लंदन/खेल ब्यूरो — फुटबॉल की दुनिया में इन दिनों एक ही नाम सबसे ज्यादा चर्चा में है और वह नाम है कोल पामर का। इंग्लैंड की आगामी फुटबॉल टीम की घोषणा के बाद से ही विवादों का बाजार गर्म हो गया है। टीम के चयन में कोल पामर और ट्रेंट अलेक्जेंडर जैसे बड़े खिलाड़ियों को बाहर का रास्ता दिखाया गया है। इस फैसले के सामने आने के बाद से खेल प्रेमियों और जानकारों के बीच तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। चयनकर्ताओं के इस फैसले पर कई सवाल खड़े किए जा रहे हैं और यह मामला सोशल मीडिया से लेकर खेल के गलियारों तक सुर्खियों में बना हुआ है।
इस पूरे घटनाक्रम के बीच कोच ज़ाबी अलोंसो खुलकर कोल पामर के समर्थन में सामने आए हैं। हाल ही में कुछ खेल विशेषज्ञों और पूर्व खिलाड़ियों ने पामर के खेल स्तर पर सवाल उठाए थे। कोच ज़ाबी अलोंसो ने उन सभी आलोचनाओं को खारिज करते हुए पामर की काबिलियत की जमकर तारीफ की है। अलोंसो का कहना है कि पामर एक बेहतरीन खिलाड़ी हैं और उन्हें टीम से बाहर रखना एक बड़ा फैसला है। खेल जानकारों का मानना है कि इस तरह के बयानों से पामर का खोया हुआ आत्मविश्वास वापस लौटेगा और वे मैदान पर और दमदार वापसी करेंगे।
चेल्सी के साथ लंबा सफर, साल 2034 तक बढ़ाया अनुबंध
एक तरफ जहां राष्ट्रीय टीम में चयन को लेकर मुश्किलें खड़ी हैं, वहीं क्लब फुटबॉल में कोल पामर का कद लगातार मजबूत होता जा रहा है। पामर ने हाल ही में अपने क्लब चेल्सी के साथ एक बड़ा फैसला लिया है। उन्होंने चेल्सी के साथ अपने अनुबंध को सीधे साल 2034 तक बढ़ा लिया है। इस लंबी अवधि के करार से साफ है कि क्लब पामर को अपने भविष्य की योजनाओं का अहम हिस्सा मान रहा है। पामर ने खुद कहा है कि उनका मुख्य लक्ष्य चेल्सी के लिए खेलते हुए बड़ी और प्रमुख ट्रॉफियां जीतना है। क्लब प्रबंधन ने भी उन पर पूरा भरोसा जताया है और उन्हें टीम की धुरी बनाया है।
चेल्सी क्लब के भीतर भी रणनीतिक बदलाव लगातार जारी हैं। टीम के पास अब एस्टेवो जैसे युवा और प्रतिभाशाली खिलाड़ी भी मौजूद हैं। ऐसे में अगर पामर किसी मैच में नहीं भी खेलते हैं, तो भी क्लब के पास मजबूत विकल्प तैयार रहते हैं। खेल विश्लेषकों का मानना है कि चेल्सी ने दूर की सोच रखते हुए यह अनुबंध किया है। पामर की फील्ड पर विजन और गोल करने की क्षमता टीम के लिए हमेशा फायदेमंद साबित हुई है। क्लब और खिलाड़ी दोनों का यह तालमेल आने वाले सत्र में रंग लाता दिख सकता है।
फैंस के बीच निराशा और आगे का कड़ा संघर्ष
कोल पामर के राष्ट्रीय टीम में न चुने जाने से उनके फैंस खासे नाराज हैं। सोशल मीडिया पर फैंस लगातार चयन समिति की कार्यप्रणाली पर सवाल उठा रहे हैं। यूरो कप के दौरान भी टीम के प्रदर्शन को लेकर काफी चर्चा हुई थी और फाइनल में स्पेन के हाथों मिली हार के बाद टीम में बदलाव की मांग उठ रही थी। अब विश्व कप की तैयारियों के मद्देनजर कोच थॉमस टुचेल और चयनकर्ताओं के सामने नई टीम को सेट करने की बड़ी चुनौती है। ऐसे में अनुभवी खिलाड़ियों को बाहर करना टीम के लिए जोखिम भरा साबित हो सकता है।
द फ्रीलान्स की जमीनी पड़ताल बताती है कि आने वाले हफ्तों में फुटबॉल फेडरेशन पर दबाव और बढ़ेगा। खिलाड़ियों का यह चयन आने वाले टूर्नामेंटों के नतीजों पर सीधा असर डालेगा। कोल पामर जैसे फॉर्म में चल रहे खिलाड़ी को बाहर रखना टीम पर भारी भी पड़ सकता है। फिलहाल सभी की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि पामर अपने क्लब मैचों में कैसा प्रदर्शन करते हैं। खेल प्रेमियों को उम्मीद है कि पामर अपनी शानदार फॉर्म के दम पर आलोचकों को मैदान पर करारा जवाब देंगे।





