विज्ञापन • ADVERTISEMENT
होम/देश/नीट पीजी 2026 की आंसर-की पर बढ़ा विवाद, सुप्रीम कोर्ट में चुनौती और छात्रों का गुस्सा
देशपढ़ने में समय: 4 मिनट

नीट पीजी 2026 की आंसर-की पर बढ़ा विवाद, सुप्रीम कोर्ट में चुनौती और छात्रों का गुस्सा

नीट पीजी 2026 की आंसर-की और परीक्षा प्रणाली को लेकर विवाद गहरा गया है। इंडियन मेडिकल एसोसिएशन ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर वास्तविक प्रश्न और उत्तर मांगने की मांग की है। छात्रों का कहना है कि आंसर-की में पारदर्शिता की कमी है और यह उनके भविष्य के साथ खिलवाड़ है।
✍️
नेशनल डेस्क, द फ्रीलांस
राष्ट्रीय संपादकीय ब्यूरो•15 अक्टूबर 2026 • अपडेटेड•29
🌐Read in English →
शेयर करें:
नीट पीजी 2026 की आंसर-की पर बढ़ा विवाद, सुप्रीम कोर्ट में चुनौती और छात्रों का गुस्सा
📷 नीट पीजी 2026 की आंसर-की पर बढ़ा विवाद, सुप्रीम कोर्ट में चुनौती और छात्रों का गुस्सा — मुख्य घटनाक्रमफोटो साभार: रॉयटर्स / एजेंसीज़ / सोशल मीडिया

खबर की बड़ी बातें (Key Highlights)

  • नीट पीजी 2026 की आंसर-की और परीक्षा प्रणाली को लेकर विवाद गहरा गया है। इंडियन मेडिकल एसोसिएशन ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर वास्तविक प्रश्न और उत्तर मांगने की मांग की है। छात्रों का कहना है कि आंसर-की में पारदर्शिता की कमी है और यह उनके भविष्य के साथ खिलवाड़ है।
  • इस खबर से जुड़े सभी पहलुओं की जांच और निगरानी संबंधित विभागों द्वारा की जा रही है।
  • विशेषज्ञों के अनुसार इस घटनाक्रम का आम जनता पर सीधा असर पड़ सकता है।

नई दिल्ली/ग्राउंड ब्यूरो — देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा 'नीट पीजी 2026' को लेकर विवाद अब अदालत की दहलीज तक पहुंच गया है। नेशनल बोर्ड ऑफ एग्जामिनेशन इन मेडिकल साइंसेज यानी एनबीईएमएस की ओर से जारी की गई प्रोविजनल आंसर-की को लेकर छात्रों और डॉक्टरों में भारी नाराजगी है। स्थिति यह है कि इंडियन मेडिकल एसोसिएशन यानी आईएमए ने सीधे सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। डॉक्टरों और छात्रों का आरोप है कि परीक्षा के नाम पर जो आंसर-की दी गई है, वह पूरी तरह से भ्रामक है और इसमें कई तरह की गड़बड़ियां हैं।

परीक्षा देने वाले छात्र लंबे समय से मांग कर रहे थे कि उन्हें परीक्षा के असली प्रश्न पत्र, उनके द्वारा दिए गए विकल्प और सही उत्तरों की पूरी जानकारी दी जाए। लेकिन पहली बार आंसर-की सामने आने के बाद भी छात्रों का गुस्सा शांत नहीं हुआ है, बल्कि यह और बढ़ गया है। छात्रों का कहना है कि यह पारदर्शी व्यवस्था नहीं है बल्कि एक ऐसा दिखावा है जिससे उनकी मेहनत पर पानी फेर दिया जा रहा है। मेडिकल छात्रों का यह भी तर्क है कि अगर सही समय पर इस मामले में दखल नहीं दिया गया तो हजारों डॉक्टरों का करियर अधर में लटक जाएगा।

सुप्रीम कोर्ट में आईएमए की याचिका और छात्रों की मुख्य मांगें

इंडियन मेडिकल एसोसिएशन ने इस मामले में सुप्रीम कोर्ट में जो याचिका दाखिल की है, उसमें मुख्य रूप से यह मांग की गई है कि छात्रों को उनके वास्तविक प्रश्न और सही उत्तर उपलब्ध कराए जाएं। अदालत में सुनवाई के दौरान यह बात भी सामने आई है कि परीक्षा प्रणाली की पूरी जांच और ऑडिट के लिए सरकार ने 12 सदस्यों का एक विशेष पैनल भी बनाया है। लेकिन इसके बावजूद छात्रों और डॉक्टरों का भरोसा पूरी तरह से बहाल नहीं हो पा रहा है। उनका कहना है कि जब तक हर छात्र को उसकी कॉपी और सही उत्तर देखने का पूरा मौका नहीं मिलता, तब तक इस परीक्षा के परिणामों पर सवाल बने रहेंगे।

एनबीईएमएस ने अपनी सफाई में कहा है कि इस बार पहली बार आंसर-की जारी की गई है और छात्रों को इसे चैलेंज करने का मौका भी दिया जा रहा है। बोर्ड के अनुसार, तय समय सीमा के भीतर छात्र अपनी आपत्तियां ऑनलाइन दर्ज करा सकते हैं। इसके बाद विशेषज्ञों की टीम इन आपत्तियों की जांच करेगी और फिर अंतिम रिजल्ट तैयार किया जाएगा। बोर्ड का दावा है कि पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता बरतने की पूरी कोशिश की जा रही है ताकि किसी भी छात्र के साथ नाइंसाफी न हो सके।

विज्ञापन • ADVERTISEMENT

परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और आगे की राह

जमीनी स्तर पर पड़ताल करने पर यह बात साफ हो जाती है कि मेडिकल प्रवेश परीक्षाओं को लेकर छात्रों का भरोसा पिछले कुछ समय से डगमगाया है। नीट जैसी देश की सबसे कठिन परीक्षाओं में इस तरह के विवाद छात्रों के मानसिक तनाव को और बढ़ा देते हैं। देश भर के मेडिकल कॉलेज में दाखिला पाने का सपना देखने वाले ये युवा डॉक्टर हर साल कड़ी मेहनत करते हैं। ऐसे में परीक्षा के ठीक बाद इस तरह की तकनीकी और प्रशासनिक उलझनें उनके लिए किसी सदमे से कम नहीं होती हैं।

अब सबकी निगाहें सुप्रीम कोर्ट के अगले फैसले पर टिकी हैं कि अदालत इस पूरे विवाद पर क्या रुख अपनाती है। क्या कोर्ट छात्रों के पक्ष में कोई कड़ा आदेश देता है या फिर बोर्ड की तरफ से बनाई गई कमेटियों की रिपोर्ट के आधार पर ही आगे की प्रक्रिया चलेगी। द फ्रीलान्स की टीम इस मामले पर लगातार नजर बनाए हुए है और जैसे ही कोई नया अपडेट आएगा, हम सबसे पहले आप तक पहुंचाएंगे। तब तक छात्रों को सलाह दी जा रही है कि वे धैर्य रखें और आधिकारिक वेबसाइट पर नजर बनाए रखें।

प्रायोजित • SPONSORED
❤️
100% पाठक समर्थित मीडिया

निष्पक्ष व निडर पत्रकारिता को आपका साथ चाहिए

द फ्रीलांस बिना किसी कॉर्पोरेट या राजनीतिक दबाव के जनसरोकार की खबरें आप तक पहुँचाता है। आपका छोटा सा योगदान भी हमारी स्वतंत्रता की ताकत है।

संबंधित खबरें

सुप्रीम कोर्ट में गृह सचिव गोविंद मोहन की बिना शर्त माफी, दिल्ली प्रदर्शन के दौरान इंटरनेट बैन पर दी सफाई

सुप्रीम कोर्ट में गृह सचिव गोविंद मोहन की बिना शर्त माफी, दिल्ली प्रदर्शन के दौरान इंटरनेट बैन पर दी सफाई

कर्नाटक हाई कोर्ट का बड़ा फैसला: अनुसूचित जातियों और जनजातियों का कोटा बढ़ाने का नियम रद्द

कर्नाटक हाई कोर्ट का बड़ा फैसला: अनुसूचित जातियों और जनजातियों का कोटा बढ़ाने का नियम रद्द

सुप्रीम कोर्ट के नोटिस पर सोशल मीडिया छिड़ी बहस, जनता की राय

सुप्रीम कोर्ट के नोटिस पर सोशल मीडिया छिड़ी बहस, जनता की राय

दिल्ली प्रदर्शन के दौरान इंटरनेट पाबंदी मामला: गृह सचिव गोविंद मोहन ने सुप्रीम कोर्ट से मांगी बिना शर्त माफी

दिल्ली प्रदर्शन के दौरान इंटरनेट पाबंदी मामला: गृह सचिव गोविंद मोहन ने सुप्रीम कोर्ट से मांगी बिना शर्त माफी

मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानवेश कुमार के खिलाफ विवाद और इंदौर में बूथ स्तरीय अधिकारियों की बैठक

मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानवेश कुमार के खिलाफ विवाद और इंदौर में बूथ स्तरीय अधिकारियों की बैठक

सुप्रीम कोर्ट पहुंचे व्यापारी: दिल्ली में प्रदर्शन के चलते खान मार्केट से कनॉट प्लेस तक कारोबार ठप

सुप्रीम कोर्ट पहुंचे व्यापारी: दिल्ली में प्रदर्शन के चलते खान मार्केट से कनॉट प्लेस तक कारोबार ठप

देशभर के उपचुनावों में राजनीतिक हलचल: बिठूर से लेकर नंदीग्राम तक बीजेपी का दबदबा, तमिलनाडु में नए दलों की एंट्री

देशभर के उपचुनावों में राजनीतिक हलचल: बिठूर से लेकर नंदीग्राम तक बीजेपी का दबदबा, तमिलनाडु में नए दलों की एंट्री

पूर्व आईएएस दिव्या मित्तल ने राजनीति में रखा कदम, नई पार्टी 'जननीति भारत' का किया ऐलान और 2027 चुनाव लड़ने का किया फैसला

पूर्व आईएएस दिव्या मित्तल ने राजनीति में रखा कदम, नई पार्टी 'जननीति भारत' का किया ऐलान और 2027 चुनाव लड़ने का किया फैसला

✍️

नेशनल डेस्क, द फ्रीलांस

सत्यापित संपादकीय डेस्क

राजनीतिक, नीतिगत एवं राष्ट्रीय सरोकार रिपोर्टिंग टीम

द फ्रीलांस की राष्ट्रीय संपादकीय डेस्क देश की राजनीति, संसद, नीतिगत फैसलों, केंद्रीय योजनाओं और जनसरोकार से जुड़े बड़े मुद्दों पर 24/7 निष्पक्ष, तथ्यपरक और खोजी रिपोर्टिंग करती है। यह टीम दोहरे तथ्य-सत्यापन के कठोर सिद्धांतों का पालन करती है। हम निष्पक्ष, सटीक और तथ्यात्मक पत्रकारिता के लिए प्रतिबद्ध हैं। यह समाचार रिपोर्ट विभिन्न प्रमाणित समाचार एजेंसियों, आधिकारिक बयानों और स्थानीय संवाददाताओं से प्राप्त इनपुट के आधार पर तैयार की जाती है।

विज्ञापन • ADVERTISEMENT

संबंधित विजुअल स्टोरीज (Web Stories)

TAP TO VIEW

‘rahul-gandhi-supreme-court-election-commission’ व देश से जुड़ी अन्य बड़ी खबरें

सुप्रीम कोर्ट में गृह सचिव गोविंद मोहन की बिना शर्त माफी, दिल्ली प्रदर्शन के दौरान इंटरनेट बैन पर दी सफाईNATIONAL

सुप्रीम कोर्ट में गृह सचिव गोविंद मोहन की बिना शर्त माफी, दिल्ली प्रदर्शन के दौरान इंटरनेट बैन पर दी सफाई

15 अक्टू॰31
कर्नाटक हाई कोर्ट का बड़ा फैसला: अनुसूचित जातियों और जनजातियों का कोटा बढ़ाने का नियम रद्दNATIONAL

कर्नाटक हाई कोर्ट का बड़ा फैसला: अनुसूचित जातियों और जनजातियों का कोटा बढ़ाने का नियम रद्द

15 अक्टू॰33
सुप्रीम कोर्ट के नोटिस पर सोशल मीडिया छिड़ी बहस, जनता की रायNATIONAL

सुप्रीम कोर्ट के नोटिस पर सोशल मीडिया छिड़ी बहस, जनता की राय

15 अक्टू॰48
दिल्ली प्रदर्शन के दौरान इंटरनेट पाबंदी मामला: गृह सचिव गोविंद मोहन ने सुप्रीम कोर्ट से मांगी बिना शर्त माफीNATIONAL

दिल्ली प्रदर्शन के दौरान इंटरनेट पाबंदी मामला: गृह सचिव गोविंद मोहन ने सुप्रीम कोर्ट से मांगी बिना शर्त माफी

15 अक्टू॰31
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानवेश कुमार के खिलाफ विवाद और इंदौर में बूथ स्तरीय अधिकारियों की बैठकNATIONAL

मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानवेश कुमार के खिलाफ विवाद और इंदौर में बूथ स्तरीय अधिकारियों की बैठक

15 अक्टू॰46
सुप्रीम कोर्ट पहुंचे व्यापारी: दिल्ली में प्रदर्शन के चलते खान मार्केट से कनॉट प्लेस तक कारोबार ठपNATIONAL

सुप्रीम कोर्ट पहुंचे व्यापारी: दिल्ली में प्रदर्शन के चलते खान मार्केट से कनॉट प्लेस तक कारोबार ठप

16 अक्टू॰34
देशभर के उपचुनावों में राजनीतिक हलचल: बिठूर से लेकर नंदीग्राम तक बीजेपी का दबदबा, तमिलनाडु में नए दलों की एंट्रीNATIONAL

देशभर के उपचुनावों में राजनीतिक हलचल: बिठूर से लेकर नंदीग्राम तक बीजेपी का दबदबा, तमिलनाडु में नए दलों की एंट्री

15 अक्टू॰36
पूर्व आईएएस दिव्या मित्तल ने राजनीति में रखा कदम, नई पार्टी 'जननीति भारत' का किया ऐलान और 2027 चुनाव लड़ने का किया फैसलाPOLITICS

पूर्व आईएएस दिव्या मित्तल ने राजनीति में रखा कदम, नई पार्टी 'जननीति भारत' का किया ऐलान और 2027 चुनाव लड़ने का किया फैसला

15 अक्टू॰49
विज्ञापन • ADVERTISEMENT