नई दिल्ली के कनॉट प्लेस इलाके में उस वक्त जोरदार हंगामा मच गया जब विपक्षी दलों के प्रदर्शन के दौरान एक कश्मीरी युवक की जमकर पिटाई कर दी गई। पीड़ित युवक की पहचान फहीम नजीर के रूप में हुई है। फहीम ने मीडिया के सामने आकर दावा किया है कि उसने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के समर्थन में नारे लगाए थे, जिसके बाद वहां मौजूद कांग्रेस पार्टी के कार्यकर्ताओं ने उस पर हमला कर दिया। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिससे राजनीतिक गलियारों में हलचल पैदा हो गई है।
घटना के सामने आने के तुरंत बाद देश की सत्ताधारी पार्टी भारतीय जनता पार्टी ने इसे लेकर कांग्रेस पार्टी को आड़े हाथों लिया। भाजपा नेताओं ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खर्गे और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर सीधा निशाना साधा है। भाजपा का आरोप है कि कांग्रेस पार्टी असहिष्णुता की हदें पार कर रही है और देश में विरोधी विचारों का गला घोंटने का काम कर रही है। भाजपा प्रवक्ताओं ने कहा कि एक आम कश्मीरी नागरिक के साथ इस तरह की हिंसा बर्दाश्त नहीं की जाएगी और यह कांग्रेस की मानसिकता को बेनकाब करती है।
कनॉट प्लेस में कैसे भड़का विवाद और क्या बोले पीड़ित फहीम नजीर?
पीड़ित फहीम नजीर ने मीडिया से बातचीत करते हुए अपनी आपबीती सुनाई और पूरी घटना की जानकारी दी। फहीम ने स्पष्ट रूप से कहा कि उसने किसी भी नेता के खिलाफ अपशब्द या गाली का इस्तेमाल नहीं किया था। उसने केवल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के समर्थन में अपनी बात रखी थी और नारे लगाए थे। फहीम का कहना है कि लोकतांत्रिक देश में हर नागरिक को अपनी पसंद के नेता का समर्थन करने का पूरा अधिकार है, लेकिन भीड़ ने उसकी एक नहीं सुनी और उस पर अचानक हमला बोल दिया गया।
इस पूरे मामले पर प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि घटना के वक्त इलाके में भारी भीड़ मौजूद थी और विपक्षी दलों का प्रदर्शन चल रहा था। प्रदर्शन के दौरान ही नारेबाजी को लेकर दोनों पक्षों के बीच बहस शुरू हो गई, जो देखते ही देखते हाथापाई में बदल गई। सुरक्षा में तैनात पुलिस कर्मियों ने बीच-बचाव कर मामले को शांत कराया और पीड़ित युवक को सुरक्षित बाहर निकाला। पुलिस अब इस पूरे मामले की गंभीरता से जांच कर रही है और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है ताकि हमलावरों की पहचान की जा सके।
विपक्ष के प्रदर्शन और मोएट्स रेस्टोरेंट के बाहर हुई झड़प के मायने
यह पूरा विवाद ऐसे समय में सामने आया है जब विपक्षी दल लगातार विभिन्न मुद्दों को लेकर केंद्र सरकार के खिलाफ आक्रामक रुख अपनाए हुए हैं। मोएट्स रेस्टोरेंट के बाहर और कनॉट प्लेस के पास हुए इस बवाल ने राजनीतिक माहौल को और ज्यादा गरमा दिया है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस तरह की घटनाएं चुनावी राज्यों और राष्ट्रीय राजधानी की राजनीति में बड़ा मुद्दा बन सकती हैं। विपक्षी दलों की तरफ से अभी तक इस मामले पर कोई बड़ा आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है, लेकिन स्थानीय नेताओं का कहना है कि भीड़भाड़ में स्थिति को गलत तरीके से पेश किया जा रहा है।
मैदान पर हालात को देखते हुए सुरक्षा एजेंसियां भी पूरी तरह सतर्क हो गई हैं ताकि किसी भी प्रकार की सांप्रदायिक या राजनीतिक अशांति न फैले। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पीड़ित की शिकायत के आधार पर कानूनी कार्रवाई की जा रही है और कानून हाथ में लेने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। द फ्रीलान्स की टीम इस मामले की लगातार जमीनी स्तर पर पड़ताल कर रही है और पुलिस तथा प्रशासनिक रिपोर्ट का इंतजार कर रही है ताकि पाठकों तक निष्पक्ष और सटीक जानकारी पहुंचाई जा सके।








