पोरेट या राजनीतिक दबाव के जनसरोकार की खबरें आप तक पहुँचाता है। आपका छोटा सा योगदान भी हमारी स्वतंत्रता की ताकत है।

संबंधित खबरें

अरुणाचल हाइड्रो प्रोजेक्ट पर सियासी घमासान, दलों की प्रतिक्रियाएं

अरुणाचल हाइड्रो प्रोजेक्ट पर सियासी घमासान, दलों की प्रतिक्रियाएं

भारतीय सेनाओं की बदलेगी लॉजिस्टिक व्यवस्था: थल, जल और वायु सेना के लिए आ रहा साझा डिजिटल नेटवर्क

भारतीय सेनाओं की बदलेगी लॉजिस्टिक व्यवस्था: थल, जल और वायु सेना के लिए आ रहा साझा डिजिटल नेटवर्क

बीजेपी के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी अस्पताल में भर्ती: अपोलो अस्पताल में चल रहा इलाज, स्वास्थ्य पर डॉक्टरों की पैनी नजर

बीजेपी के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी अस्पताल में भर्ती: अपोलो अस्पताल में चल रहा इलाज, स्वास्थ्य पर डॉक्टरों की पैनी नजर

देश के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी की तबीयत बिगड़ी: दिल्ली के अपोलो अस्पताल में डॉक्टरों की देखरेख में चल रहा इलाज

देश के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी की तबीयत बिगड़ी: दिल्ली के अपोलो अस्पताल में डॉक्टरों की देखरेख में चल रहा इलाज

मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ 23 अक्टूबर को दिल्ली कूच करेंगे किसान, इस्तीफे की मांग

मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ 23 अक्टूबर को दिल्ली कूच करेंगे किसान, इस्तीफे की मांग

मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ बढ़ा सियासी पारा: DMK और AIMIM की तीखी मांग, बैलेट पेपर से चुनाव कराने पर जोर

मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ बढ़ा सियासी पारा: DMK और AIMIM की तीखी मांग, बैलेट पेपर से चुनाव कराने पर जोर

कोलकाता के चोरबागान दुर्गा पूजा पंडाल में दर्दनाक हादसा: सप्तमी की शाम बारिश और भगदड़ से 17 की मौत, कई घायल

कोलकाता के चोरबागान दुर्गा पूजा पंडाल में दर्दनाक हादसा: सप्तमी की शाम बारिश और भगदड़ से 17 की मौत, कई घायल

यूथ आइकॉन ध्रुव राठी की बढ़ी कानूनी मुश्किलें: साकेत कोर्ट ने 2018 के मानहानि मामले में जारी किया जमानती वारंट

यूथ आइकॉन ध्रुव राठी की बढ़ी कानूनी मुश्किलें: साकेत कोर्ट ने 2018 के मानहानि मामले में जारी किया जमानती वारंट

✍️

नेशनल डेस्क, द फ्रीलांस

सत्यापित संपादकीय डेस्क

राजनीतिक, नीतिगत एवं राष्ट्रीय सरोकार रिपोर्टिंग टीम

द फ्रीलांस की राष्ट्रीय संपादकीय डेस्क देश की राजनीति, संसद, नीतिगत फैसलों, केंद्रीय योजनाओं और जनसरोकार से जुड़े बड़े मुद्दों पर 24/7 निष्पक्ष, तथ्यपरक और खोजी रिपोर्टिंग करती है। यह टीम दोहरे तथ्य-सत्यापन के कठोर सिद्धांतों का पालन करती है। हम निष्पक्ष, सटीक और तथ्यात्मक पत्रकारिता के लिए प्रतिबद्ध हैं। यह समाचार रिपोर्ट विभिन्न प्रमाणित समाचार एजेंसियों, आधिकारिक बयानों और स्थानीय संवाददाताओं से प्राप्त इनपुट के आधार पर तैयार की जाती है।

विज्ञापन • ADVERTISEMENT

संबंधित विजुअल स्टोरीज (Web Stories)

TAP TO VIEW

‘चीन वाटर बम’ व देश से जुड़ी अन्य बड़ी खबरें

अरुणाचल हाइड्रो प्रोजेक्ट पर सियासी घमासान, दलों की प्रतिक्रियाएंNATIONAL

अरुणाचल हाइड्रो प्रोजेक्ट पर सियासी घमासान, दलों की प्रतिक्रियाएं

13 अक्टू॰31
भारतीय सेनाओं की बदलेगी लॉजिस्टिक व्यवस्था: थल, जल और वायु सेना के लिए आ रहा साझा डिजिटल नेटवर्कNATIONAL

भारतीय सेनाओं की बदलेगी लॉजिस्टिक व्यवस्था: थल, जल और वायु सेना के लिए आ रहा साझा डिजिटल नेटवर्क

17 अक्टू॰42
बीजेपी के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी अस्पताल में भर्ती: अपोलो अस्पताल में चल रहा इलाज, स्वास्थ्य पर डॉक्टरों की पैनी नजरNATIONAL

बीजेपी के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी अस्पताल में भर्ती: अपोलो अस्पताल में चल रहा इलाज, स्वास्थ्य पर डॉक्टरों की पैनी नजर

17 अक्टू॰48
देश के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी की तबीयत बिगड़ी: दिल्ली के अपोलो अस्पताल में डॉक्टरों की देखरेख में चल रहा इलाजNATIONAL

देश के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी की तबीयत बिगड़ी: दिल्ली के अपोलो अस्पताल में डॉक्टरों की देखरेख में चल रहा इलाज

17 अक्टू॰47
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ 23 अक्टूबर को दिल्ली कूच करेंगे किसान, इस्तीफे की मांगNATIONAL

मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ 23 अक्टूबर को दिल्ली कूच करेंगे किसान, इस्तीफे की मांग

17 अक्टू॰32
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ बढ़ा सियासी पारा: DMK और AIMIM की तीखी मांग, बैलेट पेपर से चुनाव कराने पर जोरNATIONAL

मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ बढ़ा सियासी पारा: DMK और AIMIM की तीखी मांग, बैलेट पेपर से चुनाव कराने पर जोर

17 अक्टू॰28
कोलकाता के चोरबागान दुर्गा पूजा पंडाल में दर्दनाक हादसा: सप्तमी की शाम बारिश और भगदड़ से 17 की मौत, कई घायलNATIONAL

कोलकाता के चोरबागान दुर्गा पूजा पंडाल में दर्दनाक हादसा: सप्तमी की शाम बारिश और भगदड़ से 17 की मौत, कई घायल

18 अक्टू॰32
यूथ आइकॉन ध्रुव राठी की बढ़ी कानूनी मुश्किलें: साकेत कोर्ट ने 2018 के मानहानि मामले में जारी किया जमानती वारंटNATIONAL

यूथ आइकॉन ध्रुव राठी की बढ़ी कानूनी मुश्किलें: साकेत कोर्ट ने 2018 के मानहानि मामले में जारी किया जमानती वारंट

17 अक्टू॰45
विज्ञापन • ADVERTISEMENT