नई दिल्ली/ग्राउंड ब्यूरो — दुनिया भर के वीडियो गेम प्रेमियों की निगाहें इस समय सिर्फ एक ही नाम पर टिकी हैं और वह है 'जीटीए 6'। पिछले चौबीस घंटों के दौरान इस गेम से जुड़ी कई बड़ी और हैरान करने वाली खबरें इंटरनेट पर वायरल हो रही हैं। साइबरलीक नाम के एक ग्रुप ने इंटरनेट पर करीब 25 मिनट का नया गेमप्ले वीडियो जारी करने का दावा किया है। इस लीक के बाद से गेमिंग इंडस्ट्री में खलबली मच गई है और कंपनी की सुरक्षा व्यवस्था पर एक बार फिर बड़े सवाल खड़े हो गए हैं। गेमर्स यह जानने के लिए बेताब हैं कि क्या यह वीडियो असली है या फिर किसी ने पुरानी क्लिप को एडिट करके नया रूप दे दिया है।
इस बीच, माइक्रोसॉफ्ट के एक्सबॉक्स को लेकर भी बड़ी जानकारी सामने आई है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, एक्सबॉक्स ने इस बहुप्रतीक्षित गेम के विशेष स्ट्रीमिंग अधिकार प्राप्त कर लिए हैं। हालांकि, कंपनी ने यह भी साफ कर दिया है कि 'जीटीए 6' को एक्सबॉक्स क्लाउड गेमिंग के जरिए सीधे पर्सनल कंप्यूटर पर नहीं खेला जा सकेगा। इस पाबंदी ने उन पीसी गेमर्स को निराश किया है जो क्लाउड के जरिए बिना भारी-भरकम हार्डवेयर खरीदे इस गेम का आनंद लेना चाहते थे। तकनीकी विशेषज्ञों का मानना है कि रॉकस्टार गेम्स अपने इस प्रोजेक्ट को लेकर बेहद सख्त नीतियां अपना रहा है ताकि गेम की सुरक्षा और उसके ग्राफिक्स की गुणवत्ता पर कोई आंच न आए।
400 डॉलर का खर्च बचाने के लिए 3D प्रिंटर का विकल्प
गेम के आधिकारिक लॉन्च से पहले ही बाजार में इसका क्रेज इस हद तक बढ़ चुका है कि लोग इसके कलेक्बिल्स की तलाश में जुट गए हैं। हाल ही में सामने आई रिपोर्टों में बताया गया है कि जो फैंस 'जीटीए 6' के कलेक्टर एडिशन पर चार सौ डॉलर खर्च नहीं करना चाहते हैं, वे अब घर पर ही 3डी प्रिंटर की मदद से इसकी प्रतिकृतियां तैयार कर रहे हैं। तकनीक के जानकारों का कहना है कि यह तरीका उन लोगों के लिए एक सस्ता विकल्प बन गया है जो महंगे आधिकारिक मर्चेंडाइज खरीदने में असमर्थ हैं। सोशल मीडिया पर इन 3डी प्रिंटेड मॉडल्स की तस्वीरें तेजी से वायरल हो रही हैं और लोग अपने घरों में ही गेम के किरदारों के छोटे मॉडल बना रहे हैं।
दूसरी ओर, भारत के गेमिंग समुदाय में एक स्थानीय यूट्यूबर को लेकर भी काफी चर्चा गर्म है। सोशल मीडिया पर ऐसे दावे किए जा रहे हैं कि मशहूर भारतीय यूट्यूबर सौरव जोशी को 'जीटीए 6' के अंदर एक विशेष कैरेक्टर के रूप में शामिल किया जा सकता है। इन अफवाहों के तूल पकड़ने के बाद से भारतीय फैंस के बीच उत्सुकता और ज्यादा बढ़ गई है। हालांकि, जब इस दावे की गहराई से पड़ताल की गई तो पता चला कि यह केवल सोशल मीडिया पर चल रही कयासबाजी और मीम्स का हिस्सा है। रॉकस्टार गेम्स की तरफ से इस तरह की किसी भी भारतीय हस्ती को गेम में शामिल किए जाने की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।
बाजार में सुरक्षा और लीक रोकने की बड़ी चुनौती
रॉकस्टार गेम्स के सामने इस समय सबसे बड़ी चुनौती अपने प्रोजेक्ट को अंतिम चरण में लीक होने से बचाने की है। इससे पहले भी इस गेम के कई बड़े हिस्से इंटरनेट पर लीक हो चुके हैं, जिससे कंपनी की योजनाओं को तगड़ा झटका लगा था। ताजा लीक के बाद सुरक्षा एजेंसियों और डेवलेपर्स ने अपनी आंतरिक जांच और कड़ी कर दी है। गेमिंग बाजार के जानकारों का कहना है कि बार-बार हो रहे इन लीक्स से कंपनी की मार्केटिंग स्ट्रैटेजी पर असर पड़ रहा है, लेकिन इसके बावजूद फैंस के बीच गेम को लेकर दीवानगी कम होने का नाम नहीं ले रही है।
आने वाले दिनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि कंपनी इन अनधिकृत लीक्स और अफवाहों से निपटने के लिए क्या कदम उठाती है। गेमर्स और विश्लेषक लगातार हर छोटे-बड़े अपडेट पर नजर बनाए हुए हैं ताकि यह पता चल सके कि गेम का वास्तविक संस्करण बाजार में कब तक उतरेगा। फिलहाल, इंटरनेट पर तैर रही इन तमाम जानकारियों के बीच असली और नकली की पहचान करना ही सबसे बड़ा काम बन गया है, और जब तक कंपनी खुद कोई आधिकारिक बयान नहीं देती, तब तक इस तरह की चर्चाएं बाजार में गर्म रहेंगी।
फैंस और तकनीकी जानकारों की मिली-जुली प्रतिक्रिया
इस पूरी स्थिति पर देश-विदेश के गेमर्स और तकनीकी विश्लेषकों की अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। कुछ लोगों का मानना है कि इस तरह के लीक जानबूझकर हाइप बनाने के लिए किए जाते हैं, वहीं अधिकांश विशेषज्ञों का कहना है कि यह साइबर सुरक्षा में बड़ी चूक का नतीजा है। भारत के युवा गेमर्स भी सोशल मीडिया पर इन लीक वीडियो और यूट्यूबर से जुड़ी अफवाहों पर खुलकर अपनी राय रख रहे हैं। द फ्रीलान्स की टीम इस मामले पर लगातार नजर बनाए हुए है और जैसे ही कोई पुख्ता आधिकारिक जानकारी सामने आएगी, पाठकों तक सबसे पहले पहुंचाई जाएगी।








