लंदन/खेल ब्यूरो — अंग्रेजी फुटबॉल जगत में इन दिनों दो बड़ी खबरों ने एक साथ तूल पकड़ लिया है। एक तरफ फॉरवर्ड खिलाड़ी कोल पामर ने अपने क्लब चेल्सी के साथ साल 2034 तक के लिए लंबा करार साइन कर लिया है। इस बड़े फैसले का मकसद क्लब के साथ रहकर प्रमुख ट्रॉफियां जीतना है। पामर ने साफ कर दिया है कि उनका पूरा ध्यान अभी चेल्सी के लिए मैदान पर बेहतरीन प्रदर्शन करने पर है।
लेकिन दूसरी तरफ इस शानदार खबर के साथ एक चौंकाने वाला अपडेट भी सामने आया है। आगामी फीफा विश्व कप 2026 के लिए इंग्लैंड की 26 सदस्यीय टीम का ऐलान कर दिया गया है। हैरानी की बात यह है कि इस फाइनल टीम में कोल पामर और ट्रेंट अलेक्जेंडर-आर्नोल्ड जैसे बड़े नाम शामिल नहीं हैं। टीम की कमान हैरी केन के हाथों में सौंपी गई है, जबकि कोच थॉमस टुचेल के इस चयन ने फैंस और खेल विशेषज्ञों को हैरान कर दिया है।
कोच ज़ाबी अलोंसो ने किया कोल पामर का बचाव
इंग्लैंड की टीम से बाहर होने के बाद से ही कोल पामर पर कई तरह के सवाल उठने लगे थे। हालांकि, ऐसे समय में प्रसिद्ध कोच ज़ाबी अलोंसो खुलकर पामर के समर्थन में सामने आए हैं। अलोंसो ने कोच थॉमस टुचेल द्वारा पामर की गई आलोचनाओं को गलत बताया है। उनका कहना है कि पामर की काबिलियत पर कोई शक नहीं किया जा सकता और वह किसी भी टीम के लिए एक मैच विनर खिलाड़ी हैं।
खेल विश्लेषकों का मानना है कि पामर को बाहर करना इंग्लैंड की टीम के लिए एक बड़ा जोखिम साबित हो सकता है। पामर ने पिछले कुछ महीनों में क्लब स्तर पर शानदार खेल दिखाया है। उनकी ड्रिब्लिंग और गोल करने की क्षमता मैदान पर साफ नजर आती है। ऐसे में विश्व कप जैसे बड़े टूर्नामेंट से उनका पत्ता कट जाना हर किसी के लिए एक बड़ा झटका माना जा रहा है।
चेल्सी के लिए लंबा सफर और नए युवा विकल्प
भले ही अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पामर को झटका लगा हो, लेकिन क्लब फुटबॉल में उनका भविष्य पूरी तरह सुरक्षित दिख रहा है। चेल्सी प्रबंधन ने उन पर पूरा भरोसा जताया है और उन्हें अगले एक दशक तक यानी 2034 तक क्लब के साथ बांध लिया है। क्लब का मानना है कि पामर आने वाले समय में टीम के मुख्य स्तंभ बनेंगे और चेल्सी को कई बड़े खिताब जिताने में अहम भूमिका निभाएंगे।
दूसरी ओर, चेल्सी क्लब के पास भविष्य के लिए अन्य विकल्प भी तैयार हो रहे हैं। टीम में एस्टेवो जैसे युवा खिलाड़ी भी मौजूद हैं जो पामर की अनुपस्थिति में भी आक्रमण को धार दे सकते हैं। क्लब और खिलाड़ी दोनों के बीच हुआ यह लंबा करार यह साबित करता है कि पामर अपनी फॉर्म को लेकर पूरी तरह आश्वस्त हैं और मैदान पर उतरकर आलोचकों को जवाब देने के लिए तैयार हैं।
द फ्रीलान्स की अंतिम ग्राउंड पड़ताल
हमारी पड़ताल बताती है कि राष्ट्रीय टीम में चयन को लेकर खिलाड़ियों और कोचों के बीच का यह तनाव नया नहीं है। थॉमस टुचेल का यह फैसला उनकी रणनीति का हिस्सा हो सकता है, लेकिन पामर का चेल्सी के साथ 2034 तक रहना यह दिखाता है कि वह घरेलू फुटबॉल में अपनी जड़ें मजबूत कर चुके हैं। आने वाले हफ्तों में यह देखना दिलचस्प होगा कि पामर इस नाकामी को पीछे छोड़कर क्लब के लिए कैसा प्रदर्शन करते हैं।








