नई दिल्ली/ग्राउंड ब्यूरो — इंटरनेट पर आज अचानक 'कर्नल' शब्द देश भर में सबसे ज्यादा खोजे जाने वाले विषयों में शामिल हो गया है। जब हमने इसकी तह तक जाकर पड़ताल की तो पता चला कि इसके पीछे कोई एक नहीं बल्कि देश के अलग-अलग कोनों से सामने आए कई अलग और चौंकाने वाले मामले हैं। एक तरफ उत्तर प्रदेश के सहारनपुर से पांच साल पुराने एक मामले में हत्या की आशंका जताई गई है, तो दूसरी तरफ पश्चिम बंगाल में भारतीय सेना की वर्दी पहनकर घूम रहे एक फर्जी कर्नल को पुलिस ने धर दबोचा है। इसके अलावा राजनीतिक गलियारों और खेल के मैदान से भी कर्नल से जुड़े नाम सुर्खियों में बने हुए हैं। आम जनता के बीच इन सभी घटनाओं को लेकर काफी चर्चा हो रही है और हर कोई यह जानना चाहता है कि आखिर इन मामलों की सच्चाई क्या है।
सबसे पहले बात करते हैं उत्तर प्रदेश के सहारनपुर से सामने आए उस सनसनीखेज मामले की जिसने हर किसी को हैरान कर दिया है। यहां एक रिटायर्ड कर्नल ने अपने भाई की मौत के पाँच साल बाद हत्या की आशंका जताई है। उनका सीधा आरोप है कि उनके भाई के शव का अंतिम संस्कार करने से पहले पुलिस या डॉक्टरों ने ढंग से पोस्टमार्टम नहीं कराया था। इस मामले के सामने आने के बाद प्रशासनिक हलकों में हड़कंप मच गया है और पुरानी फाइलों को दोबारा खंगाला जा रहा है। परिवार का कहना है कि उन्हें शुरुआत से ही इस मौत पर शक था लेकिन तब हालात ऐसे थे कि वे खुलकर आवाज नहीं उठा पाए थे। अब रिटायर्ड कर्नल के इस खुलासे के बाद पुलिस अधिकारियों पर भी दबाव बढ़ गया है कि वे इस पुराने मामले की नए सिरे से जांच करें और सच को सामने लेकर आएं।
पश्चिम बंगाल में सेना की वर्दी का रौब गांठने वाला फर्जी कर्नल गिरफ्तार
दूसरी बड़ी घटना पश्चिम बंगाल से सामने आई है जहाँ पुलिस ने एक ऐसे व्यक्ति को गिरफ्तार किया है जो लंबे समय से फर्जी कर्नल बनकर लोगों पर अपना रौब जमा रहा था। आरोपी ने गिरफ्तारी से बचने के लिए अपनी गाड़ी पर भारत सरकार लिखवा रखा था और उसके पास से कई वॉकी-टॉकी भी बरामद किए गए हैं। वह पूरी तरह से भारतीय सेना की असली जैसी दिखने वाली यूनिफॉर्म पहनकर घूमता था ताकि किसी को भी उस पर शक न हो। स्थानीय लोगों और पुलिस को जब उसकी गतिविधियों पर संदेह हुआ तो उन्होंने गाड़ी रोककर कड़ाई से पूछताछ की। पूछताछ के दौरान उसकी पोल खुल गई और पता चला कि उसका सेना से दूर-दूर तक कोई नाता नहीं है। पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि उसने इस फर्जी रसूख का इस्तेमाल करके अब तक किन-किन लोगों को ठगा है या किस तरह के अवैध काम किए हैं।
इन आपराधिक और पारिवारिक मामलों के अलावा राजनीतिक गलियारों में भी कर्नल पद से जुड़े नेताओं के बयान खासे चर्चा में हैं। उत्तराखंड के राजनीतिक परिदृश्य में कर्नल कोठियाल के बयानों ने एक बार फिर से सियासी पारा चढ़ा दिया है। उन्होंने हाल ही में कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर तीखा हमला बोला है और देश के सुरक्षा मामलों पर खुलकर अपनी बात रखी है। कर्नल कोठियाल ने राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल के समर्थन में उतरते हुए विरोधी दलों की नीतियों पर सवाल उठाए हैं। उनके इन बयानों को लेकर राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इससे राज्य की राजनीति में एक नया मोड़ आ सकता है। सेना की पृष्ठभूमि से जुड़े होने के कारण उनके बयानों को आम जनता भी काफी गंभीरता से सुन रही है और सोशल मीडिया पर इस पर लंबी बहस छिड़ गई है।
खेल के मैदान पर बारिश का खलल और कर्नल सीके नायडू ट्रॉफी
केवल अपराध और राजनीति ही नहीं बल्कि खेल जगत से भी 'कर्नल' शब्द इस ट्रेंड की बड़ी वजह बना हुआ है। देश के घरेलू क्रिकेट टूर्नामेंट में प्रतिष्ठित मानी जाने वाली 'कर्नल सीके नायडू ट्रॉफी' के मुकाबले इन दिनों खेले जा रहे हैं। हाल ही में इस टूर्नामेंट के एक अहम मैच का पहले दिन का पूरा खेल बारिश की वजह से धुल गया। युवा खिलाड़ियों के लिए यह टूर्नामेंट अपनी प्रतिभा दिखाने का एक बहुत बड़ा मंच होता है लेकिन लगातार हो रही बारिश ने टीमों और खिलाड़ियों की उम्मीदों पर पानी फेर दिया है। खेल प्रेमियों और क्रिकेट पंडितों के बीच इस ट्रॉफी के मैचों के स्कोर और मौसम के मिजाज को लेकर लगातार चर्चा की जा रही है। इस प्रकार सहारनपुर के गंभीर पारिवारिक विवाद से लेकर पश्चिम बंगाल के फर्जीवाड़े, उत्तराखंड की सियासत और क्रिकेट के मैदान तक, कर्नल से जुड़ी ये तमाम खबरें आज इंटरनेट की दुनिया में सबसे ऊपर ट्रेंड कर रही हैं।






